Sanae Takaichi / जापान में रच गया इतिहास, जानिए कौन हैं तकाची जो बनेंगी देश की पहली महिला PM

जापान की लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) ने साने ताकाइची को नया नेता चुना, जिससे वह देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बन गईं। ताकाइची ने रनऑफ वोटिंग में कृषि मंत्री शिंजिरो कोइजुमी को हराया। उनका फोकस अर्थव्यवस्था को दोगुना करने और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर है। उनकी औपचारिक पुष्टि जल्द होगी।

Sanae Takaichi: जापान की सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) ने 4 अक्टूबर, 2025 को एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए पूर्व आर्थिक सुरक्षा मंत्री साने ताकाइची को अपना नया नेता चुन लिया। इस जीत के साथ ही ताकाइची जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री बनने जा रही हैं। यह कदम जापान की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक है, क्योंकि देश ने अब तक कभी किसी महिला को इस शीर्ष पद पर नहीं देखा।

नेतृत्व के लिए कड़ा मुकाबला

प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा के 7 सितंबर, 2025 को इस्तीफा देने के बाद LDP ने अपने नए अध्यक्ष का चुनाव किया। इस दौड़ में कुल पांच उम्मीदवार थे, लेकिन मुख्य मुकाबला ताकाइची और कृषि मंत्री शिंजिरो कोइजुमी (पूर्व प्रधानमंत्री जुनिचिरो कोइजुमी के बेटे) के बीच रहा। पहले राउंड में ताकाइची को 183 और कोइजुमी को 164 वोट मिले। चूंकि किसी भी उम्मीदवार को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला, इसलिए रनऑफ वोटिंग कराई गई। इस निर्णायक दौर में ताकाइची ने कोइजुमी को हराकर जीत हासिल की।

वोटिंग प्रक्रिया में 295 LDP सांसदों और लगभग 10 लाख पार्टी सदस्यों ने हिस्सा लिया, जो जापान की कुल आबादी का मात्र 1% है। यह प्रक्रिया जापान की राजनीतिक व्यवस्था में LDP के प्रभुत्व को दर्शाती है, क्योंकि सत्तारूढ़ पार्टी का नेता ही आमतौर पर देश का प्रधानमंत्री बनता है।

साने ताकाइची: एक कंजर्वेटिव शक्ति

64 वर्षीय साने ताकाइची को एक कट्टर कंजर्वेटिव नेता के रूप में जाना जाता है। उनकी नीतियां और विचारधारा जापान की परंपरागत और रणनीतिक प्राथमिकताओं को दर्शाती हैं। वह निम्नलिखित मुद्दों पर मुखर रही हैं:

  • यासुकुनी मंदिर विवाद: ताकाइची नियमित रूप से यासुकुनी मंदिर जाती रही हैं, जो द्वितीय विश्व युद्ध के युद्ध अपराधियों सहित जापानी सैनिकों को समर्पित है। यह मंदिर क्षेत्रीय देशों, खासकर चीन और दक्षिण कोरिया के साथ तनाव का कारण रहा है।

  • शांतिवादी संविधान में बदलाव: वह जापान के शांतिवादी संविधान में संशोधन की समर्थक हैं, ताकि देश की सैन्य क्षमता को बढ़ाया जा सके।

  • ताइवान के साथ सहयोग: ताकाइची ताइवान के साथ सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने की हिमायती हैं, जो क्षेत्रीय भू-राजनीति में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

  • अमेरिका के साथ निवेश समझौतों की समीक्षा: उन्होंने अमेरिका के साथ आर्थिक और निवेश समझौतों की समीक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया है।

रनऑफ वोटिंग से पहले अपने भाषण में ताकाइची ने कहा, “देशभर से आई कड़ी आलोचनाओं ने मुझे प्रेरित किया। लोगों को समझ नहीं आता कि LDP किसके लिए खड़ी है। मैं उनकी रोजमर्रा की जिंदगी और भविष्य को लेकर चिंताओं को उम्मीद में बदलना चाहती हूं।”

आर्थिक और कूटनीतिक दृष्टिकोण

ताकाइची ने अपने अभियान में जापान की अर्थव्यवस्था को अगले 10 वर्षों में दोगुना करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। उनकी नीतियां आर्थिक विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा पर केंद्रित हैं। इसके अलावा, वह भारत को एक विशेष रणनीतिक साझेदार मानती हैं और क्वाड (Quad) गठबंधन तथा इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर देती हैं।

आगामी चुनौतियां

नए प्रधानमंत्री के लिए संसदीय मतदान अक्टूबर 2025 के मध्य में होने की उम्मीद है, जो ताकाइची की नियुक्ति की औपचारिक पुष्टि करेगा। इसके बाद उन्हें तत्काल कई कूटनीतिक चुनौतियों का सामना करना होगा। इनमें सबसे प्रमुख है अक्टूबर 2025 के अंत में दक्षिण कोरिया में होने वाले एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (APEC) सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात। इस बैठक में जापान पर रक्षा खर्च बढ़ाने का दबाव पड़ सकता है, क्योंकि ट्रंप प्रशासन ने पहले भी सहयोगी देशों से इसकी मांग की है।

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