सोने की कीमतों में हलचल: डॉलर और मिडिल ईस्ट संकट तय करेंगे सर्राफा बाजार की दिशा

अगले हफ्ते सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव की संभावना है। अमेरिकी डॉलर, पश्चिम एशिया संघर्ष और पीएमआई जैसे आर्थिक आंकड़ों पर निवेशकों की नजर रहेगी। पिछले हफ्ते सोने में 1597 रुपये की तेजी आई थी।

सर्राफा बाजार के जानकारों का मानना है कि आने वाले हफ्ते में सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त उतार चढ़ाव देखने को मिल सकता है। बाजार की यह चाल मुख्य रूप से अमेरिकी डॉलर की मजबूती, बॉन्ड यील्ड में होने वाले बदलाव और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के घटनाक्रमों पर निर्भर करेगी। इसके साथ ही कच्चे तेल के रुख का भी कीमती धातुओं की कीमतों पर गहरा असर पड़ने की संभावना है और मॉनेटरी पॉलिसी और भू-राजनीतिक तनाव से भरे पिछले सप्ताह के बाद अब निवेशकों का पूरा ध्यान नए आर्थिक आंकड़ों पर टिक गया है। इन आंकड़ों से यह संकेत मिलेगा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था किस दिशा में जा रही है और इसका असर सर्राफा की मांग पर कैसा रहेगा।

पिछले सप्ताह एमसीएक्स पर सोने और चांदी का प्रदर्शन

पिछले कारोबारी सप्ताह के दौरान घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में अच्छी बढ़त दर्ज की गई थी। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर अक्टूबर डिलिवरी वाले सोने के भाव में 1597 रुपये की तेजी आई। यह करीब 1 दशमलव 04 प्रतिशत की बढ़त है, जिसके बाद सोना 1 लाख 54 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ। चांदी की बात करें तो इसके वायदा भाव में और भी बड़ी तेजी देखी गई। चांदी की कीमतें 6629 रुपये यानी करीब 3 प्रतिशत की उछाल के साथ 2 लाख 41 हजार रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गईं। बाजार में आई इस तेजी ने निवेशकों के बीच एक सकारात्मक माहौल बनाया है।

बाजार विशेषज्ञों की राय और विश्लेषण

एलकेपी सिक्योरिटीज के कमोडिटी एंड करेंसी रिसर्च ऐनालिस्ट जतिन त्रिवेदी ने बाजार की स्थिति पर विस्तार से जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि एमसीएक्स पर सोना पिछले सप्ताह की शुरुआत में 1 लाख 50 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के करीब कमजोरी के साथ खुला था। हालांकि, जैसे ही कीमतें नीचे आईं, निवेशकों ने निचले स्तर पर खरीदारी में दिलचस्पी दिखाई। इस समर्थन की वजह से सोना वापस 1 लाख 54 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर तक पहुंचने में सफल रहा। त्रिवेदी के अनुसार, यह सुधार उस दौर के बाद आया है जब बाजार बड़े आर्थिक और भू-राजनीतिक बदलावों के असर को समझने की कोशिश कर रहा था। जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के सीनियर वाइस प्रेसीडेंट प्रणव मेर ने भी कहा कि सोना वायदा में स्थिरता बनी हुई है और कीमतें लगातार तीसरे सप्ताह एक मजबूत दायरे में टिकी रही हैं।

विदेशी बाजारों में कीमतों की स्थिति

भारतीय बाजार के साथ-साथ विदेशी बाजारों में भी सोने और चांदी की चमक बढ़ी है। न्यूयॉर्क के कॉमेक्स बाजार में दिसंबर डिलिवरी वाला सोना मामूली बढ़त के साथ 4424 डॉलर 90 सेंट प्रति औंस पर बंद हुआ। वहीं, चांदी की कीमतों में 3 प्रतिशत की मजबूती देखी गई और यह 67 डॉलर 15 सेंट प्रति औंस के स्तर पर रही। विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले दो कारोबारी सत्रों में निचले स्तर पर हुई लिवाली ने बाजार को मजबूती दी है, जिससे सप्ताह का समापन बढ़त के साथ होना संभव हो पाया। वैश्विक स्तर पर निवेशक अब फेडरल रिजर्व के अगले कदमों और अंतरराष्ट्रीय तनावों पर नजर गड़ाए हुए हैं।

आगामी सप्ताह के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक संकेत

आने वाले सप्ताह में निवेशकों की नजर कई प्रमुख आर्थिक आंकड़ों पर रहेगी जो बाजार की दिशा तय करेंगे। इनमें प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के विनिर्माण और सेवा क्षेत्र के खरीद प्रबंधक सूचकांक यानी पीएमआई के आंकड़े सबसे महत्वपूर्ण हैं और विश्लेषकों का कहना है कि सप्ताह के अंत में जारी होने वाले अमेरिकी आवास बाजार के आंकड़े, टिकाऊ कंज्यूमर गुड्स के ऑर्डर और कंज्यूमर सेंटीमेंट से जुड़ी रिपोर्ट पर भी पैनी नजर रखी जाएगी। ये आंकड़े यह समझने में मदद करेंगे कि भविष्य में मॉनिटरी पॉलिसी का स्वरूप क्या होगा और सर्राफा बाजार में मांग की स्थिति कैसी रहेगी और इन सभी कारकों के बीच सोने और चांदी की कीमतें एक सीमित दायरे में रहते हुए भी उतार-चढ़ाव भरी चाल चल सकती हैं।