भारतीय शेयर बाजार के लिए पिछला कारोबारी सप्ताह काफी उथल-पुथल भरा रहा, जिसने देश की सबसे बड़ी कंपनियों के बाजार मूल्य को बुरी तरह प्रभावित किया है और बाजार में आई इस भारी गिरावट के कारण देश की टॉप 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से 9 के कुल बाजार पूंजीकरण में 3,12,056 करोड़ रुपये की बड़ी कमी दर्ज की गई है। आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि पिछले 5 कारोबारी दिनों में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में 2 और 50 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है, जिसका सीधा असर इन दिग्गज कंपनियों की वैल्यूएशन पर पड़ा है। निवेशकों के लिए यह हफ्ता काफी नुकसानदेह साबित हुआ क्योंकि बाजार की इस अस्थिरता ने अरबों रुपये की संपत्ति स्वाहा कर दी।
रिलायंस इंडस्ट्रीज और बैंकिंग क्षेत्र को लगा सबसे बड़ा झटका
मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड को इस गिरावट के दौर में सबसे अधिक वित्तीय क्षति उठानी पड़ी है। आंकड़ों के अनुसार, अकेले रिलायंस इंडस्ट्रीज की मार्केट वैल्यू में 1,34,445 करोड़ रुपये और 77 पैसे की भारी गिरावट आई है। इस गिरावट के बाद कंपनी का कुल बाजार पूंजीकरण घटकर 18,08,420 करोड़ रुपये और 81 पैसे रह गया है। हालांकि इतनी बड़ी गिरावट के बावजूद रिलायंस इंडस्ट्रीज देश की सबसे मूल्यवान कंपनी के पायदान पर बनी हुई है।
बैंकिंग क्षेत्र के दिग्गजों पर भी बाजार की मार साफ देखी गई। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की वैल्यू 52,245 करोड़ रुपये और 30 पैसे कम होकर 8,88,862 करोड़ रुपये और 32 पैसे रह गई। निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक HDFC बैंक का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन 20,630 करोड़ रुपये और 1 पैसा कम होकर 11,82,069 करोड़ रुपये और 25 पैसे रह गया। वहीं, आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) का बाजार पूंजीकरण 14,290 करोड़ रुपये कम होकर 8,92,385 करोड़ रुपये और 39 पैसे पर आ गया।
आईटी, एफएमसीजी और अन्य कंपनियों का प्रदर्शन
आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की वैल्यू में 47,415 करोड़ रुपये और 4 पैसे की गिरावट आई, जिससे इसका कुल मूल्य 8,19,062 करोड़ रुपये और 65 पैसे रह गया। एनबीएफसी क्षेत्र की बड़ी कंपनी बजाज फाइनेंस की वैल्यू 27,892 करोड़ रुपये और 28 पैसे गिरकर 5,66,717 करोड़ रुपये और 74 पैसे रह गई। इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की प्रमुख कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (L&T) का वैल्यूएशन 9,078 करोड़ रुपये और 87 पैसे घटकर 5,37,542 करोड़ रुपये और 34 पैसे रह गया।
एफएमसीजी क्षेत्र की दिग्गज हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) का वैल्यूएशन 3,970 करोड़ रुपये और 80 पैसे घटकर 5,33,592 करोड़ रुपये और 18 पैसे हो गया। वहीं, देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) का मार्केट कैप 2,182 करोड़ रुपये और 12 पैसे घटकर 5,05,367 करोड़ रुपये और 32 पैसे रह गया। इन सबके विपरीत, भारती एयरटेल एकमात्र ऐसी कंपनी रही जिसने इस गिरावट में भी बढ़त बनाई। भारती एयरटेल का मार्केट वैल्यूएशन 42,470 करोड़ रुपये और 13 पैसे बढ़कर 11,60,525 करोड़ रुपये और 16 पैसे हो गया।
बाजार में गिरावट के मुख्य कारण और विशेषज्ञों की राय
पिछले हफ्ते के दौरान 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 2,090 और 20 पॉइंट यानी 2 और 70 प्रतिशत गिर गया, जबकि 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 532 और 65 पॉइंट यानी 2 और 20 प्रतिशत नीचे आ गया। रेलीगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के एसवीपी (रिसर्च) अजीत मिश्रा ने बताया कि बाजार इस हफ्ते गिरावट के साथ बंद हुए और अपने तीन हफ्ते के कंसोलिडेशन फेज से बाहर निकल आए और उन्होंने इस गिरावट के पीछे पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव, रुपये की कमजोरी और बढ़ती महंगाई की चिंताओं को मुख्य कारण बताया। इसके अलावा, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आकर 105 डॉलर प्रति बैरल के पार चले जाने से राजकोषीय दबाव और कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
