Edible oil / खाद्य तेलों की महंगाई से चिंतित केंद्र सरकार, राज्यों को उठाए गए कदमों का सख्ती से पालन का निर्देश

त्योहारी सीजन में खाद्य तेलों की महंगाई सरकार के लिए चिंता का सबब बनी हुई है। केंद्र सरकार का मानना है कि महंगाई कम करने के लिए उसकी ओर से जितने भी कदम उठाए गए हैं उसका पूरा फायदा आम लोगों तक नहीं पहुंच रहा है। इसके लिए राज्य सरकारों को स्टॉक सीमा लगाने के निर्देश का सख्ती से पालन करने को कहा गया है।

Edible oil: त्योहारी सीजन में खाद्य तेलों की महंगाई सरकार के लिए चिंता का सबब बनी हुई है। केंद्र सरकार का मानना है कि महंगाई कम करने के लिए उसकी ओर से जितने भी कदम उठाए गए हैं उसका पूरा फायदा आम लोगों तक नहीं पहुंच रहा है। इसके लिए राज्य सरकारों को स्टॉक सीमा लगाने के निर्देश का सख्ती से पालन करने को कहा गया है। 

खाद्य तेलों की कीमत को लेकर आज यानी सोमवार को केंद्रीय खाद्य सचिव सुधांशु पांडेय ने राज्यों के खाद्य सचिवों के साथ बैठक की। बैठक में 23 राज्यों के अधिकारी शामिल हुए। बैठक में सभी राज्यों से जल्द से जल्द खाद्य तेलों पर लागू स्टॉक सीमा का निर्धारण करने को कहा गया है। केंद्र सरकार ने 8 अक्टूबर को स्टॉक सीमा लगाने का फैसला किया था। उसके बाद 12 अक्टूबर और 22 अक्टूबर को भी सभी राज्यों को स्टॉक सीमा लागू करने का निर्देश जारी किया गया था। 

हालांकि, स्टॉक सीमा के निर्धारण का फैसला राज्य सरकारों पर छोड़ा गया था, लेकिन अभी तक राज्य सरकारों की ओर से निर्देश पर पालन शुरू नहीं किया गया है। बैठक में बताया गया कि अभी तक केवल उत्तर प्रदेश ही ऐसा राज्य है, जिसने स्टॉक सीमा का निर्धारण कर दिया है। इसके अलावा गुजरात, राजस्थान और हरियाणा के अधिकारियों ने जानकारी दी कि उनके राज्यों में भी स्टॉक सीमा के निर्धारण की प्रक्रिया अंतिम चरणों में है।  

राज्यों से कहा गया कि केंद्र सरकार के उठाए कदमों का फैसला आम उपभोक्ताओं को तभी पहुंचेगा जब राज्य सरकारें सख्ती से केंद्र के आदेशों को लागू करेंगी।  बैठक में राज्यों को बताया गया कि सरकार ने आयात शुल्क खत्म करने का फैसला किया है, जिसका फायदा अभी तक आम लोगों तक पूरा नहीं पहुंच पाया है। 

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