मिडिल ईस्ट तनाव: दिल्ली में चांदी ₹3 लाख और सोना ₹1.72 लाख के पार

पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण सोमवार को भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया। दिल्ली में चांदी ₹3,00,000 प्रति किलोग्राम और सोना ₹1,72,800 प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।

पश्चिम एशिया में गहराते भू-राजनीतिक संकट के बीच सुरक्षित निवेश के रूप में सोने और चांदी की मांग में जबरदस्त तेजी देखी गई है। सोमवार को देश की राजधानी दिल्ली से लेकर आर्थिक राजधानी मुंबई तक के सर्राफा बाजारों में कीमतों में ऐतिहासिक उछाल दर्ज किया गया। ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने वैश्विक निवेशकों को जोखिम वाली संपत्तियों से हटाकर सुरक्षित-संपत्ति (Safe-haven assets) की ओर रुख करने पर मजबूर कर दिया है। इसके परिणामस्वरूप, घरेलू बाजार में चांदी की कीमतें पहली बार ₹3,00,000 प्रति किलोग्राम के स्तर को छू गई हैं, जबकि सोने की कीमतों में भी भारी वृद्धि हुई है।

दिल्ली सर्राफा बाजार में कीमतों का ऐतिहासिक स्तर

अखिल भारतीय सर्राफा संघ द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतों में अभूतपूर्व तेजी देखी गई। 94% बढ़कर ₹3,00,000 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। इस कीमत में सभी स्थानीय कर और शुल्क शामिल हैं। 92% का उछाल आया। दिल्ली में सोना ₹1,72,800 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया, जो पिछले कारोबारी सत्र में ₹1,64,700 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, सप्ताहांत में ईरान पर हुए सैन्य हमलों और उसके बाद उपजी अनिश्चितता ने स्थानीय मांग को अचानक बढ़ा दिया है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं की स्थिति

वैश्विक स्तर पर भी सोने और चांदी की कीमतों में मजबूती का रुख बना हुआ है। 28 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता देखा गया। 19 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) सौमिल गांधी के अनुसार, पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से सुरक्षित-निवेश की मांग में मजबूती आई है, जिससे सोने की हाजिर कीमत दो महीने के अपने उच्चतम स्तर के करीब पहुंच गई है। वैश्विक अनिश्चितता के दौर में केंद्रीय बैंकों और बड़े निवेशकों द्वारा सोने की खरीदारी में वृद्धि की रिपोर्ट भी सामने आई है।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कारोबार का विवरण

देश के वायदा बाजार यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोमवार को सोने और चांदी के कारोबार में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया। आंकड़ों के मुताबिक, सोने के वायदा भाव में ₹3,970 की तेजी दर्ज की गई, जिसके बाद यह ₹1,66,074 पर बंद हुआ। हालांकि, कारोबारी सत्र के दौरान एक समय सोने की कीमत ₹7,776 की छलांग लगाकर ₹1,69,880 के उच्च स्तर तक पहुंच गई थी। दूसरी ओर, चांदी के वायदा कारोबार में विरोधाभासी स्थिति रही। सत्र के दौरान चांदी ₹15,155 की तेजी के साथ ऊंचे स्तर पर पहुंची थी, लेकिन बाजार बंद होने के समय इसमें मुनाफावसूली देखी गई। अंततः चांदी का वायदा भाव ₹4,163 की गिरावट के साथ ₹2,78,481 प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ।

पश्चिम एशिया में सैन्य संघर्ष और भू-राजनीतिक प्रभाव

बाजार में इस भारी उथल-पुथल का मुख्य कारण पश्चिम एशिया में बढ़ता सैन्य संघर्ष है। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, कुवैत, कतर, सऊदी अरब, जॉर्डन, इराक और सीरिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और रणनीतिक संपत्तियों को निशाना बनाकर जवाबी हमले शुरू किए हैं। यह कार्रवाई ईरान पर अमेरिका और इजराइल द्वारा किए गए समन्वित सैन्य हमलों के बाद हुई है। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु की खबरों ने क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर गहरी चिंताएं पैदा कर दी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऊर्जा बुनियादी ढांचे और प्रमुख वैश्विक व्यापार मार्गों में संभावित व्यवधान की आशंका ने कमोडिटी बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना दिया है।

आगामी आर्थिक आंकड़े और बाजार की संवेदनशीलता

आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों पर वैश्विक आर्थिक आंकड़ों का भी प्रभाव पड़ने की संभावना है। एलकेपी सिक्योरिटीज के अनुसार, आगामी सप्ताह में अमेरिका से कई महत्वपूर्ण आंकड़े जारी होने वाले हैं, जिनमें विनिर्माण और गैर-विनिर्माण पीएमआई (PMI), एडीपी गैर-कृषि रोजगार परिवर्तन और बेरोजगारी के आंकड़े शामिल हैं। ये आंकड़े अमेरिकी फेडरल रिजर्व की भविष्य की मौद्रिक नीति और ब्याज दरों के संबंध में संकेत देंगे। बाजार के प्रतिभागी इन आंकड़ों का बारीकी से इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि इनसे डॉलर की मजबूती और कीमती धातुओं की कीमतों में और अधिक अस्थिरता आने की संभावना है। फिलहाल, भू-राजनीतिक सेंटीमेंट बाजार पर हावी बना हुआ है।