डोनाल्ड ट्रंप बदलेंगे महासागर का नाम, ट्रंप ओशन या ओशन ऑफ द अमेरिकाज का दिया सुझाव

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अटलांटिक या प्रशांत महासागर का नाम बदलकर ट्रंप ओशन रखने का प्रस्ताव दिया है, साथ ही उन्होंने पूर्व में किए गए बदलावों का भी जिक्र किया।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया के प्रमुख महासागरों में से एक का नाम बदलने की अपनी इच्छा जाहिर की है। टेनेसी के क्लार्क्सविल में आयोजित एक चुनावी रैली के दौरान ट्रंप ने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि वह अटलांटिक महासागर या प्रशांत महासागर का नाम बदलना चाहते हैं। उन्होंने इन महासागरों के लिए ट्रंप ओशन या ओशन ऑफ द अमेरिकाज जैसे नामों का सुझाव दिया है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि वह साल 2029 में अपना कार्यकाल समाप्त होने से पहले इस भौगोलिक बदलाव को हकीकत में बदलना चाहते हैं।

महासागर के नाम बदलने का प्रस्ताव

वॉशिंगटन पोस्ट की एक विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप ने क्लार्क्सविल की रैली में अपने इस विचार को साझा किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास अब अपनी एक खाड़ी और एक सुंदर झील है, और अब वह एक नदी और एक महासागर का नाम बदलने की दिशा में कदम उठाना चाहते हैं। ट्रंप ने अटलांटिक और प्रशांत महासागर का जिक्र करते हुए कहा कि इनमें से किसी एक का नाम बदलकर ट्रंप ओशन या ओशन ऑफ द अमेरिकाज रखा जा सकता है। यह बयान उनके उस विजन का हिस्सा है जिसके तहत वह अमेरिकी भूगोल को एक नई पहचान देना चाहते हैं।

पूर्व में बदले गए भौगोलिक नाम

डोनाल्ड ट्रंप पहले भी कई महत्वपूर्ण जगहों के नाम बदल चुके हैं। पिछले साल उन्होंने मेक्सिको की खाड़ी का नाम बदलकर गल्फ ऑफ अमेरिका कर दिया था। ट्रंप के इस फैसले के बाद मेक्सिको के साथ एक बड़ा विवाद शुरू हो गया था। इसके बाद, अगस्त के महीने में उन्होंने अमेरिका और कनाडा के बीच स्थित लेक ओंटारियो का नाम बदलकर लेक अमेरिका रखने की बात कही थी। यह कदम उस समय उठाया गया था जब अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापारिक संबंधों को लेकर तनाव चल रहा था। इन बदलावों का असर तकनीकी स्तर पर भी देखा गया। अमेरिकी सरकार के जियोग्राफिकल नेम्स इन्फॉर्मेशन सिस्टम (GNIS) में नाम बदलने के बाद, गूगल और एपल जैसी बड़ी कंपनियों ने भी अमेरिका के यूजर्स के लिए अपने मैप और लोकेशन सर्विस में गल्फ ऑफ अमेरिका और लेक अमेरिका नाम दिखाना शुरू कर दिया है।

होर्मुज स्ट्रेट और अन्य सुझाव

ट्रंप ने केवल अमेरिकी सीमाओं के भीतर ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों के नाम बदलने का भी सुझाव दिया है और ईरान के साथ युद्ध की स्थिति के दौरान, ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट का नाम बदलकर ट्रंप स्ट्रेट रखने का प्रस्ताव दिया था। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर ऐसी तस्वीरें भी साझा की थीं, जिनमें इस जलडमरूमध्य का नाम ट्रंप स्ट्रेट लिखा हुआ था। यह उनके उस दृष्टिकोण को दर्शाता है जिसमें वह वैश्विक महत्व के स्थानों के साथ अपना नाम जोड़ना चाहते हैं।

इन नदियों के नाम नहीं बदलेंगे ट्रंप

हालांकि ट्रंप कई बड़े बदलाव करना चाहते हैं, लेकिन उन्होंने यह भी साफ किया है कि वह अमेरिका की मिसिसिपी और हडसन नदियों के नाम नहीं बदलेंगे और मिसिसिपी नदी के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें यह नदी पसंद है और वह इसे वैसा ही रहने देना चाहते हैं। वहीं, हडसन नदी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हेनरी हडसन ने बहुत समय पहले इस नदी में नौकायन किया था और उन्होंने बहुत अच्छा काम किया था, इसलिए वह इस ऐतिहासिक नाम का सम्मान करते हैं। फिलहाल, ट्रंप ने महासागर और नदी का नाम बदलने के लिए अभी तक कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया है और न ही इसके लिए कोई निश्चित समयसीमा तय की गई है।