दिल्ली बजट: सीएम रेखा गुप्ता ने पेश किया ₹1.10 लाख करोड़ का बजट, बड़ी घोषणाएं

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वित्त वर्ष के लिए ₹1.10 लाख करोड़ का 'ग्रीन बजट' पेश किया है। इसमें शिक्षा के लिए ₹19,148 करोड़ और स्वास्थ्य के लिए ₹12,746 करोड़ आवंटित किए गए हैं। बजट में छात्राओं को साइकिल, मेधावी छात्रों को लैपटॉप और नई 'अनमोल योजना' की घोषणा की गई है।

10 लाख करोड़ का बजट पेश किया। यह मुख्यमंत्री के रूप में रेखा गुप्ता का दूसरा बजट है, जिसे 'ग्रीन बजट' के रूप में प्रस्तुत किया गया है। बजट भाषण की शुरुआत सुबह 11 बजे हुई, जिसमें दिल्ली की सबसे गंभीर समस्या वायु प्रदूषण को कम करने और सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया गया। बजट पेश करने से पहले मुख्यमंत्री आवास पर कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें बजट प्रस्तावों को औपचारिक मंजूरी दी गई।

बजट सत्र की औपचारिक शुरुआत से पहले सोमवार को मुख्यमंत्री ने पारंपरिक 'खीर सेरेमनी' का आयोजन किया था। इस दौरान उन्होंने प्रभु श्री राम, माता सीता और मां लक्ष्मी को खीर का भोग लगाया। इस कार्यक्रम में डॉक्टरों, किसानों, किन्नर समुदाय और स्कूली छात्राओं को शामिल किया गया, जिसे सरकार ने समावेशी विकास का प्रतीक बताया। मुख्यमंत्री के अनुसार, दिल्ली का हर वर्ग विकास की इस यात्रा में सहभागी है और यह बजट समाज के हर तबके की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

शिक्षा विभाग के लिए ₹19,148 करोड़ का आवंटन और नई योजनाएं

दिल्ली सरकार ने शिक्षा क्षेत्र को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए इसके लिए ₹19,148 करोड़ का प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों में 10वीं कक्षा में मेरिट हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं को सरकार की ओर से मुफ्त लैपटॉप दिए जाएंगे, जिसके लिए ₹10 करोड़ का प्रारंभिक बजट रखा गया है। इसके अतिरिक्त, छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए 9वीं कक्षा की हर छात्रा को एक साइकिल उपहार में दी जाएगी। इस साइकिल वितरण योजना के लिए ₹90 करोड़ आवंटित किए गए हैं। बुनियादी ढांचे के विकास के लिए स्कूल भवनों के निर्माण हेतु ₹200 करोड़ और मौजूदा भवनों के विस्तार के लिए ₹275 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण और 'अनमोल योजना' की शुरुआत

स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए सरकार ने ₹12,746 करोड़ का बजट आवंटित किया है। मुख्यमंत्री ने 'अनमोल योजना' की घोषणा की, जिसके तहत नवजात शिशुओं की 56 प्रकार की मेडिकल जांच निशुल्क की जाएगी। इस योजना के लिए ₹25 करोड़ का फंड सुरक्षित रखा गया है। दिल्ली के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए 750 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोले जाएंगे, जबकि 350 केंद्र पहले से ही कार्यरत हैं। जीटीबी अस्पताल में एक नया ट्रॉमा सेंटर बनाने का निर्णय लिया गया है और साथ ही, केंद्र सरकार के सहयोग से दिल्ली में मेडिकल सीटों की संख्या बढ़ाई जाएगी, जिसमें यूजी के लिए 820 और पीजी के लिए 762 सीटें निर्धारित की गई हैं। इसके अलावा, पीएम जन आरोग्य योजना का लाभ अब दिल्ली के ट्रांसजेंडर समुदाय को भी प्रदान किया जाएगा।

बुनियादी ढांचा: नया सचिवालय और सड़कों का कायाकल्प

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुनियादी ढांचे के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। दिल्ली सरकार अब एक नया सचिवालय और अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए आधुनिक आवासीय परिसर का निर्माण करेगी। पीडब्ल्यूडी विभाग ₹1,392 करोड़ की लागत से 7,000 किलोमीटर लंबी ईंट और सीमेंट की पक्की सड़कों का निर्माण कार्य पूरा करेगा। स्थानीय विकास को गति देने के लिए प्रत्येक विधायक के निर्वाचन क्षेत्र के लिए ₹350 करोड़ का प्रावधान किया गया है। सड़कों के रखरखाव और सुधार के लिए नगर निगम (MCD) को ₹1,000 करोड़ की राशि उपलब्ध कराई जाएगी।

पर्यावरण संरक्षण और 'ग्रीन बजट' की पहल

वायु प्रदूषण से निपटने के लिए बजट में 'ग्रीन' पहलों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। दिल्ली की सड़कों को धूल मुक्त बनाने के लिए ₹1,352 करोड़ का प्रस्ताव रखा गया है। जलभराव की समस्या के समाधान के लिए एक नया 'ड्रेनेज मास्टर प्लान' लागू किया जाएगा, जिसके लिए सिंचाई विभाग को ₹610 करोड़ आवंटित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, ₹50 करोड़ की लागत से बाढ़ सुरक्षा दीवार (Flood Protection Wall) का निर्माण किया जाएगा। चंद्रावल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के आधुनिकीकरण के लिए ₹475 करोड़ का प्रावधान किया गया है, ताकि शहर की जलापूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके।

बिजली, पानी और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए वित्तीय प्रावधान

दिल्ली जल बोर्ड के लिए सरकार ने ₹9,000 करोड़ का भारी-भरकम बजट आवंटित किया है। बिजली विभाग के लिए ₹3,942 करोड़ का प्रावधान किया गया है और मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि दिल्ली में बिजली पर दी जाने वाली सब्सिडी भविष्य में भी जारी रहेगी। शहर के सौंदर्यीकरण और सुरक्षा के लिए बिजली के तारों को अंडरग्राउंड करने हेतु ₹200 करोड़ रखे गए हैं। सार्वजनिक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए फायर डिपार्टमेंट के बजट को पिछले वर्ष के ₹540 करोड़ से बढ़ाकर ₹674 करोड़ कर दिया गया है। इन आवंटनों का उद्देश्य दिल्ली के नागरिकों को बेहतर और सुरक्षित जीवन स्तर प्रदान करना है।