एशियन गेम्स 2026: 13वें दिन भारत की स्वर्णिम सफलता, 16 गोल्ड के साथ टॉप 5 में पहुंचा

एशियन गेम्स 2026 के 13वें दिन भारत ने 6 स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। महिला हॉकी टीम ने 44 साल बाद गोल्ड जीता, जबकि कुश्ती, बॉक्सिंग और तीरंदाजी में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया।

एशियन गेम्स 2026 का 13वां दिन भारत के लिए पदकों की भारी बारिश लेकर आया। भारतीय एथलीटों ने विभिन्न खेल स्पर्धाओं में अपनी असाधारण प्रतिभा और जज्बे का प्रदर्शन करते हुए देश का मान बढ़ाया और आज के दिन भारत की झोली में कुल 6 स्वर्ण पदक आए, जिससे स्वर्ण पदकों की कुल संख्या 16 तक पहुंच गई है। इस शानदार प्रदर्शन की बदौलत भारत अब पदक तालिका में शीर्ष 5 देशों में शामिल हो गया है। भारत ने अब तक कुल 76 पदक अपने नाम किए हैं, जिनमें 16 गोल्ड, 25 सिल्वर और 35 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। आज के दिन भारत के खाते में कुल 6 गोल्ड, 2 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज मेडल आए, जिसने भारत की स्थिति को और मजबूत कर दिया है।

महिला हॉकी में 44 साल बाद ऐतिहासिक स्वर्ण

दिन की सबसे बड़ी और यादगार सफलता भारतीय महिला हॉकी टीम ने दर्ज की। फाइनल मुकाबले में भारत का सामना चीन से था, जहां भारतीय खिलाड़ियों ने जबरदस्त खेल दिखाते हुए चीन को 1-0 से पराजित किया। यह जीत भारतीय खेलों के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखी जाएगी क्योंकि महिला हॉकी टीम ने पूरे 44 साल के लंबे अंतराल के बाद एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ ही भारतीय टीम ने वर्ष 2028 में अमेरिका के लॉस एंजिलिस में आयोजित होने वाले ओलंपिक खेलों के लिए भी सीधे तौर पर क्वालीफाई कर लिया है। पूरे मैच के दौरान भारतीय रक्षापंक्ति ने चीन के हमलों को नाकाम रखा और अंत तक अपनी बढ़त बनाए रखी।

सुजीत कलकल का कुश्ती में चमत्कारिक प्रदर्शन

कुश्ती के अखाड़े में भारत के स्टार पहलवान सुजीत कलकल ने एक ऐसा मुकाबला जीता जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। पुरुषों के 65 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग के फाइनल में सुजीत का मुकाबला ताजिकिस्तान के पहलवान से था। एक समय सुजीत इस मुकाबले में 2-9 से पीछे चल रहे थे और उनकी हार लगभग तय लग रही थी। लेकिन भारतीय पहलवान ने हार नहीं मानी और गजब का जज्बा दिखाते हुए मैच के आखिरी पलों में लगातार तीन शानदार टेकडाउन किए। इस जबरदस्त वापसी के साथ सुजीत ने मैच को 10-9 से अपने नाम कर स्वर्ण पदक हासिल किया। उनकी इस जीत ने भारतीय खेमे में जोश भर दिया।

बॉक्सिंग रिंग में भारत का दबदबा

मुक्केबाजी के रिंग में भी भारतीय मुक्केबाजों ने अपनी ताकत का लोहा मनवाया। महिला मुक्केबाजी में लवलीना बोरगोहेन ने 75 किग्रा वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीता। वहीं, परवीन ने 65 किग्रा वर्ग में अपने प्रतिद्वंद्वी को मात देकर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। पुरुषों के वर्ग में भी सफलता का सिलसिला जारी रहा, जहां 80 किग्रा वर्ग में अंकुश पंगल ने अपनी बेहतरीन तकनीक और मुक्कों के दम पर स्वर्ण पदक जीता। इन तीन स्वर्ण पदकों ने भारत की पदक तालिका में स्थिति को काफी बेहतर बना दिया और मुक्केबाजी में भारत के वर्चस्व को साबित किया।

तीरंदाजी में दक्षिण कोरिया को हराकर रचा इतिहास

तीरंदाजी के मैदान से भी भारत के लिए एक ऐतिहासिक खबर आई और रिकर्व महिला टीम स्पर्धा के फाइनल में भारत की अंकिता भकत, कीर्ति और कुमकुम मोहोद की तिकड़ी का सामना दुनिया की सबसे मजबूत टीमों में से एक दक्षिण कोरिया से था। एक बेहद रोमांचक और कड़े मुकाबले में भारतीय तिकड़ी ने दक्षिण कोरियाई टीम को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। तीरंदाजी में यह भारत की एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है और इसके अलावा, भारत को तीरंदाजी के पुरुष रिकर्व टीम और मिक्स्ड रिकर्व टीम इवेंट में दो सिल्वर मेडल भी प्राप्त हुए।

पदक तालिका में भारत की स्थिति

एशियन गेम्स 2026 के 13वें दिन की समाप्ति तक भारत का प्रदर्शन अत्यंत सराहनीय रहा है। कुल 16 स्वर्ण, 25 रजत और 35 कांस्य पदकों के साथ भारत के कुल पदकों की संख्या 76 हो गई है। इस शानदार उपलब्धि के साथ भारत पदक तालिका में पांचवें स्थान पर काबिज है। भारतीय खिलाड़ियों का यह प्रदर्शन आने वाले दिनों के लिए और भी उम्मीदें जगाता है, क्योंकि भारत अब खेलों की दुनिया में एक बड़ी शक्ति के रूप में उभर रहा है।