चीन की परमाणु क्षमता में ऐतिहासिक वृद्धि
चीन ने जीवाश्म ईंधन पर अपनी निर्भरता को कम करने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और बड़ा कदम उठाया है। देश के परमाणु प्राधिकरण ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि बीजिंग के पास अब दर्जनों न्यूक्लियर परियोजनाओं को एक साथ संचालित करने की अभूतपूर्व क्षमता मौजूद है। चीन के परमाणु प्राधिकरण का यह बयान ऐसे समय में आया है जब बीजिंग, अमेरिका-ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी तनावपूर्ण स्थितियों के बीच अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए परमाणु ऊर्जा क्षेत्र का तेजी से विस्तार कर रहा है। प्राधिकरण के अनुसार, चीन अब एक साथ 50 तक न्यूक्लियर रिएक्टर बनाने की क्षमता रखता है।
न्यूक्लियर एनर्जी एसोसिएशन की विस्तृत रिपोर्ट
देश के न्यूक्लियर एनर्जी एसोसिएशन (CNEA) द्वारा इस सप्ताह जारी की गई एक ताजा रिपोर्ट में चीन की बढ़ती परमाणु शक्ति का खाका पेश किया गया है। इस रिपोर्ट के अनुसार, चीन के पास दर्जनों न्यूक्लियर परियोजनाओं को एक साथ चलाने की क्षमता है, जिसमें डिजाइन तैयार करने से लेकर निर्माण कार्य पूरा करने तक का पूरा प्रोजेक्ट रोडमैप शामिल है। रिपोर्ट में इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि चीन की न्यूक्लियर तकनीक की क्षमताएं अब एक नए और उन्नत स्तर तक पहुंच गई हैं। कई तकनीकी मानकों के मामले में चीन अब वैश्विक स्तर पर अन्य देशों से काफी आगे निकल चुका है।
चीन के परमाणु क्षेत्र के प्रमुख आंकड़े
सरकारी चैनल CCTV ने चीन न्यूक्लियर एनर्जी एसोसिएशन (CNEA) की रिपोर्ट के हवाले से चीन की वर्तमान स्थिति के आंकड़े साझा किए हैं।
भविष्य के लक्ष्य और 2040 का रोडमैप
cn को जानकारी देते हुए बताया कि चीन का लक्ष्य बहुत बड़ा है। अनुमानों के अनुसार, 2040 तक चीन की स्थापित परमाणु क्षमता 200 GW तक पहुंचने की उम्मीद है। बीजिंग ने हाल के वर्षों में कार्बन उत्सर्जन को कम करने और जीवाश्म ईंधन पर देश की निर्भरता को घटाने के व्यापक प्रयासों के तहत अपने न्यूक्लियर ऊर्जा क्षेत्र को तेजी से विकसित किया है। CNEA के अनुसार, चीन का लक्ष्य 2030 तक न्यूक्लियर ऊर्जा के क्षेत्र में दुनिया का सबसे मजबूत देश बनना है। इस रणनीति के तहत वह कुल स्थापित न्यूक्लियर क्षमता के मामले में अमेरिका को पीछे छोड़ देगा और पैमाने के लिहाज से दुनिया का सबसे बड़ा न्यूक्लियर ऊर्जा उत्पादक बनकर उभरेगा।
तकनीकी नवाचार और तीव्र विकास
चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, चीनी न्यूक्लियर सोसाइटी के प्रमुख वांग शौजुन ने कहा है कि चीन का न्यूक्लियर प्रोग्राम विकास की राह पर अत्यंत तेजी से आगे बढ़ा है। उन्होंने बताया कि चीन ने न्यूक्लियर तकनीक के नवाचार में अपनी क्षमताओं का व्यापक विस्तार किया है। इसमें विशेष रूप से तीसरी और चौथी पीढ़ी की न्यूक्लियर ऊर्जा तकनीकें, छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर और उन्नत न्यूक्लियर ईंधन चक्र शामिल हैं। ये तकनीकी विकास चीन को वैश्विक परमाणु ऊर्जा बाजार में एक अग्रणी खिलाड़ी के रूप में स्थापित कर रहे हैं।
