हाईवे कारोबार से कमाई का मौका Cube Highways Trust ला रहा 5000 करोड़ का IPO

क्यूब हाईवेज ट्रस्ट इस महीने 5000 करोड़ रुपये का आईपीओ लाने की तैयारी कर रहा है। यह पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल होगा जिसका उद्देश्य निवेशकों का दायरा बढ़ाना और लिक्विडिटी में सुधार करना है।

क्यूब हाईवेज ट्रस्ट (Cube Highways Trust) जो एक प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (InvIT) है, इस महीने करीब 5000 करोड़ रुपये का आईपीओ (IPO) लाने की तैयारी में जुटा है। इस मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों के अनुसार, कंपनी का मुख्य उद्देश्य अपने निवेशकों के दायरे को और अधिक व्यापक बनाना है। इसके साथ ही कंपनी अपनी यूनिट्स में लिक्विडिटी यानी खरीद-बिक्री की प्रक्रिया को और बेहतर करना चाहती है ताकि निवेशकों को बाजार में बेहतर विकल्प मिल सकें।

पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल होगा आईपीओ

कंपनी द्वारा जमा किए गए ड्राफ्ट दस्तावेजों के मुताबिक, यह पूरा 5000 करोड़ रुपये का आईपीओ ऑफर फॉर सेल (Offer for Sale – OFS) के जरिए लाया जाएगा। इसका सीधा मतलब यह है कि इस इश्यू के माध्यम से कंपनी कोई भी नए शेयर या यूनिट जारी नहीं करेगी। इसके बजाय, कंपनी के मौजूदा निवेशक अपनी हिस्सेदारी को सार्वजनिक बाजार में बेचेंगे और यह मौजूदा शेयरधारकों को अपनी पूंजी निकालने और नए निवेशकों को ट्रस्ट का हिस्सा बनने का अवसर प्रदान करेगा।

देशभर में फैला विशाल हाईवे एसेट्स का नेटवर्क

क्यूब हाईवेज ट्रस्ट जिसे क्यूब इनविट (Cube InvIT) के नाम से भी जाना जाता है, भारत के विभिन्न राज्यों में बड़े पैमाने पर हाईवे एसेट्स का प्रबंधन करता है और 31 मार्च 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, इस ट्रस्ट के पास कुल 27 चालू हाईवे प्रोजेक्ट्स थे। ये प्रोजेक्ट्स भारत के 12 राज्यों और 1 केंद्र शासित प्रदेश में फैले हुए हैं, जो इसकी भौगोलिक विविधता को दर्शाते हैं। इन सभी प्रोजेक्ट्स की कुल लंबाई 8754 लेन किलोमीटर है। निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इन परियोजनाओं की औसत बची हुई कंसेशन अवधि 18 साल है, जो लंबे समय तक आय की गारंटी देती है।

प्रबंधन की रणनीति और भविष्य का विजन

वित्त वर्ष 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट में यूनिटहोल्डर्स को संबोधित करते हुए सीईओ विनय सी दशमलव सेकर ने ट्रस्ट की भविष्य की रणनीति पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रस्ट का पूरा ध्यान अनुशासित अधिग्रहण, निवेशकों को नियमित वितरण, सख्त वित्तीय अनुशासन और परिचालन में उत्कृष्टता पर केंद्रित रहेगा। यह रणनीति न केवल ट्रस्ट की स्थिरता सुनिश्चित करेगी बल्कि निवेशकों के भरोसे को भी मजबूत करेगी।

टोल रोड और एन्युटी एसेट्स का बेहतरीन मिश्रण

क्यूब इनविट के पोर्टफोलियो की बनावट काफी संतुलित है। इसके पोर्टफोलियो का लगभग 85 प्रतिशत हिस्सा टोल रोड परियोजनाओं से आता है। टोल रोड का सबसे बड़ा फायदा यह है कि ट्रैफिक बढ़ने और महंगाई के हिसाब से टोल दरों में होने वाले संशोधन से आय में वृद्धि होती है। वहीं, बाकी 15 प्रतिशत हिस्सा एन्युटी एसेट्स का है। इन एसेट्स से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की निर्धारित भुगतान व्यवस्था के तहत एक निश्चित और नियमित आय प्राप्त होती है, जिससे जोखिम कम हो जाता है।

निवेशकों को मिला शानदार रिटर्न और वित्तीय स्थिति

वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान क्यूब इनविट ने अपने निवेशकों को 13 रुपये 77 पैसे प्रति यूनिट का वितरण घोषित किया। पूरे साल के दौरान ट्रस्ट ने निवेशकों को कुल 1851 करोड़ रुपये की राशि वितरित की। अगर वित्तीय स्थिति की बात करें तो मार्च 2026 के अंत तक ट्रस्ट पर शुद्ध कर्ज 17768 करोड़ रुपये था। कंपनी का नेट डेट-टू-एंटरप्राइज वैल्यू अनुपात 46 दशमलव 82 प्रतिशत दर्ज किया गया। इस अवधि में कंपनी की एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) बढ़कर 36842 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जिसका मुख्य कारण वित्त वर्ष में किए गए 9 नए सफल अधिग्रहण रहे।

विस्तार की नई योजनाएं और भविष्य की राह

क्यूब इनविट भविष्य में अपने पोर्टफोलियो को और बड़ा करने की योजना पर काम कर रहा है। ट्रस्ट ने लगभग 7300 करोड़ रुपये के संयुक्त एंटरप्राइज वैल्यू वाले 4 नए हाईवे प्रोजेक्ट्स के लिए कमिटमेंट लेटर पर हस्ताक्षर किए हैं। इन नए प्रोजेक्ट्स के जुड़ने के बाद ट्रस्ट का कुल पोर्टफोलियो बढ़कर 13 राज्यों और 1 केंद्र शासित प्रदेश में 31 हाईवे एसेट्स का हो जाएगा। इसके अतिरिक्त, ट्रस्ट ने अपने स्पॉन्सर की 3 अन्य परियोजनाओं पर राइट ऑफ फर्स्ट ऑफर भी प्राप्त किया है, जो भविष्य में विस्तार के नए द्वार खोलेगा।