भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) अपने प्रमुख खिलाड़ियों जसप्रीत बुमराह और अक्षर पटेल के वार्षिक वेतन में महत्वपूर्ण वृद्धि करने की योजना बना रहा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बोर्ड के अधिकारी इन दोनों खिलाड़ियों के केंद्रीय अनुबंध (Central Contract) की समीक्षा कर रहे हैं। यह निर्णय तब लिया गया है जब यह बात सामने आई कि लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन के बावजूद इन खिलाड़ियों को पिछले अनुबंध चक्र में वित्तीय नुकसान का सामना करना पड़ा था और बीसीसीआई के सूत्रों के अनुसार, बोर्ड यह सुनिश्चित करना चाहता है कि टीम के प्रमुख प्रदर्शनकर्ताओं को उनके योगदान के अनुरूप उचित पारिश्रमिक मिले।
जसप्रीत बुमराह के अनुबंध में संशोधन की तैयारी
रिपोर्टों के अनुसार, बीसीसीआई जसप्रीत बुमराह के वेतन ढांचे में बदलाव के लिए रास्ते तलाश रहा है और वर्तमान में बुमराह केंद्रीय अनुबंध की 'ग्रेड ए' श्रेणी में शामिल हैं, जिसके तहत उन्हें सालाना ₹5 करोड़ मिलते हैं। इससे पहले बुमराह 'ग्रेड ए प्लस' श्रेणी का हिस्सा थे, जहां उन्हें ₹7 करोड़ का भुगतान किया जाता था। सूत्रों के अनुसार, बोर्ड का मानना है कि बुमराह जैसे विश्व स्तरीय गेंदबाज के वेतन में किसी भी प्रकार की कटौती नहीं होनी चाहिए। बीसीसीआई के एक अधिकारी ने बताया कि बोर्ड इस मुद्दे का समाधान निकालने पर काम कर रहा है ताकि बुमराह को उनके प्रदर्शन के आधार पर उचित राशि प्रदान की जा सके।
अक्षर पटेल की श्रेणी और वेतन पर चर्चा
टी20 विश्व कप और चैंपियंस ट्रॉफी जैसी महत्वपूर्ण प्रतियोगिताओं में भारत की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले अक्षर पटेल वर्तमान में 'ग्रेड सी' श्रेणी में हैं। इस श्रेणी के तहत उन्हें केवल ₹1 करोड़ का वार्षिक वेतन मिलता है। कई क्रिकेट विशेषज्ञों और बोर्ड के भीतर के सदस्यों ने अक्षर पटेल के वेतन स्तर पर सवाल उठाए हैं। टी20 टीम के उपकप्तान के रूप में उनकी बढ़ती जिम्मेदारी और उनके ऑलराउंड प्रदर्शन को देखते हुए, बीसीसीआई उन्हें उच्च श्रेणी में पदोन्नत करने पर विचार कर रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, अक्षर पटेल के वेतन में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है ताकि यह उनके अंतरराष्ट्रीय कद के अनुरूप हो सके।
बीसीसीआई के वर्तमान केंद्रीय अनुबंध की संरचना
बीसीसीआई के वर्तमान केंद्रीय अनुबंध ढांचे के तहत खिलाड़ियों को तीन मुख्य श्रेणियों में विभाजित किया गया है और 'ग्रेड ए' में वर्तमान में शुभमन गिल, जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा जैसे खिलाड़ी शामिल हैं। 'ग्रेड बी' में रोहित शर्मा, विराट कोहली, केएल राहुल, हार्दिक पंड्या, ऋषभ पंत, कुलदीप यादव, यशस्वी जायसवाल, सूर्यकुमार यादव, श्रेयस अय्यर, मोहम्मद सिराज और वॉशिंगटन सुंदर को रखा गया है। वहीं, 'ग्रेड सी' में अक्षर पटेल के साथ रिंकू सिंह, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अर्शदीप सिंह, संजू सैमसन, प्रसिद्ध कृष्णा, आकाश दीप, ध्रुव जुरेल, हर्षित राणा, वरुण चक्रवर्ती, नीतीश कुमार रेड्डी, अभिषेक शर्मा, साई सुदर्शन, रवि बिश्नोई और ऋतुराज गायकवाड़ शामिल हैं।
अनुबंध प्रणाली में संभावित बदलाव के कारण
बीसीसीआई द्वारा अनुबंधों में बदलाव की चर्चा मुख्य रूप से खिलाड़ियों के कार्यभार और उनके प्रदर्शन के संतुलन को बनाए रखने के लिए की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, कुछ खिलाड़ियों के वेतन में हुई कमी तकनीकी कारणों और श्रेणियों के पुनर्गठन की वजह से हुई थी। बोर्ड अब एक ऐसी प्रणाली विकसित करने पर विचार कर रहा है जहां प्रदर्शन-आधारित प्रोत्साहन और श्रेणी उन्नयन अधिक पारदर्शी हो। अक्षर पटेल और जसप्रीत बुमराह के मामलों को एक उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है ताकि भविष्य में अन्य खिलाड़ियों के साथ भी वित्तीय विसंगतियां न हों। बोर्ड के आगामी बैठकों में इन प्रस्तावों पर अंतिम मुहर लगने की उम्मीद है।
