अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 मुकाबले में भारतीय टीम को साउथ अफ्रीका के खिलाफ 76 रनों की करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है। सूर्यकुमार यादव के नेतृत्व में खेल रही भारतीय टीम के लिए यह हार ऐतिहासिक रूप से काफी भारी रही है क्योंकि यह टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में रनों के अंतर से भारत की सबसे बड़ी हार दर्ज की गई है। इस हार के बाद टीम के संयोजन और प्लेइंग इलेवन में संभावित बदलावों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं और विशेष रूप से मध्यक्रम और शीर्ष क्रम में स्थिरता लाने के लिए अनुभवी खिलाड़ियों को शामिल करने की मांग उठ रही है। भारतीय टीम प्रबंधन अब अगले महत्वपूर्ण मुकाबलों के लिए अपनी रणनीति पर पुनर्विचार कर रहा है।
सहायक कोच रायन टेन डेशकाटे का आधिकारिक बयान
मैच के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय टीम के सहायक कोच रायन टेन डेशकाटे ने टीम के भविष्य के चयन को लेकर महत्वपूर्ण संकेत दिए हैं। कोच के अनुसार अगले कुछ दिनों में टीम संयोजन पर चर्चा के दौरान संजू सैमसन का नाम प्रमुखता से लिया जाएगा। जब उनसे पूछा गया कि क्या टीम उन खिलाड़ियों पर भरोसा बनाए रखेगी जो पिछले 18 महीनों से खेल रहे हैं या फिर सैमसन जैसे खिलाड़ियों को मौका दिया जाएगा तो उन्होंने स्पष्ट किया कि सैमसन एक शानदार विकल्प हैं। कोच ने स्वीकार किया कि शीर्ष क्रम में दाएं हाथ के बल्लेबाज की मौजूदगी से टीम को रणनीतिक लाभ मिल सकता है। उन्होंने कहा कि अगले दो महत्वपूर्ण मैचों से पहले टीम प्रबंधन इन सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार करेगा।
अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा की चुनौतियां
भारतीय टीम के युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा और मध्यक्रम के बल्लेबाज तिलक वर्मा वर्तमान में कठिन दौर से गुजर रहे हैं। कोच रायन टेन डेशकाटे ने खुलासा किया कि अभिषेक शर्मा मैच के दौरान फूड पॉइजनिंग की समस्या से जूझ रहे थे। इसके अतिरिक्त उन पर लगातार तीन मैचों में शून्य पर आउट होने का मानसिक दबाव भी स्पष्ट रूप से देखा गया है। कोच ने स्पष्ट किया कि वह इन खिलाड़ियों के लिए कोई बहाना नहीं बना रहे हैं लेकिन एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंट में लगातार असफलताओं के बाद दबाव बनना स्वाभाविक है। तिलक वर्मा के प्रदर्शन को लेकर भी टीम प्रबंधन चिंतित है क्योंकि विपक्षी टीमें उनके खिलाफ विशेष रणनीति अपना रही हैं।
विपक्षी टीमों की स्पिन रणनीति और भारतीय बल्लेबाजी
इस टूर्नामेंट में देखा गया है कि विपक्षी टीमें भारतीय शीर्ष क्रम के बाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ पार्ट-टाइम ऑफ स्पिनर्स का प्रभावी ढंग से उपयोग कर रही हैं। साउथ अफ्रीका के खिलाफ मैच में भी भारतीय बल्लेबाज स्पिन के सामने संघर्ष करते नजर आए। कोच के अनुसार संजू सैमसन जैसे दाएं हाथ के बल्लेबाज को शामिल करने से इस चुनौती का सामना किया जा सकता है। दाएं और बाएं हाथ के बल्लेबाजों का सही संयोजन न होने के कारण भारतीय बल्लेबाजी क्रम दबाव में बिखरता हुआ दिखाई दिया। टीम प्रबंधन अब ऐसे खिलाड़ियों की तलाश में है जो स्पिन और गति दोनों के खिलाफ निरंतरता के साथ रन बना सकें।
सेमीफाइनल की राह और आगामी रणनीतिक बदलाव
साउथ अफ्रीका से मिली इस हार ने भारत के लिए सेमीफाइनल की राह को चुनौतीपूर्ण बना दिया है। अब टीम इंडिया को अपने आगामी मुकाबलों में न केवल जीत दर्ज करनी होगी बल्कि अपने नेट रन रेट में भी सुधार करना होगा। सूत्रों के अनुसार टीम प्रबंधन प्लेइंग इलेवन में कम से कम दो बदलाव करने पर विचार कर रहा है। संजू सैमसन के अलावा गेंदबाजी विभाग में भी कुछ फेरबदल की संभावना जताई जा रही है। अहमदाबाद की हार ने टीम की कमजोरियों को उजागर किया है जिसे दूर करने के लिए कोचिंग स्टाफ और कप्तान सूर्यकुमार यादव अब नए विकल्पों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। अगले मैच की प्लेइंग इलेवन भारत के टूर्नामेंट में भविष्य को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
