दिल्ली के पालम में इमारत में भीषण आग, 9 की मौत

दिल्ली के पालम इलाके में एक इमारत में भीषण आग लगने से 9 लोगों की मौत हो गई है। दमकल की 30 गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान चलाया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। इमारत में फंसे 18 लोगों में से कुछ ने कूदकर जान बचाई।

दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली के पालम इलाके में शुक्रवार सुबह एक बहुमंजिला इमारत में भीषण आग लगने से नौ लोगों की दर्दनाक मृत्यु हो गई। अधिकारियों के अनुसार, यह घटना पालम मेट्रो स्टेशन के समीप स्थित गली नंबर 2 में घटित हुई। दमकल विभाग को सुबह लगभग 7:00 बजे आग लगने की सूचना प्राप्त हुई, जिसके तुरंत बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। घटना के समय इमारत में कुल 18 लोग मौजूद थे, जिनमें से कई लोग अंदर ही फंस गए। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि उसने देखते ही देखते पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया और स्थानीय निवासियों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचित किया, जिसके बाद प्रशासन सक्रिय हुआ।

घटना का विवरण और बचाव कार्य

दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आग इतनी भीषण थी कि उसने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। सूचना मिलते ही दमकल की 30 गाड़ियों को मौके पर रवाना किया गया। संकरी गलियों के कारण दमकल कर्मियों को शुरुआत में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि दूर से ही धुएं का गुबार देखा जा सकता था। स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें भी मौके पर पहुंचीं और बचाव अभियान में सहयोग किया और दमकल कर्मियों ने हाइड्रोलिक लैडर और अन्य आधुनिक उपकरणों का उपयोग करके ऊपरी मंजिलों तक पहुंचने का प्रयास किया। बचाव कार्य के दौरान आसपास की इमारतों को भी एहतियातन खाली करा लिया गया था ताकि आग को फैलने से रोका जा सके।

इमारत में फंसे लोगों की स्थिति

प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि जिस समय आग लगी, उस समय इमारत के भीतर 18 लोग मौजूद थे। इमारत से बाहर निकलने का केवल एक ही मुख्य रास्ता था, जो आग की चपेट में आने के कारण पूरी तरह अवरुद्ध हो गया था। इस कारण लोग अंदर ही फंस गए और उन्हें बाहर निकलने का अवसर नहीं मिला। अपनी जान बचाने के लिए कुछ लोगों ने इमारत की ऊपरी मंजिलों से नीचे छलांग लगा दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए और घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, कुछ घायलों की स्थिति गंभीर बनी हुई है क्योंकि वे काफी ऊंचाई से गिरे थे और धुएं के कारण उन्हें सांस लेने में भी तकलीफ हो रही है।

दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई

दिल्ली अग्निशमन सेवा के अनुसार, कॉल मिलने के कुछ ही मिनटों के भीतर पहली टीम मौके पर पहुंच गई थी। आग की गंभीरता को देखते हुए धीरे-धीरे गाड़ियों की संख्या बढ़ाकर 30 कर दी गई। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और इमारत के भीतर फंसे लोगों को निकालने के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया। विभाग के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस हादसे में अब तक नौ लोगों की जान जा चुकी है। मलबे को हटाने और यह सुनिश्चित करने का काम जारी है कि अंदर कोई और न फंसा हो और दमकल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर मौजूद रहकर पूरे ऑपरेशन की निगरानी की और यह सुनिश्चित किया कि आग को पूरी तरह से बुझा दिया जाए ताकि कूलिंग ऑपरेशन शुरू किया जा सके।

मुख्यमंत्री द्वारा मजिस्ट्रेट जांच के आदेश

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन और पुलिस विभाग को घटना के कारणों का पता लगाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जाए और सरकार ने जांच रिपोर्ट जल्द से जल्द सौंपने के निर्देश दिए हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। मुख्यमंत्री ने जिला मजिस्ट्रेट को व्यक्तिगत रूप से स्थिति की निगरानी करने और घायलों के मुफ्त इलाज की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है।

सुरक्षा मानकों और स्थानीय स्थिति पर रिपोर्ट

स्थानीय निवासियों के अनुसार, पालम जैसे घने बसे इलाकों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी अक्सर ऐसी बड़ी दुर्घटनाओं का कारण बनती है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इमारत में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं, इसकी गहनता से जांच की जा रही है। फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है ताकि आग लगने के सटीक कारणों, जैसे शॉर्ट सर्किट या गैस रिसाव, का पता लगाया जा सके। फिलहाल पूरे इलाके को सील कर दिया गया है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। जांच टीम इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि क्या इमारत का निर्माण स्वीकृत नक्शे के अनुसार किया गया था और क्या वहां व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं।