विक्रांत मैसी: टीवी के साइड रोल से नेशनल अवॉर्ड तक का शानदार सफर

विक्रांत मैसी ने टेलीविजन से अपने करियर की शुरुआत की और अपनी मेहनत के दम पर बॉलीवुड में एक खास मुकाम हासिल किया। '12वीं फेल' के लिए नेशनल अवॉर्ड जीतकर उन्होंने इंडस्ट्री में आउटसाइडर्स के लिए एक नई मिसाल पेश की है।

भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में टेलीविजन से बड़े पर्दे तक का सफर तय करना किसी भी कलाकार के लिए चुनौतीपूर्ण माना जाता है। विक्रांत मैसी उन चुनिंदा अभिनेताओं में से एक हैं जिन्होंने न केवल इस बाधा को पार किया बल्कि अपनी अदाकारी के दम पर राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (National Award) भी अपने नाम किया। विक्रांत की सफलता की कहानी उन कलाकारों के लिए प्रेरणा है जो बिना किसी फिल्मी बैकग्राउंड के इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाना चाहते हैं।

वॉशरूम के बाहर मिला था पहला एक्टिंग ब्रेक

विक्रांत मैसी का अभिनय की दुनिया में प्रवेश काफी दिलचस्प रहा है और उन्होंने एक साक्षात्कार में खुलासा किया था कि उन्हें अपना पहला एक्टिंग ऑफर एक मॉल के वॉशरूम के बाहर मिला था। विक्रांत वहां कतार में खड़े थे जब एक टीवी एग्जीक्यूटिव ने उनसे पूछा कि क्या वह अभिनय करना चाहेंगे। उस समय उन्हें महीने में केवल चार एपिसोड शूट करने थे और प्रति एपिसोड ₹6000 का भुगतान किया जाना था। विक्रांत ने इस अवसर को तुरंत स्वीकार कर लिया और यहीं से उनके पेशेवर अभिनय करियर की नींव पड़ी।

टेलीविजन पर 'बालिका वधू' से मिली घर-घर पहचान

विक्रांत मैसी ने अपने करियर के शुरुआती दौर में टेलीविजन पर कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। उन्हें सबसे बड़ी पहचान कलर्स टीवी के लोकप्रिय धारावाहिक 'बालिका वधू' में 'श्याम' के किरदार से मिली। इस शो में उन्होंने एक प्रगतिशील व्यक्ति की भूमिका निभाई थी जो एक विधवा और गर्भवती महिला से विवाह करता है। इसके अलावा उन्होंने 'धरम वीर', 'बाबा ऐसो वर दीजो' और 'झलक दिखला जा 4' जैसे शो में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। टेलीविजन पर सफलता के बावजूद विक्रांत की नजरें हमेशा बड़े पर्दे पर टिकी थीं।

'मिर्जापुर' और ओटीटी प्लेटफॉर्म ने बदली किस्मत

विक्रांत मैसी के करियर में ओटीटी प्लेटफॉर्म का बहुत बड़ा योगदान रहा है। हालांकि उन्होंने 'लुटेरा' और 'दिल धड़कने दो' जैसी फिल्मों में सहायक भूमिकाएं निभाई थीं, लेकिन वेब सीरीज 'मिर्जापुर' में 'बबलू पंडित' के किरदार ने उन्हें रातों-रात स्टार बना दिया। इस सीरीज में उनके शांत लेकिन प्रभावशाली अभिनय को दर्शकों और समीक्षकों ने खूब सराहा। इसके बाद उन्होंने 'छपाक', 'हसीन दिलरुबा' और 'गैसलाइट' जैसी फिल्मों में मुख्य भूमिकाएं निभाकर अपनी वर्सटाइल एक्टिंग का लोहा मनवाया।

'12वीं फेल' और नेशनल अवॉर्ड की ऐतिहासिक उपलब्धि

विक्रांत मैसी के करियर का सबसे महत्वपूर्ण मोड़ विधु विनोद चोपड़ा की फिल्म '12वीं फेल' साबित हुई। आईपीएस अधिकारी मनोज कुमार शर्मा के जीवन पर आधारित इस फिल्म में विक्रांत ने मुख्य भूमिका निभाई। फिल्म में उनके यथार्थवादी अभिनय ने देशभर के दर्शकों का दिल जीत लिया। इस फिल्म के लिए विक्रांत मैसी को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का प्रतिष्ठित राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान किया गया। यह उनके करियर का पहला नेशनल अवॉर्ड है, जिसने उन्हें बॉलीवुड के ए-लिस्ट अभिनेताओं की श्रेणी में खड़ा कर दिया है।