इंग्लैंड की क्रिकेट टीम ने बर्मिंघम के एजबेस्टन स्टेडियम में खेले गए तीसरे और अंतिम टेस्ट मैच में पाकिस्तान को 8 विकेट से करारी शिकस्त देकर इतिहास रच दिया है। इस जीत के साथ ही इंग्लैंड ने तीन मैचों की टेस्ट सीरीज को 3-0 से अपने नाम कर लिया है। यह इंग्लैंड के क्रिकेट इतिहास में पहली बार हुआ है जब उन्होंने अपने घर में खेलते हुए पाकिस्तान की टीम का टेस्ट सीरीज में पूरी तरह से सूपड़ा साफ यानी क्लीन स्वीप किया है। पूरे मैच के दौरान इंग्लैंड का दबदबा बना रहा और उन्होंने मेहमान टीम को खेल के हर विभाग में पीछे छोड़ दिया।
लक्ष्य का पीछा और रूट-कॉक्स की मैच जिताऊ साझेदारी
मैच की चौथी पारी में इंग्लैंड को जीत के लिए 130 रनों का लक्ष्य मिला था। लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत बेहद चौंकाने वाली रही। पाकिस्तान के गेंदबाजों ने पहले ही ओवर में इंग्लैंड के दोनों सलामी बल्लेबाजों, बेन डकेट और एमिलियो गे को बिना खाता खोले ही पवेलियन भेज दिया और महज 0 रन पर 2 विकेट गिर जाने के बाद इंग्लैंड की टीम दबाव में दिख रही थी। लेकिन इसके बाद अनुभवी जो रूट और जॉर्डन कॉक्स ने मोर्चा संभाला और इन दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए 140 गेंदों में 128 रनों की अटूट साझेदारी की और टीम को जीत की दहलीज के पार पहुंचाया। कप्तान जो रूट ने 69 गेंदों का सामना करते हुए 62 रनों की कप्तानी पारी खेली, जबकि जॉर्डन कॉक्स ने 76 गेंदों में नाबाद 59 रन बनाए। 2 ओवरों में ही हासिल कर लिया।
पाकिस्तान की पहली पारी का पतन
इस टेस्ट मैच की नींव पहली पारी में ही रखी गई थी जब टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तान की टीम ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। पाकिस्तान की पूरी टीम पहली पारी में सिर्फ 133 रनों पर सिमट गई। टीम का बल्लेबाजी प्रदर्शन इतना निराशाजनक रहा कि उनके 8 बल्लेबाज 10 रन का आंकड़ा भी पार नहीं कर सके। पाकिस्तान की ओर से सऊद शकील ने सबसे ज्यादा 43 रन बनाए, जबकि मोहम्मद अब्बास ने 21 और रजाउल्लाह ने 11 रनों का योगदान दिया। इंग्लैंड के गेंदबाजों ने शानदार अनुशासन दिखाया, जिसमें जोश टंग ने 4 विकेट झटके। वहीं ओली रॉबिन्सन और जोफ्रा आर्चर ने 3-3 विकेट लेकर पाकिस्तान की कमर तोड़ दी।
इंग्लैंड की विशाल बढ़त और बल्लेबाजी प्रदर्शन
पाकिस्तान के 133 रनों के जवाब में इंग्लैंड की पहली पारी की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही थी और उन्होंने 39 रन पर 3 विकेट खो दिए थे। लेकिन इसके बाद हैरी ब्रूक और एमिलियो गे ने पारी को संभाला। हैरी ब्रूक ने 75 रनों की तेज पारी खेली और एमिलियो गे ने 60 रन बनाए। इन दोनों के बीच चौथे विकेट के लिए 104 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी हुई। इसके बाद जेमी स्मिथ के 69 रन और ओली रॉबिन्सन के 50 रनों की मदद से इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में 453 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। इस तरह इंग्लैंड को पहली पारी के आधार पर 320 रनों की विशाल बढ़त प्राप्त हुई। पाकिस्तान के लिए गेंदबाजी में रजाउल्लाह ने सबसे अधिक 4 विकेट लिए, जबकि मोहम्मद अली और इमरान रंधावा को 2-2 सफलताएं मिलीं।
पाकिस्तान की दूसरी पारी और डब्ल्यूटीसी अंक तालिका का हाल
दूसरी पारी में पाकिस्तान ने बेहतर संघर्ष दिखाया और 449 रन बनाए, जिससे इंग्लैंड को 130 रनों का लक्ष्य मिला। पाकिस्तान के लिए रजाउल्लाह ने बल्लेबाजी में भी अपना जौहर दिखाया और 81 रनों की शानदार पारी खेली। हालांकि, इस ऐतिहासिक जीत के बावजूद इंग्लैंड को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) की अंक तालिका में कोई खास फायदा नहीं हुआ है और 44 था और वे छठे स्थान पर थे। 54 हो गया है, लेकिन उनकी रैंकिंग अभी भी छठी ही बनी हुई है। 81 जीत प्रतिशत के साथ अंक तालिका में सबसे निचले पायदान पर है। 52 जीत प्रतिशत के साथ तालिका में पांचवें स्थान पर काबिज है।
