मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव और ईरान की जवाबी कार्रवाई के बीच संयुक्त राज्य अमेरिका ने एक बड़ा सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने अपने नागरिकों को 14 खाड़ी और मध्य पूर्वी देशों को तत्काल प्रभाव से छोड़ने का निर्देश दिया है। यह परामर्श क्षेत्र में सुरक्षा स्थितियों के तेजी से बिगड़ने और संभावित सैन्य टकरावों के मद्देनजर जारी किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, नागरिकों को उपलब्ध व्यावसायिक परिवहन का उपयोग करके जल्द से जल्द इन क्षेत्रों से प्रस्थान करने का आग्रह किया गया है।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय का आधिकारिक परामर्श
कांसुलर मामलों की सहायक सचिव, मोरा नामदार ने आधिकारिक तौर पर इस सुरक्षा चेतावनी की पुष्टि की है और उनके द्वारा साझा किए गए संदेश के अनुसार, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने गंभीर सुरक्षा जोखिमों का हवाला देते हुए अमेरिकियों से इन देशों को छोड़ने का आग्रह किया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान परिस्थितियों में सुरक्षा की गारंटी देना चुनौतीपूर्ण हो गया है, इसलिए नागरिकों को व्यावसायिक उड़ानों या अन्य उपलब्ध साधनों का उपयोग करना चाहिए।
प्रभावित देशों की सूची और सुरक्षा अलर्ट
अमेरिकी प्रशासन द्वारा जारी की गई सूची में मध्य पूर्व के प्रमुख देश और क्षेत्र शामिल हैं। इनमें इज़रायल (वेस्ट बैंक और गाजा सहित), ईरान, इराक, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), कुवैत, कतर, जॉर्डन, लेबनान, मिस्र, बहरीन, ओमान और सीरिया के नाम शामिल हैं। इन देशों में मौजूद अमेरिकी नागरिकों को सतर्क रहने और स्थानीय दूतावासों के संपर्क में रहने के निर्देश दिए गए हैं।
ईरान की जवाबी कार्रवाई और क्षेत्रीय प्रभाव
रिपोर्टों के अनुसार, 28 फरवरी को ईरान पर हुए अमेरिकी और इज़रायली हमलों के बाद स्थिति अनियंत्रित हो गई है। उन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई और उनके परिवार के सदस्यों सहित ईरानी रक्षा नेतृत्व के कई वरिष्ठ अधिकारियों के मारे जाने की खबर है। इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी देशों में विभिन्न ठिकानों पर मिसाइलें और ड्रोन दागने शुरू कर दिए हैं और ईरान के इस पलटवार ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को अस्थिर कर दिया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति की चेतावनी और सैन्य रुख
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस स्थिति पर कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि ईरान पर सैन्य कार्रवाई जारी रह सकती है। राष्ट्रपति के अनुसार, यदि आवश्यकता पड़ी तो अमेरिका जमीनी सेना उतारने से भी पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने संकेत दिया है कि ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों को और अधिक निशाना बनाया जा सकता है। वर्तमान में दोनों पक्षों के बीच जारी इस संघर्ष का आज चौथा दिन है और तनाव कम होने के कोई संकेत नहीं मिल रहे हैं।
हताहतों की संख्या और वर्तमान जमीनी स्थिति
ईरान के भीतर और सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है। आधिकारिक आंकड़ों और रिपोर्टों के अनुसार, ईरान के 130 से अधिक शहरों पर बमबारी हुई है। इस सैन्य संघर्ष में अब तक 555 से अधिक लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुँचा है और कई क्षेत्रों में संचार सेवाएं बाधित हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रख रहा है, जबकि क्षेत्र में मानवीय संकट गहराने की आशंका जताई जा रही है।
