दिल्ली / कश्मीरी नेता चाहें तो हिरासत को लेकर कोर्ट में चुनौती दे सकते हैं: एनएसए डोभाल

Live Hindustan : Sep 08, 2019, 07:55 AM
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकर अजीत डोभाल ने शनिवार को कहा कि इंटेलिजेंस इंटरसेप्ट्स से यह साफ जाहिर होता है कि जम्मू कश्मीर में आतंकियों के पाकिस्तानी आका पूरी तरह से बौखलाए हुए हैं क्योंकि वह कश्मीर घाटी अनुच्छेद 370 खत्म करने के इतने दिनों बाद भी अशांति फैलाने में विफल रहे।

आका ने कहा- क्या तुम्हारे चूड़ियां भेजें?

डोभाल ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा- “सीमा से लगते 20 किलोमीटर के दायरे में पाकिस्तानी टावर्स लगे हुए हैं। वह मैसेज भेजने की कोशिश कर रहे हैं। हमने यह सुना कि वे अपने लोगों से यह बोल रहे हैं कि कैसे इतने सेब के ट्रक घूम रहे हैं, उन्हें क्यों नहीं रोक सकते? क्या हमें तुम्हारे लिए चूड़ियां भेजनी चाहिए?”

सामान्य हो रहे घाटी के हालात

जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद जो स्थिति बनी थी वह काफी हद तक अब सामान्य होने लगी है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने कहा कि करीब 750 ट्रक रोजाना श्रीनगर से निकल रहे है।

कोर्ट में चुनौती दे सकते हैं नेता

जम्मू कश्मीर में राजनेताओं को हिरासत में लिए जाने के मुद्दे पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने कहा- सभी कदम कानून के मुताबिक उठाए गए हैं और वे अपनी हिरासत को कोर्ट में चुनौती दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि राजनेता प्रिवेंटिव डिटेंशन में हैं। अगर वहां पर लोग एकजुट होते तो कानून-व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति पैदा हो सकती थी। आतंकवादी इस स्थिति का इस्तेमाल कर सकते थे।

पाक के व्यवहार पर निर्भर है प्रतिबंध 

डोभाल ने कहा कि घाटी में प्रतिबंध कब तक जारी रहेंगे, यह इस बात पर निर्भर करता है कि पाकिस्तान हमारे साथ कैसे व्यवहार करता है। स्थिति के हिसाब से कदम उठाया जाएगा। अगर पाकिस्तान ठीक व्यवहार करेगा, आतंकवादी घुसपैठ नहीं होगा और पाकिस्तान अपने टावर के जरिए गुर्गों को सिग्नल भेजना बंद कर देगा तो हम प्रतिबंध हटा सकते हैं।

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने आगे कहा कि पाकिस्तान झूठ का प्रचार प्रसार कर रहा है और कुछ अनजान लोग एक या दो घटनाओं को जनता की राय मान कर बात कर रहे हैं।

जम्मू कश्मीर से तेजी से सुधर रहे हालात

डोभाल ने कहा कि मैं ऐसा मानता हूं कि जैसा हम सोच रहे थे उससे कही ज्यादा जम्मू कश्मीर में स्थित बेहतर हो रही है। सिर्फ एक घटना सामने आई है जिसमें छह अगस्त को एक युवक मौत हुई है। उसकी मौत बुलेट की गोली से नहीं हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह पता चला है कि उसकी मौत इसलिए हुई क्योंकि कुछ ठोस चीज उसे लगी है। इतने दिनों में सिर्फ एक घटना हुई है जबकि हम आतंकवाद ग्रस्त इलाकों की बात कर रहे हैं।

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