नई दिल्ली | भारत सरकार ने चंद्रमान के तीसरे मिशन यानी चंद्रयान-3 परियोजना को अपनी मंजूरी दे दी है। इसरो प्रमुख के सिवन ने बुधवार को ऐलान किया कि चंद्रयान-3 को सरकार ने हरी झंडी दे दी है और इस परियोजना पर काम शुरू हो गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि आंध्र के श्रीहरिकोटा के अलावा अब तमिलनाडु में भी अंतरिक्ष केंद्र होगा। तूतीकोरिन में इसके लिए जमीन की तलाश शुरू कर दी गई है। इसरो चीफ के. सिवन ने नए साल के मौके पर कहा कि इस साल 2020 में गगनयान और चंद्रयान-3 मिशन लॉन्च किया जाएगा।
इसरो प्रमुख के सिवन ने कहा कि हमने चंद्रयान-2 को लेकर अच्छी प्रगति की। भले ही हमें सफलतापूर्वक लैंड नहीं कर पाए, मगर ऑर्बिटर अब तक काम कर रहा है और साइंस डेटा इकट्ठा करने के लिए यह अगले सात सालों तक काम करेगा।
Indian Space Research Organisation Chief K Sivan: Government has approved Chandrayan-3, the project is ongoing. pic.twitter.com/KcJVQ1KHG7
— ANI (@ANI) January 1, 2020
इसके साथ ही इसरो चीफ ने कहा कि अंतरिक्ष विज्ञान के जरिए हमारी कोशिश देशवासियों के जीवन को और बेहतर बनाने की है। उन्होंने कहा कि गगनयान मिशन पर जाने के लिए चार अंतरिक्षयात्रियों की भी पहचान की जा चुकी है। गगनयान प्रोजेक्ट का काम लगभग पूरा हो चुका है।
इससे पहले खबर आई थी कि भारत चंद्रमा के लिए अपना तीसरा मिशन 2020 में लॉन्च करेगा। अंतरिक्ष विभाग के राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने मंगलवार कहा था कि यहां सिर्फ लैंडर औक रोवर के जरिए चंद्रयान 3 चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग करेगा।
जितेंद्र सिंह ने कहा कि जी हां, लैंडर और रोवर मिशन 2020 में लॉन्च होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि चंद्रयान 2 कोई असफलता नहीं था बल्कि उससे हमने बहुत कुछ सीखा है। दुनिया को कोई भी देश पहली कोशिश में चांद पर नहीं उतर सका है। अमेरिका को कई कोशिशें लग गई थीं लेकिन हमें इतनी देर नहीं होगी।
