दिल्ली में सोना 2 महीने के उच्चतम स्तर पर: 6 दिनों में 9800 रुपये महंगा हुआ गोल्ड

दिल्ली में मंगलवार को सोने की कीमत 1200 रुपये बढ़कर 1,57,200 रुपये प्रति 10 ग्राम के दो महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गई। चांदी भी 2000 रुपये की तेजी के साथ 2,42,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है। पिछले 6 दिनों में सोने में 9800 रुपये का भारी इजाफा हुआ है।

देश की राजधानी दिल्ली में सोने और चांदी की कीमतें बढ़ोतरी के जिस रथ पर सवार हुई हैं, वो रुकने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने की कीमत में 1200 रुपये का बड़ा इजाफा देखने को मिला है। इस बढ़ोतरी के साथ ही सोने और चांदी के दाम अब दो महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं। गोल्ड की कीमतों में लगातार छठे दिन तेजी दर्ज की गई है, जिसकी वजह से पिछले 6 दिनों के भीतर ही कीमतों में 9800 रुपये प्रति दस ग्राम का भारी उछाल आ चुका है। वहीं दूसरी ओर, चांदी की कीमतें भी 2 लाख 42 हजार रुपये के स्तर पर पहुंच गई हैं। दिलचस्प बात यह है कि दिल्ली में यह तेजी तब देखी जा रही है जब विदेशी बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का रुख रहा और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में भी कीमतों में इसी तरह का उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

6 दिन में 9800 रुपये महंगा हुआ गोल्ड

सोने की कीमतें लगातार छठे कारोबारी सत्र में बढ़त के साथ बंद हुईं। मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोना 1200 रुपये महंगा होकर दो महीने के उच्चतम स्तर 1 लाख 57 हजार 200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। व्यापारियों की ओर से मजबूत निवेश मांग के कारण तेल की कीमतों में मजबूती के बावजूद सराफा बाजार में यह तेजी बनी रही। ऑल इंडिया सराफा एसोसिएशन के आंकड़ों के अनुसार, 99 दशमलव 9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना सोमवार के 1 लाख 56 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के बंद स्तर से 1200 रुपये उछलकर 1 लाख 57 हजार 200 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) हो गया है। इससे पहले 12 जून को सोने ने इन स्तरों के करीब कारोबार किया था, जब इसकी कीमत 1 लाख 56 हजार 900 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई थी।

पिछले छह कारोबारी सत्रों पर नजर डालें तो कीमती धातु में 9800 रुपये या 6 दशमलव 65 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी हुई है। 3 अगस्त को सोने का भाव 1 लाख 47 हजार 400 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो अब बढ़कर 1 लाख 57 हजार 200 रुपये हो गया है। चांदी भी इसी तेजी की लहर पर सवार है। चांदी की कीमत 2000 रुपये बढ़कर 2 लाख 42 हजार रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) हो गई है। इसके साथ ही सफेद धातु दो महीने से अधिक समय के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। चांदी को आखिरी बार 30 अप्रैल को इस स्तर के आसपास देखा गया था, जब यह 2 लाख 42 हजार 700 रुपये प्रति किलोग्राम पर बिकी थी।

क्यों बढ़े सोने और चांदी के दाम?

लेमन मार्केट्स डेस्क के अनुसंधान प्रमुख गौरव गर्ग ने इस तेजी पर अपनी राय साझा की है और उन्होंने बताया कि सोने ने लगातार छठे सत्र में अपनी तेजी जारी रखी और दो महीने से अधिक समय के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। इसका मुख्य कारण यह है कि निवेशकों ने अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों के आने से पहले सेफ-हेवेन खरीदारी बढ़ा दी है। यह आंकड़े फेडरल रिजर्व के ब्याज दर दृष्टिकोण पर नए संकेत दे सकते हैं। गौरव गर्ग ने यह भी कहा कि औद्योगिक मांग और सकारात्मक निवेशक धारणा के कारण चांदी में भी तेजी का रुख बना रहा। हालांकि, विदेशी बाजारों में हाजिर सोना 0 दशमलव 38 प्रतिशत गिरकर 4373 डॉलर 43 सेंट प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था, जबकि चांदी लगभग 1 दशमलव 3 प्रतिशत गिरकर 64 डॉलर 90 सेंट प्रति औंस पर आ गई।

क्या और बढ़ेंगी सोने और चांदी की कीमत?

मिराए एसेट शेयरखान के कमोडिटी प्रमुख प्रवीण सिंह के अनुसार, कच्चे तेल की दरें बढ़ने से हाजिर कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में 4435 डॉलर प्रति औंस तक बढ़ी थीं, लेकिन बाद में बढ़त कुछ कम हो गई। होर्मुज स्ट्रेट पर जारी गतिरोध के कारण कच्चे तेल की कीमतें और बढ़ गई हैं, जिससे निवेशकों के लिए अनिश्चितता बढ़ गई है और इस बीच, ईरान के दावों और अमेरिकी सैन्य अभियान की तैयारियों की खबरों ने बाजार में हलचल पैदा कर दी है। आईआरजीसी को तैयार रहने के आदेश दिए जाने से भू-राजनीतिक तनाव बढ़ गया है।

सर्राफा व्यापारियों के लिए अब अगली बड़ी परीक्षा अमेरिकी महंगाई की रिपोर्ट होगी। एचडीएफसी सिक्योरिटीज में कमोडिटीज के सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि बुधवार को आने वाली अमेरिकी जुलाई उपभोक्ता मूल्य रिपोर्ट और गुरुवार को आने वाले उत्पादक मूल्य आंकड़े फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति पर नई दिशा तय करेंगे और इन आंकड़ों का सीधा असर आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों पर देखने को मिल सकता है।