कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में पैदल यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए राज्य सरकार फुटपाथ पर वाहन चलाने वालों के खिलाफ बेहद सख्त कदम उठाने की तैयारी कर रही है। शहरी विकास मंत्री कृष्णा बायरेगौड़ा ने इस संबंध में परिवहन मंत्री भैरथी सुरेश को एक औपचारिक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने फुटपाथ पर वाहन चलाने के लिए वर्तमान में निर्धारित 500 रुपये के जुर्माने को बढ़ाकर 5000 रुपये करने का कड़ा प्रस्ताव दिया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य फुटपाथों को पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त रखना और वहां अवैध रूप से वाहन चलाने वालों पर लगाम लगाना है।
पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित गलियारे
मंत्री कृष्णा बायरेगौड़ा ने अपने पत्र में इस बात का विशेष उल्लेख किया कि सर्वोच्च न्यायालय के कड़े निर्देशों के बाद शहर में फुटपाथों से अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए एक व्यापक अभियान चलाया गया था और नगर निगमों द्वारा चलाए गए इस अभियान की आम जनता ने काफी सराहना की है। हालांकि, अतिक्रमण हटने के बाद एक नई समस्या सामने आई है। अब कई दोपहिया वाहन चालक और इलेक्ट्रिक वाहन चलाने वाले लोग खाली फुटपाथों का उपयोग शॉर्टकट के रूप में करने लगे हैं और इससे पैदल चलने वाले नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि फुटपाथों का निर्माण केवल पैदल यात्रियों के लिए किया गया है और वहां किसी भी प्रकार का वाहन चलाना पूरी तरह से अस्वीकार्य है।
जुर्माने की राशि में भारी बढ़ोतरी की मांग
मंत्री ने अपने प्रस्ताव में तर्क दिया कि वर्तमान में फुटपाथ पर वाहन चलाने पर लगने वाला 500 रुपये का जुर्माना बहुत कम है। इतनी कम राशि होने के कारण नियमों का उल्लंघन करने वालों के मन में कानून का कोई डर नहीं रह गया है। उन्होंने परिवहन विभाग से आग्रह किया है कि इस जुर्माने को बढ़ाकर 5000 रुपये किया जाए। उनका मानना है कि जब जुर्माना राशि अधिक होगी, तभी लोगों में कानून का पालन करने की भावना विकसित होगी और इस तरह के उल्लंघनों पर प्रभावी रोक लग सकेगी। मंत्री के अनुसार, उन्हें नागरिकों से लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि डिलीवरी एजेंट और अन्य चालक बिना किसी डर के फुटपाथों का इस्तेमाल कर रहे हैं। यदि इस लापरवाही के कारण कोई दुर्घटना होती है, तो उसकी जिम्मेदारी तय करना भी एक बड़ी चुनौती बन जाता है।
डिलीवरी बॉय और ई-स्कूटर पर विशेष नजर
बेंगलुरु में विशेष रूप से फूड डिलीवरी करने वाले कर्मचारी और बिना नंबर प्लेट वाले इलेक्ट्रिक स्कूटर चलाने वाले लोग फुटपाथों का सबसे ज्यादा दुरुपयोग कर रहे हैं और इससे बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं को पैदल चलने में काफी परेशानी और असुरक्षा महसूस होती है। इसी मुद्दे को लेकर शहर के विभिन्न हिस्सों से बार-बार शिकायतें सामने आ रही हैं। सरकार का मानना है कि भारी जुर्माना लगाने से इस प्रवृत्ति पर रोक लगेगी।
पार्किंग और बस स्टॉप व्यवस्था में सुधार
यातायात पुलिस अधिकारियों के साथ हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में कृष्णा बायरेगौड़ा ने शहर की ट्रैफिक व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्य सड़कों पर लागू वैकल्पिक पार्किंग और एक तरफा पार्किंग नियमों को पूरी सख्ती के साथ लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि इन नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए किसी नई अधिसूचना की आवश्यकता नहीं है। यदि पार्किंग व्यवस्था सही हो जाए, तो सड़क के एक तरफ 7 से 8 फीट अतिरिक्त जगह उपलब्ध होगी, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। इसके अलावा, उन्होंने ट्रैफिक सिग्नल के पास स्थित बस स्टॉप को हटाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे बस स्टॉप सिग्नल से कम से कम 75 मीटर और जंक्शन से 50 मीटर की दूरी पर होने चाहिए ताकि बसों के रुकने से यातायात बाधित न हो।
