चीन के विभिन्न हिस्सों में अचानक ड्रोन लाइट शो के आयोजन पर रोक लगा दी गई है, जिससे देश के हवाई क्षेत्र यानी एयरस्पेस पर सुरक्षा नियमों की भारी सख्ती का पता चलता है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, चीन के 11 प्रांतों और क्षेत्रों में शुक्रवार से होने वाले सभी ड्रोन शो रद्द कर दिए गए हैं। इन क्षेत्रों में इनर मंगोलिया, गांसू, शानदोंग, गुआंगदोंग और हैनान जैसे महत्वपूर्ण प्रांत शामिल हैं। सोमवार तक किसी भी प्रभावित क्षेत्र से इन शो को दोबारा शुरू करने के बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि बीजिंग सुरक्षा नियमों को लेकर बेहद गंभीर है।
हवाई क्षेत्र पर नियंत्रण और नए सुरक्षा नियम
अधिकतर स्थानों पर आयोजकों ने शो रद्द करने का मुख्य कारण एयरस्पेस कंट्रोल यानी हवाई क्षेत्र पर कड़ा नियंत्रण बताया है। हालांकि, जारी किए गए नोटिसों में इस बात का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है कि ये नए नियम वास्तव में क्या हैं और इन्हें कितने समय तक लागू रखा जाएगा। गांसू प्रांत के दुनहुआंग में एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल ने जानकारी दी कि हवाई क्षेत्र नियंत्रण के कारण ड्रोन शो को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है। इसी तरह, इनर मंगोलिया के सोनिड लेफ्ट बैनर के पर्यटन अधिकारियों ने बताया कि 8 अगस्त को होने वाला ड्रोन शो केवल इसलिए रद्द किया गया ताकि एयरस्पेस नियमों और निर्धारित उड़ान मार्गों का पूरी तरह से पालन सुनिश्चित किया जा सके।
टाइफून डॉल्फिन और मौसम का प्रभाव
हालांकि हर जगह ड्रोन शो रद्द होने की वजह केवल एयरस्पेस कंट्रोल नहीं थी। गुइझोउ और झेजियांग जैसे प्रांतों में कुछ ड्रोन शो खराब मौसम के कारण भी रद्द किए गए हैं। वहां इसका मुख्य कारण टाइफून डॉल्फिन को बताया गया है। यह तूफान रविवार को चीन के दक्षिण-पूर्वी तट से टकराया था, जिसके कारण क्षेत्र में भारी बारिश हुई। लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि जिन कई अन्य प्रांतों में ड्रोन शो रद्द किए गए हैं, वहां इस तूफान का असर होने की कोई संभावना नहीं थी, जिससे यह संकेत मिलता है कि सुरक्षा कारणों से ही उड़ानों पर पाबंदी लगाई गई है।
सेना के कथित आदेश और सुरक्षा निगरानी
इस बीच इंटरनेट पर एक कथित सरकारी दस्तावेज भी सामने आया है, जिसमें दावा किया गया है कि चीन की सेना यानी पीएलए (PLA) की सदर्न थिएटर कमांड ने अपने अधिकार क्षेत्र के छह प्रांतों में शुक्रवार से ड्रोन उड़ानों को रोकने का आदेश दिया है। हालांकि, इस दस्तावेज की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन यह चीन में ड्रोन और अन्य छोटी उड़ानों पर बढ़ती निगरानी की पुष्टि करता है। चीन सरकार लो-एल्टीट्यूड इकोनॉमी को भविष्य के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मानती है, जिसका अर्थ जमीन से 1 किलोमीटर यानी 3280 फीट तक की ऊंचाई पर होने वाली ड्रोन और अन्य गतिविधियां हैं।
बीजिंग विमान हादसे के बाद बढ़ी चिंता
चीन में ड्रोन पर यह सख्ती जून में बीजिंग में हुए एक गंभीर विमान हादसे के बाद बढ़ी है। उस समय दो सीटों वाला एक स्पोर्ट्स विमान बीजिंग की सबसे ऊंची इमारत सीआईटीआईसी (CITIC) टावर से टकरा गया था। इस दर्दनाक हादसे में पायलट की मौत हो गई थी और 13 लोग घायल हुए थे। इस घटना के बाद अधिकारियों ने सामान्य विमानन से जुड़े संस्थानों को सुरक्षा जांच और सुधार के लिए उड़ान प्रशिक्षण रोकने का निर्देश दिया था। सोमवार तक कई संस्थानों में प्रशिक्षण दोबारा शुरू नहीं हो पाया था। इसके अलावा, मई महीने से ही बीजिंग में ड्रोन और उनके जरूरी हिस्सों को बेचने, किराये पर देने या राजधानी में लाने-ले जाने के लिए सार्वजनिक सुरक्षा विभाग की मंजूरी लेना अनिवार्य कर दिया गया है।
