अक्षरा सिंह ने भोजपुरी गानों में अश्लीलता पर जताया खेद, साझा किए अनुभव

भोजपुरी अभिनेत्री अक्षरा सिंह ने हाल ही में एक साक्षात्कार में स्वीकार किया कि करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने भाषा की समझ न होने के कारण कई डबल मीनिंग गानों में काम किया, जिस पर अब उन्हें पछतावा होता है।

भोजपुरी फिल्म उद्योग की प्रमुख अभिनेत्री अक्षरा सिंह ने हाल ही में एक साक्षात्कार के दौरान अपने करियर के शुरुआती दौर और उद्योग में व्याप्त अश्लीलता को लेकर महत्वपूर्ण खुलासे किए हैं। सिद्धार्थ कन्नन को दिए गए इस साक्षात्कार में अभिनेत्री ने स्वीकार किया कि उन्होंने अपने करियर के शुरुआती वर्षों में कई ऐसे गानों में अभिनय किया जिनमें 'डबल मीनिंग' या द्विअर्थी संवाद और शब्द शामिल थे। अक्षरा सिंह के अनुसार, उस समय उन्हें उन शब्दों के गहरे अर्थों की समझ नहीं थी, जिसके कारण उन्होंने अनजाने में उन परियोजनाओं का हिस्सा बनना स्वीकार किया। अभिनेत्री ने स्पष्ट किया कि अब परिपक्वता आने के बाद उन्हें उन निर्णयों पर पछतावा होता है।

भाषा की समझ का अभाव और शुरुआती चुनौतियां

अक्षरा सिंह ने साक्षात्कार में बताया कि उनका पालन-पोषण पटना में एक ऐसे परिवार में हुआ था जहाँ मुख्य रूप से हिंदी भाषा का प्रयोग किया जाता था। उन्होंने साझा किया कि हालांकि वह अपनी नानी से कभी-कभी भोजपुरी सुनती थीं, लेकिन वह इस भाषा में पूरी तरह से पारंगत नहीं थीं। अभिनेत्री के अनुसार, जब उन्होंने भोजपुरी फिल्म उद्योग में कदम रखा, तो उन्हें भाषा के 'डीप वर्ड्स' या गहरे अर्थ वाले शब्दों की जानकारी नहीं थी। इसी भाषाई अंतर के कारण वह गानों की बीट और संगीत पर ध्यान देती थीं, लेकिन उनके पीछे छिपे अश्लील या द्विअर्थी अर्थों को समझने में विफल रहीं। उन्होंने बताया कि वह अक्सर केवल संगीत की धुन पर नृत्य करके घर लौट आती थीं और उन्हें बाद में अहसास होता था कि उन शब्दों का अर्थ क्या था।

गानों के चयन और फिल्मांकन पर अभिनेत्री का पछतावा

साक्षात्कार के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें उन गानों या दृश्यों को लेकर अब पछतावा होता है, तो अक्षरा सिंह ने सकारात्मक उत्तर दिया। उन्होंने कहा कि एक कलाकार के रूप में उन्हें अब यह महसूस होता है कि उन्हें उन गानों के अर्थ के बारे में पूछना चाहिए था या उन्हें बेहतर तरीके से समझना चाहिए था और अभिनेत्री ने स्वीकार किया कि अब जब वह उन पुराने गानों को देखती हैं, तो उन्हें आश्चर्य होता है कि उन्होंने ऐसे प्रोजेक्ट्स के लिए सहमति कैसे दी। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि वह इसे अपनी सीखने की प्रक्रिया और यात्रा का एक हिस्सा मानती हैं। उनके अनुसार, ईश्वर ने शायद उनके लिए यही मार्ग चुना था, जिससे उन्हें उद्योग की बारीकियों को समझने में मदद मिली।

भोजपुरी फिल्म उद्योग की वर्तमान स्थिति पर टिप्पणी

अक्षरा सिंह ने केवल अपने व्यक्तिगत अनुभवों तक ही सीमित न रहकर पूरे भोजपुरी फिल्म उद्योग की वर्तमान स्थिति पर भी अपनी राय साझा की। उन्होंने स्वीकार किया कि भोजपुरी सिनेमा में अश्लीलता और फूहड़ता एक बड़ी समस्या रही है। अभिनेत्री ने चर्चा के दौरान यह भी कहा कि वर्तमान में भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री काफी सिमट गई है और एक तरह से अपने अस्तित्व के संकट से जूझ रही है। उन्होंने उद्योग के भीतर काम करने के तरीकों और कैमरा एंगल्स जैसे तकनीकी पहलुओं पर भी बात की, जो अक्सर विवादों का कारण बनते हैं। उनके अनुसार, उद्योग को अपनी छवि सुधारने के लिए सामग्री की गुणवत्ता पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

निजी जीवन और पेशेवर सफर के अन्य पहलुओं पर चर्चा

इस विस्तृत बातचीत में अक्षरा सिंह ने अपने पेशेवर प्रतिद्वंद्वियों और सह-कलाकारों जैसे पवन सिंह और खेसारी लाल यादव के साथ अपने संबंधों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने अपने निजी जीवन के संघर्षों और महंगी वस्तुओं के प्रति अपने शौक के बारे में भी जानकारी साझा की। अभिनेत्री ने बताया कि कैसे उन्होंने समय के साथ खुद को एक स्वतंत्र कलाकार के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अब वह अपने काम और गानों के चयन को लेकर बहुत सतर्क रहती हैं ताकि भविष्य में उन्हें अपने पेशेवर निर्णयों पर पछताना न पड़े। यह साक्षात्कार अभिनेत्री के करियर के एक ऐसे पहलू को उजागर करता है जिसे अक्सर क्षेत्रीय सिनेमा में नजरअंदाज कर दिया जाता है।