कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी: नेतन्याहू और ट्रंप ने भारतीय पायलट को बताया हीरो, बचाई 174 जान

भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार ने फ्लाई दुबई के विमान में 174 यात्रियों की जान बचाकर दुनिया भर में प्रशंसा बटोरी है। चाकू के हमले में घायल होने के बावजूद उन्होंने विमान को क्रैश होने से बचाया। इजरायली पीएम नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने उन्हें सच्चा हीरो बताया है।

भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार ने अपनी जान जोखिम में डालकर और अदम्य साहस का परिचय देते हुए फ्लाई दुबई के विमान में सवार 174 यात्रियों की जान बचाई है। इस बहादुरी के लिए उनकी पूरी दुनिया में प्रशंसा हो रही है और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कैप्टन स्मित मच्छार को एक सच्चा हीरो बताया है। दुबई से तेल अवीव जा रहे इस विमान में जो कुछ भी हुआ, उसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है, लेकिन कैप्टन स्मित की सूझबूझ ने एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया।

फ्लाइट FZ-1073 में क्या हुआ?

पूरा मामला फ्लाई दुबई की फ्लाइट FZ-1073 से जुड़ा है, जो 174 यात्रियों को लेकर दुबई से तेल अवीव के लिए रवाना हुई थी। उड़ान भरने के कुछ ही घंटों बाद विमान से 'स्क्वाक कोड 7700' भेजा गया। यह कोड सामान्य आपातकालीन स्थिति का संकेत होता है। लेकिन कुछ ही समय बाद, इस कोड को बदलकर 7500 कर दिया गया। विमानन क्षेत्र में कोड 7500 का मतलब विमान का अपहरण या हाईजैकिंग होता है। जैसे ही यह सिग्नल मिला, इजरायल में हड़कंप मच गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने तुरंत एक इमरजेंसी मीटिंग बुलाई और हालात से निपटने के लिए इजरायल से 8 फाइटर जेट्स ने उड़ान भर दी।

कॉकपिट के अंदर का खौफनाक मंजर

विमान के अंदर स्थिति बेहद तनावपूर्ण थी। विमान का को-पायलट, जो ओमान का रहने वाला था, उसने विमान को क्रैश करने की कोशिश की। इस दौरान उसने कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला कर दिया। चाकू के वार से कैप्टन स्मित बुरी तरह घायल हो गए, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। घायल अवस्था में भी उन्होंने हमलावर को-पायलट का डटकर मुकाबला किया। कैप्टन स्मित ने बहादुरी दिखाते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया ताकि क्रू मेंबर्स अंदर आ सकें। इसके बाद क्रू ने मिलकर हमलावर को-पायलट को काबू में किया।

कैसे बची 174 यात्रियों की जान?

कॉकपिट के अंदर हो रही हलचल और आवाजों को विमान में आगे बैठे यात्रियों ने सुना, जिससे प्लेन में अफरा-तफरी मच गई। लोग डर गए और हंगामा शुरू हो गया। गनीमत यह रही कि उसी विमान में कुछ अन्य पायलट भी यात्री के तौर पर सफर कर रहे थे, जो अपनी बिजनेस ट्रिप पर जा रहे थे। जब स्थिति बिगड़ी, तो इन दो पायलटों ने विमान की कमान संभाली और सबसे नजदीकी एयरबेस को इसकी सूचना दी। इसके बाद विमान की सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। कैप्टन स्मित मच्छार फिलहाल घायल हैं और सऊदी अरब के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है।

बेंजामिन नेतन्याहू ने किया सलाम

कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की तारीफ करते हुए इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, "भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी को मेरा सलाम। चाकू के वार से गंभीर रूप से घायल होने के बाद भी उन्होंने हमलावर का मुकाबला किया, उसका विरोध किया, कॉकपिट का दरवाजा खोला और यात्रियों व क्रू को हमलावर पर काबू पाने में मदद की। इसकी वजह से हवा में होने वाला एक बड़ा हादसा टल गया। उन्होंने 174 लोगों की जान बचाई, जिनमें इजरायली नागरिक और अन्य देशों के लोग भी शामिल थे। मैं कैप्टन मच्छार के जल्द और पूरी तरह से ठीक होने की कामना करता हूं।

डोनाल्ड ट्रंप ने भी बताया हीरो

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कैप्टन स्मित की जमकर तारीफ की है। ट्रंप ने उन्हें 'हीरो' करार देते हुए कहा कि उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से इस बारे में बात की है। नेतन्याहू ने ट्रंप को विस्तार से बताया कि कैसे कैप्टन स्मित ने घायल होने के बावजूद सूझबूझ दिखाई और कॉकपिट का दरवाजा खोला। ट्रंप ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पायलट ने बहुत ही खराब हालत में होने के बावजूद समझदारी का परिचय दिया और वह वास्तव में एक हीरो थे जिन्होंने दरवाजा खोलकर सबकी जान बचाई।