भारतीय क्रिकेट टीम इस समय दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में एक गंभीर संकट का सामना कर रही है। कोलकाता में खेले गए पहले टेस्ट मैच में हार के बाद, टीम इंडिया गुवाहाटी में चल रहे। दूसरे टेस्ट में भी बेहद मुश्किल स्थिति में है, जिससे सीरीज हारने का खतरा लगातार मंडरा रहा है। यह स्थिति भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के लिए चिंता का विषय बन गई है, क्योंकि टीम का प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा है।
गुवाहाटी टेस्ट में भारत की बल्लेबाजी का पतन
गुवाहाटी में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच में भारतीय टीम की बल्लेबाजी पूरी तरह से बिखर गई। मैच के तीसरे दिन, दक्षिण अफ्रीका को 288 रनों की भारी बढ़त देने के बाद, भारतीय टीम की रणनीति और बल्लेबाजों के प्रदर्शन पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। भारत अपनी पहली पारी में केवल 201 रन पर सिमट गया, जबकि दक्षिण अफ्रीका ने अपनी पहली पारी में 489 रन बनाकर एक मजबूत पकड़ बना ली थी और यह स्कोर अंतर स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि भारतीय बल्लेबाज अफ्रीकी गेंदबाजों के सामने संघर्ष करते नजर आए। दक्षिण अफ्रीका के 6 फीट 8 इंच लंबे तेज गेंदबाज मार्को जानसन भारतीय टीम के लिए सबसे घातक साबित हुए। उन्होंने न केवल दूसरी दिन 93 रनों की धुआंधार पारी खेली, बल्कि गेंद से भी कमाल दिखाते हुए 48 रन देकर 6 विकेट झटके। जानसन की इस ऑलराउंड प्रदर्शन ने भारतीय बल्लेबाजों को सांस। लेने का मौका नहीं दिया और उन्हें लगातार दबाव में रखा। उनकी ऊंचाई और सटीक लेंथ ने भारतीय बल्लेबाजों के लिए बाउंसर। खेलना बेहद मुश्किल बना दिया, जिससे वे लगातार गलतियां करते रहे।
अनिल कुंबले की कड़ी आलोचना
भारतीय टीम के इस निराशाजनक प्रदर्शन के बाद, पूर्व भारतीय कप्तान और दिग्गज स्पिनर अनिल कुंबले ने भारतीय बल्लेबाजी की कड़ी आलोचना की है और उन्होंने जियोस्टार पर अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि भारत की बल्लेबाजी बेहद खराब रही। कुंबले के अनुसार, टेस्ट क्रिकेट में जिस जज्बे और धैर्य की आवश्यकता होती है, वह भारतीय बल्लेबाजों में बिल्कुल भी नहीं दिखा और उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भले ही कुछ गेंदें अच्छी थीं, लेकिन बल्लेबाज मुश्किल स्पेल का सामना करने या सत्र-दर-सत्र खेलने के लिए तैयार नहीं दिखे।
संयम की कमी और गलत रणनीति
कुंबले ने भारतीय बल्लेबाजों के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि 489 रनों के विशाल स्कोर के जवाब में भारत ने जैसी जल्दबाजी दिखाने की कोशिश की, वह टेस्ट क्रिकेट के अनुरूप नहीं था। उन्होंने महसूस किया कि ऐसा लगा जैसे बल्लेबाज तेजी से रन बनाकर स्कोर को कवर करने की सोच रहे थे, जबकि टेस्ट क्रिकेट में इतने बड़े स्कोर का जवाब धीरे-धीरे और समझदारी से दिया जाता है। कुंबले ने यह भी कहा कि विरोधी गेंदबाजों के स्पेल को सम्मान देना पड़ता है, लेकिन भारतीय टीम ने वह जज्बा नहीं दिखाया, जिससे वे लगातार विकेट गंवाते रहे।
जानसन का दबाव और भारतीय बल्लेबाजों की प्रतिक्रिया
अनिल कुंबले ने मार्को जानसन की शानदार गेंदबाजी की भी सराहना की और बताया कि उन्होंने भारतीय बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा और कुंबले ने कहा कि जानसन की ऊंचाई और लंबी लेंथ की वजह से बाउंसर खेलना मुश्किल होता है, लेकिन भारतीय बल्लेबाज न तो गेंद छोड़ने के लिए तैयार दिखे और न ही उसे झेलने के लिए। टेस्ट क्रिकेट में ऐसे मुश्किल स्पेल से पार पाने के लिए मजबूत मानसिकता। और तकनीक दिखानी पड़ती है, जो इस मैच में भारतीय टीम में नहीं दिखी।
दक्षिण अफ्रीका के लिए सुनहरा अवसर
दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज डेल स्टेन ने अपनी टीम के खिलाड़ियों की जमकर तारीफ की और उन्होंने कहा कि भारत में किसी भी टीम को लगातार तीन दिन तक मैच पर नियंत्रण रखते देखना बहुत दुर्लभ है। स्टेन ने बारसापारा स्टेडियम में तीसरे दिन का खेल खत्म होने के बाद कहा कि भारत में। किसी भी विदेशी टीम को तीन दिन तक पूरी तरह हावी होते देखना कम ही होता है। यह टिप्पणी दक्षिण अफ्रीका के शानदार प्रदर्शन को दर्शाती है। बता दें, दक्षिण अफ्रीका के पास भारत में 25 साल बाद टेस्ट सीरीज जीतने का एक सुनहरा मौका है और अफ्रीकी टीम ने भारत में आखिरी बार साल 2000 में टेस्ट सीरीज जीती थी, और अब वे इस ऐतिहासिक उपलब्धि को दोहराने के बेहद करीब हैं। भारतीय टीम को अब इस चुनौती का सामना करने और सीरीज बचाने के लिए असाधारण प्रदर्शन करना होगा।
