पंजाब / देर आए दुरुस्त आए, भारत सरकार ने अपनी गलती मानी: कृषि कानून रद्द होने के ऐलान पर रंधावा

पंजाब के उप-मुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीन कृषि कानून रद्द करने के ऐलान के बाद कहा है, "देर आए दुरुस्त आए, भारत सरकार ने अपनी गलती मानी...मैं इसका स्वागत करता हूं।" रंधावा ने कहा कि किसान आंदोलन में करीब 700 किसानों की मौत हुई, पंजाब सरकार की तरह केंद्र भी उनके परिजनों की मदद करे।

Farm Laws Repeal: प्रकाश पर्व के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले एक साल से विवादों में चल रहे तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान कर दिया है. वहीं इन कानूनों की वापसी पर सोशल मीडिया पर लोगों के रिएक्शंस आ रहे हैं. वहीं इसके अलावा राजनेता भी लगातार इस पर अपनी राय दे रहे हैं. इसी बीच पंजाब के उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है. 

'कानून वापसी में हुई देर'

पंजाब के डिप्टी सीएम सुखजिंदर ने ट्विटर लिखा, "कृषि कानूनों को निरस्त करने के निर्णय में बहुत देरी हुई है. फिर भी इसने छोटे और सीमांत किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतंत्र की विशाल शक्ति को दर्शाया है."

माफी मांगे सरकार- मनीष सिसोदिया

इसके अलावा दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा, "सरकार को उन तमाम किसान परिवारों से माफी मांगनी चाहिए जिन्होंने इस आंदोलन की वजह से अपनी जान गंवाई. भाजपा के यही लोग थे जिन्होंने किसानों को आतंकवादी बताया था. सरकार का किसानों के साथ एक साल तक ऐसा व्यवहार करना गलत था." 

खत्म नहीं होगा आंदोलन- राकेश टिकैत

तीनों कृषि कानून वापस लेने के बाद राकेश टिकैत ने कहा है कि आंदोलन तत्काल वापस नहीं होगा, हम उस दिन का इंतजार करेंगे जब कृषि कानूनों को संसद में रद्द किया जाएगा. सरकार MSP के साथ-साथ किसानों के दूसरे मुद्दों पर भी बातचीत करें.

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