Gold-Silver Price Today / चांदी ₹2.46 लाख के ऑल टाइम हाई पर, सोना ₹45 सस्ता होकर ₹1.37 लाख हुआ

चांदी की कीमतें आज 7 जनवरी को ₹2,894 बढ़कर ₹2,46,044 प्रति किलो के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गईं। वहीं, सोना ₹45 सस्ता होकर ₹1,36,615 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले समय में दोनों धातुओं की कीमतों में और उछाल आ सकता है।

आज, 7 जनवरी को भारतीय सर्राफा बाजार में चांदी ने एक नया इतिहास रचते हुए अपने अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के अनुसार, चांदी की कीमत में आज ₹2,894 की भारी वृद्धि दर्ज की गई, जिससे यह ₹2,46,044 प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। यह वृद्धि कल के ₹2,43,150 के स्तर से काफी ऊपर है, जो निवेशकों और उपभोक्ताओं दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण घटना है।

सोने की कीमतों में मामूली गिरावट

जहां चांदी ने रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन किया, वहीं सोने की कीमतों में आज मामूली गिरावट देखने को मिली। 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव ₹45 गिरकर ₹1,36,615 पर आ गया है। इससे पहले, सोने का भाव ₹1,36,660 पर था। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि सोने ने भी हाल ही में, विशेष रूप से 29 दिसंबर। 2025 को, ₹1,38,161 के अपने ऑल टाइम हाई को छुआ था, जो इसकी दीर्घकालिक मजबूती को दर्शाता है।

वर्ष 2025 में कीमती धातुओं का शानदार प्रदर्शन

पिछले वर्ष, यानी 2025 में, सोने और चांदी दोनों ने निवेशकों को असाधारण रिटर्न दिया है। सोने की कीमत में ₹57,033 (75%) की उल्लेखनीय वृद्धि हुई। 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव ₹76,162 था, जो 31 दिसंबर 2025 तक बढ़कर ₹1,33,195 हो गया और यह वृद्धि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग को दर्शाती है।

चांदी की कीमतों में अभूतपूर्व उछाल

चांदी ने 2025 में सोने से भी बेहतर प्रदर्शन किया, जिसकी कीमत में ₹1,44,403 (167%) का अभूतपूर्व उछाल आया। 31 दिसंबर 2024 को एक किलोग्राम चांदी की कीमत ₹86,017 थी,। जो वर्ष के अंत तक ₹2,30,420 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई। चांदी की यह जबरदस्त वृद्धि इसकी बढ़ती औद्योगिक मांग और बाजार में आपूर्ति-मांग के समीकरणों में बदलाव का परिणाम है।

सोने की तेजी के प्रमुख कारण

सोने की कीमतों में लगातार वृद्धि के पीछे कई महत्वपूर्ण कारक जिम्मेदार हैं। इनमें से तीन प्रमुख कारण हैं जो सोने को एक आकर्षक निवेश विकल्प बनाए हुए हैं।

कमजोर होता डॉलर

अमेरिका द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावना ने डॉलर को कमजोर किया है। जब डॉलर कमजोर होता है, तो अन्य मुद्राओं के धारकों के लिए सोना खरीदना सस्ता हो जाता है, जिससे सोने की मांग बढ़ती है। सोने को डॉलर के विपरीत एक सुरक्षित निवेश माना जाता है, और डॉलर की कमजोरी अक्सर सोने की कीमतों को ऊपर धकेलती है।

बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव

रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे वैश्विक संघर्ष और दुनिया भर में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव निवेशकों को सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर धकेलता है। ऐसे अनिश्चित समय में, सोना पारंपरिक रूप से एक सुरक्षित आश्रय स्थल माना जाता है, जहां निवेशक अपनी पूंजी को सुरक्षित रखने के लिए निवेश करते हैं, जिससे इसकी मांग और कीमतें बढ़ती हैं।

केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की खरीद

चीन जैसे कई देश अपने केंद्रीय बैंकों में सोने का भंडार बढ़ा रहे हैं। ये देश सालभर में 900 टन से ज्यादा सोने की खरीदारी कर रहे हैं और केंद्रीय बैंकों द्वारा बड़े पैमाने पर सोने की यह खरीदारी वैश्विक बाजार में सोने की मांग को बढ़ाती है, जिससे इसकी कीमतों पर सीधा सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

चांदी की तेजी के प्रमुख कारण

चांदी की कीमतों में हालिया उछाल भी कई विशिष्ट कारकों से प्रेरित है, जो इसे केवल एक कीमती धातु से कहीं अधिक बनाते हैं। चांदी अब केवल आभूषणों तक ही सीमित नहीं है; यह सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) जैसे उद्योगों में एक महत्वपूर्ण कच्चा माल बन गई है। इन क्षेत्रों में चांदी का भारी उपयोग इसकी औद्योगिक मांग को तेजी से बढ़ा रहा है, जिससे इसकी कीमतें ऊपर जा रही हैं।

ट्रंप के टैरिफ का डर

अमेरिकी कंपनियों में संभावित टैरिफ (शुल्क) को लेकर चिंताएं हैं, खासकर यदि पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप जैसे नेता फिर से सत्ता में आते हैं। इस डर के कारण, अमेरिकी कंपनियां चांदी का भारी स्टॉक जमा कर रही हैं ताकि भविष्य में संभावित आयात शुल्कों से बचा जा सके। यह अग्रिम खरीदारी वैश्विक आपूर्ति में कमी पैदा करती है और कीमतों को ऊपर धकेलती है।

निर्माताओं द्वारा जमाखोरी

उत्पादन रुकने या भविष्य में कीमतों में और वृद्धि होने के डर से, निर्माता पहले से ही चांदी खरीदकर उसका स्टॉक कर रहे हैं। यह प्रतिस्पर्धी खरीदारी और जमाखोरी बाजार में चांदी की उपलब्धता को कम करती है, जिससे आने वाले महीनों में भी इसकी कीमतों में तेजी बनी रहने का अनुमान है।

आने वाले दिनों में और बढ़ सकते हैं दाम

केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया के अनुसार, चांदी की मांग में अभी भी तेजी बनी हुई है और इसके आगे भी बने रहने का अनुमान है और उनका मानना है कि इस साल चांदी ₹2. 75 लाख प्रति किलोग्राम तक जा सकती है। वहीं, सोने की बात करें तो इसकी मांग में भी निरंतर तेजी बनी हुई है। अजय केडिया का अनुमान है कि इस साल के अंत तक सोना ₹1. 50 लाख प्रति 10 ग्राम के पार जा सकता है, जो निवेशकों के लिए एक और सकारात्मक संकेत है और यह पूर्वानुमान वैश्विक आर्थिक स्थितियों और कीमती धातुओं की बढ़ती उपयोगिता पर आधारित है।