अखिलेश यादव की बड़ी रणनीति: हर विधानसभा में बीजेपी का 27 हजार वोट कम करेगी सपा

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी हर विधानसभा में भाजपा के 27 हजार वोट कम करने और सपा के 27 हजार वोट बढ़ाने पर काम करेगी। उन्होंने बेरोजगारी और पेपर लीक को लेकर भी सरकार को घेरा।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में आयोजित प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक के बाद भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आगामी चुनावों के लिए एक बड़ी रणनीति का खुलासा करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी हर विधानसभा क्षेत्र में अपने 27 हजार वोट बढ़ाने का काम करेगी और साथ ही हर विधानसभा में भाजपा के 27 हजार वोट कम करने का लक्ष्य रखेगी। अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि पार्टी अब जमीनी स्तर पर इस आंकड़े को साधने के लिए पूरी ताकत झोंक देगी ताकि उत्तर प्रदेश की राजनीतिक दिशा को बदला जा सके।

बेरोजगारी और पेपर लीक के मुद्दों पर घेरा

बैठक को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने प्रदेश के युवाओं की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज के समय में नौजवान बड़े पैमाने पर बेरोजगार हुआ है। सरकारी नौकरियां उपलब्ध नहीं हैं और युवाओं के हक और अधिकारों को छीना गया है। उन्होंने आरक्षण के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि जब समाजवादी पार्टी ने आरक्षण का ऑडिट किया था, तब हर विभाग की जानकारी सार्वजनिक की गई थी कि किस तरह से नौकरियों में आरक्षण के साथ खिलवाड़ किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने नौकरियां निकाली भी हैं तो आरक्षण के नियमों को ताक पर रख दिया गया है।

पेपर लीक की घटनाओं पर बोलते हुए सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि देश में जानबूझकर पेपर लीक कराए जा रहे हैं ताकि सरकार को युवाओं को स्थायी नौकरी न देनी पड़े। उन्होंने दावा किया कि पूरे देश में अगर सबसे ज्यादा कहीं पेपर लीक हुए हैं, तो वह उत्तर प्रदेश है। उनके अनुसार, यह युवाओं के भविष्य के साथ एक बड़ा धोखा है जिसे जनता देख रही है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक के कारण लाखों युवाओं की मेहनत पर पानी फिर रहा है।

अयोध्या में जमीन घोटाला और किसानों का मुआवजा

अखिलेश यादव ने किसानों की समस्याओं और जमीन अधिग्रहण के मामलों को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि किसानों से उनकी जमीनें तो ले ली गईं, लेकिन उन्हें उचित मुआवजा नहीं दिया गया। सर्कल रेट बढ़ाकर कीमत देने के बजाय किसानों को उनके हक से वंचित रखा गया। उन्होंने अयोध्या का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां बड़े पैमाने पर जमीन घोटाले हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जमीनों की खरीद-फरोख्त में भारी अनियमितताएं बरती गई हैं, जो भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार को उजागर करती हैं। अयोध्या एक ऐसा उदाहरण बन गया है जहां विकास के नाम पर जमीनों का बड़ा खेल हुआ है।

सांप्रदायिक सद्भाव और मूर्तियों का अपमान

उत्तर प्रदेश के सामाजिक माहौल पर चर्चा करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार प्रदेश का माहौल खराब करने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाओं को खंडित किए जाने के मुद्दे पर भी सरकार को कटघरे में खड़ा किया। अखिलेश ने बताया कि भाजपा सरकार के दौरान अब तक 151 से ज्यादा मूर्तियां तोड़ी या खंडित की गई हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के 72 जिलों में प्रतिमाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिनमें से कई घटनाएं तो खबरों में भी नहीं आ पाईं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब जानबूझकर किया जा रहा है क्योंकि ये लोग संविधान बदलना चाहते हैं। उन्होंने वादा किया कि जब समाजवादी सरकार बनेगी, तो बाबा साहेब और उनके अनुयायियों को पूरा सम्मान दिया जाएगा।

चुनाव प्रबंधन और PDA का प्रतिनिधित्व

आगामी चुनावों की तैयारियों पर बात करते हुए अखिलेश यादव ने चुनाव ड्यूटी में लगे अधिकारियों की संरचना पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग के नियमों का पालन कराने और वोट डलवाने की जिम्मेदारी जिन अधिकारियों पर है, उनमें PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समाज के लोगों की भागीदारी 10 प्रतिशत भी नहीं है। उन्होंने आशंका जताई कि चुनाव आते-आते सरकार इस भागीदारी को शून्य कर सकती है।

उन्होंने हाल ही में 900 लोगों को नियुक्ति पत्र दिए जाने पर भी तंज कसा और इसे चुनावी लालच बताया। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार कंटेंट क्रिएटर्स को पैसा दे रही है और कई सोशल मीडिया पेज बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी मुख्यमंत्री ने अपने गृह जनपद गोरखपुर की इतनी यात्राएं नहीं की होंगी जितनी वर्तमान मुख्यमंत्री ने की हैं। उन्होंने दंगों के मॉक ड्रिल पर भी सवाल उठाए और कहा कि अगर दंगे नहीं होते तो मॉक ड्रिल की क्या जरूरत है। इसके अलावा, उन्होंने ओपी राजभर पर भी निशाना साधा और कहा कि अब पासवर्ड पाने के लिए बारगेनिंग हो रही होगी।