अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ जारी सैन्य संघर्ष के बीच एक कड़ा बयान जारी किया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किए गए एक संदेश में दावा किया कि अमेरिकी सेना ईरान के वर्तमान शासन को सैन्य और आर्थिक दोनों मोर्चों पर पूरी तरह से समाप्त कर रही है। उन्होंने इस अभियान को संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए एक बड़ी सफलता करार दिया और कहा कि ईरान की सैन्य क्षमताएं अब लगभग शून्य हो चुकी हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच युद्ध अपने दूसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है और अमेरिकी सेना लगातार ईरान के रणनीतिक ठिकानों को निशाना बना रही है।
ट्रंप के सोशल मीडिया पोस्ट का विस्तृत विवरण
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा कि अमेरिका ईरान के 'आतंकवादी शासन' को पूरी तरह से तबाह कर रहा है। उन्होंने अपने पोस्ट में न्यूयॉर्क टाइम्स जैसे मीडिया संस्थानों की आलोचना करते हुए कहा कि कुछ रिपोर्टों में जीत को लेकर संशय जताया जा रहा है, जो कि गलत है। ट्रंप के अनुसार, ईरान की नौसेना अब समुद्र के तल में है और उनकी वायुसेना का अस्तित्व समाप्त हो चुका है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका के पास बेजोड़ मारक क्षमता और असीमित गोला-बारूद है, जिसका उपयोग इस अभियान को अंजाम देने के लिए किया जा रहा है। ट्रंप ने यह भी उल्लेख किया कि वह संयुक्त राज्य अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में इस कार्य को पूरा कर रहे हैं, जिसे उन्होंने अपने लिए एक बड़ा सम्मान बताया।
सैन्य और आर्थिक मोर्चे पर तबाही का दावा
राष्ट्रपति के बयान के अनुसार, ईरान को न केवल सैन्य रूप से बल्कि आर्थिक रूप से भी पंगु बना दिया गया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान की मिसाइलें, ड्रोन और अन्य रक्षा उपकरण नष्ट किए जा रहे हैं और उन्होंने पिछले 47 वर्षों का संदर्भ देते हुए कहा कि ईरान का शासन लंबे समय से निर्दोष लोगों की हत्याओं के लिए जिम्मेदार रहा है, और अब उसे खत्म करने का समय आ गया है। अमेरिकी प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार, ईरान के तेल क्षेत्रों और प्रमुख आर्थिक केंद्रों पर भी दबाव बनाया गया है ताकि उनकी युद्ध लड़ने की क्षमता को पूरी तरह से समाप्त किया जा सके। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि अमेरिकी सेना के पास पर्याप्त समय और संसाधन हैं और वे इस अभियान को तार्किक अंत तक ले जाएंगे।
ऑपरेशन एपिक फ्यूरी और नेतृत्व की स्थिति
अमेरिकी राष्ट्रपति का यह बयान 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के संदर्भ में आया है, जो ईरान के खिलाफ शुरू किया गया एक व्यापक सैन्य अभियान है। रिपोर्टों के अनुसार, इस अभियान के शुरुआती चरणों में ही ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई सहित कई शीर्ष सैन्य और राजनीतिक नेताओं को निशाना बनाया गया था। अमेरिकी सेना का दावा है कि नेतृत्व के स्तर पर ईरान अब पूरी तरह से दिशाहीन हो चुका है। ट्रंप ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि ईरान के नेताओं को 'धरती के नक्शे से मिटा दिया गया है'। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ईरान की परमाणु क्षमता और उसके क्षेत्रीय प्रभाव को जड़ से खत्म करना बताया जा रहा है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड की हालिया सैन्य कार्रवाई
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने हाल ही में कुछ वीडियो फुटेज जारी किए हैं, जिनमें ईरान के नौसैनिक ठिकानों पर किए गए हमलों को दिखाया गया है। इन हमलों में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास स्थित ईरान के माइनलेयर जहाजों और रडार प्रणालियों को नष्ट कर दिया गया है और सैन्य अधिकारियों के अनुसार, ईरान की ड्रोन उत्पादन इकाइयों को भी भारी नुकसान पहुँचाया गया है, जिससे उनकी जवाबी हमला करने की क्षमता सीमित हो गई है। CENTCOM के अनुसार, अमेरिकी वायुसेना और नौसेना के संयुक्त अभियानों ने ईरान के वायु रक्षा नेटवर्क को पूरी तरह से भेद दिया है, जिससे अब अमेरिकी विमान ईरान के हवाई क्षेत्र में बिना किसी बाधा के उड़ान भर रहे हैं।
रक्षा मंत्रालय का रुख और अभियान का उद्देश्य
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी राष्ट्रपति ट्रंप के रुख का समर्थन किया है और उन्होंने एक बयान में कहा कि हालांकि अमेरिका ने इस युद्ध की शुरुआत नहीं की थी, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में इसे निर्णायक रूप से समाप्त किया जा रहा है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह जंग पिछले 14 दिनों से जारी है और अमेरिकी सेना का लक्ष्य ईरान के उन सभी ठिकानों को नष्ट करना है जो वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा बने हुए थे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक ईरान की सैन्य मशीनरी पूरी तरह से ध्वस्त नहीं हो जाती, तब तक यह अभियान जारी रहेगा। ट्रंप ने अपने संदेश के अंत में दोहराया कि ईरान के शासन का अंत दुनिया भर में शांति स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा।
