केंद्र सरकार ने देश के 8 हाईकोर्ट में नए मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति की आधिकारिक घोषणा कर दी है। यह महत्वपूर्ण नियुक्तियां सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा नामों की सिफारिश किए जाने के कुछ ही दिनों बाद की गई हैं। इस बड़े न्यायिक फेरबदल के तहत महाराष्ट्र से लेकर जम्मू-कश्मीर और लद्दाख तक के उच्च न्यायालयों में नए मुख्य न्यायाधीशों की तैनाती की गई है।
कानून मंत्री ने दी जानकारी
केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से इन नियुक्तियों की जानकारी साझा की और उन्होंने बताया कि विभिन्न उच्च न्यायालयों के मौजूदा न्यायाधीशों को पदोन्नत कर या स्थानांतरित कर अलग-अलग हाईकोर्ट की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह प्रक्रिया न्यायपालिका की कार्यक्षमता को बढ़ाने और रिक्त पदों को भरने के उद्देश्य से पूरी की गई है।
प्रमुख नियुक्तियों का विवरण
सरकारी अधिसूचना के अनुसार, दिल्ली हाईकोर्ट के मौजूदा न्यायाधीश न्यायमूर्ति वल्लुरी कामेश्वर राव को पटना हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। इसी तरह, मुंबई हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति रवींद्र वी. घुगे अब कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में अपनी सेवाएं देंगे। इन बदलावों के माध्यम से अनुभवी न्यायाधीशों को नए राज्यों में नेतृत्व करने का अवसर दिया गया है।
मुंबई और राजस्थान हाईकोर्ट में नए चीफ जस्टिस
इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी को मुंबई हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। वहीं, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय कुमार अग्रवाल को राजस्थान हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाया गया है। ये नियुक्तियां राज्यों के बीच न्यायिक अनुभव के आदान-प्रदान को सुनिश्चित करती हैं।
अन्य राज्यों में नियुक्तियों की सूची
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा को इसी हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। ओडिशा हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति कृष्ण राम महापात्र को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाया गया है। गुजरात हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अल्पेश यशवंत कोगजे अब मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश होंगे। इसके अतिरिक्त, राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति पुष्पेंद्र सिंह भाटी को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। इस प्रकार कुल 8 उच्च न्यायालयों को नए मुख्य न्यायाधीश मिले हैं, जो देश की न्यायिक व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण कदम है।
