चीन के किंगदाओ शिपयार्ड में मरम्मत के लिए खड़े एक विदेशी मालवाहक जहाज में भीषण आग लगने की खबर सामने आई है। इस दर्दनाक हादसे में कम से कम 30 लोगों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, चीन की सरकार की ओर से अभी तक मौतों का कोई आधिकारिक आंकड़ा सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन घटनास्थल की स्थिति को देखते हुए भारी जानमाल के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। जिस जहाज में यह आग लगी है, उसकी पहचान लाइबेरिया के ध्वज वाले मालवाहक पोत ओशन मेलोडी के रूप में हुई है। यह जहाज पिछले कुछ दिनों से मरम्मत कार्य के लिए यहां खड़ा था और अचानक इसमें आग की लपटें उठने लगीं।
राहत और बचाव कार्य में जुटे शीर्ष नेता
इस भीषण आगजनी की घटना के बाद चीन के राष्ट्रपति खुद सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने घटना की गंभीरता को देखते हुए तुरंत राहत एवं बचाव कार्यों के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। राष्ट्रपति के सीधे हस्तक्षेप से यह स्पष्ट होता है कि यह घटना काफी बड़े स्तर की है। वहीं, चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग ने भी बचाव दलों को निर्देशित किया है कि जो लोग अभी भी लापता हैं, उन्हें ढूंढने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया है कि लापता लोगों की तलाश उनकी पहली प्राथमिकता है। आग पर काबू पाने के लिए फायर ब्रिगेड की कई टीमें शिपयार्ड के बाहर तैनात हैं और लगातार मशक्कत कर रही हैं।
हादसे का शिकार हुआ ओशन मेलोडी जहाज
सीसीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, यह मालवाहक जहाज किंगदाओ शिपयार्ड में तकनीकी मरम्मत के लिए लाया गया था। अचानक लगी इस आग ने जहाज के ऊपरी हिस्से को पूरी तरह से अपनी चपेट में ले लिया। सोशल मीडिया और मीडिया चैनलों पर आई तस्वीरों में जहाज का ऊपरी हिस्सा बुरी तरह जला हुआ दिखाई दे रहा है। समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, लाइबेरियाई ध्वज वाले इस जहाज का नाम ओशन मेलोडी है। हालांकि, इस बारे में अभी विस्तृत जानकारी नहीं मिल पाई है कि इस जहाज का संचालन कौन सी कंपनी कर रही थी और बताया जा रहा है कि मरने वालों में अधिकांश शिपयार्ड के कर्मचारी शामिल हैं, जो आग लगने के समय जहाज पर मरम्मत का काम कर रहे थे।
किंगदाओ शिपयार्ड की विशालता और वर्तमान स्थिति
किंगदाओ शिपयार्ड चीन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण जहाज निर्माण और मरम्मत केंद्र है। यह विशाल शिपयार्ड लगभग 815 एकड़ के विस्तृत क्षेत्र में फैला हुआ है। यह चाइना स्टेट शिपबिल्डिंग कॉर्पोरेशन का एक प्रमुख कारखाना है, जहां वाणिज्यिक जहाजों को नए सिरे से तैयार करने और उनकी मरम्मत का काम बड़े पैमाने पर किया जाता है और इतने बड़े क्षेत्र में फैले होने के कारण राहत कार्यों में भी काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी ओर, चीनी शिपयार्ड के अधिकारियों ने इस घटना पर चुप्पी साध रखी है और स्थानीय मीडिया के किसी भी सवाल का जवाब देने से इनकार कर दिया है। 815 एकड़ में फैले इस परिसर में सुरक्षा मानकों को लेकर भी अब सवाल उठने लगे हैं।
