दक्षिण चीन सागर में 7.1 तीव्रता का भूकंप, मलेशिया और सिंगापुर प्रभावित

दक्षिण चीन सागर में सोमवार तड़के 7.1 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। इसका केंद्र मलेशिया के साबाह तट के पास 620 किमी की गहराई में स्थित था। गहरे केंद्र के कारण सुनामी की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई और किसी बड़े जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।

1 मापी गई। संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के आंकड़ों के अनुसार, यह भूकंप स्थानीय समयानुसार सोमवार सुबह 12:57 बजे आया। भूकंप का केंद्र मलेशिया के बोर्नियो द्वीप पर स्थित साबाह राज्य के कोटा बेलुड से लगभग 55 से 62 किमी उत्तर-पश्चिम में समुद्र के भीतर स्थित था। इस भूकंप की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता इसकी गहराई रही, जो सतह से लगभग 620 किमी (385 मील) नीचे दर्ज की गई। इतनी अधिक गहराई पर होने वाले भूकंपों को 'डीप-फोकस' भूकंप कहा जाता है, जिनका प्रभाव सतह पर अपेक्षाकृत कम विनाशकारी होता है।

प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, भूकंप के झटके मलेशिया के विभिन्न हिस्सों सहित पड़ोसी देश सिंगापुर में भी महसूस किए गए। हालांकि, भूकंप की तीव्रता अधिक थी, लेकिन इसकी गहराई ने बड़े पैमाने पर होने वाली तबाही को रोक दिया। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस घटना के बाद किसी भी देश द्वारा सुनामी की चेतावनी जारी नहीं की गई है और स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, लेकिन अब तक किसी भी बुनियादी ढांचे को गंभीर नुकसान या हताहत होने की खबर नहीं मिली है।

भूकंप की तीव्रता और केंद्र का सटीक विवरण

1 थी, जो एक प्रमुख श्रेणी का भूकंप माना जाता है। 035 डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित था। यह स्थान मलेशियाई राज्य साबाह के कोटा बेलुड शहर से लगभग 62 किमी की दूरी पर दक्षिण चीन सागर के भीतर था। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, भूकंप का समय पूर्वी समय (ET) के अनुसार रविवार दोपहर 11:57 बजे था। वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि यह एक अत्यंत गहरा भूकंप था, जिसकी गहराई 620 किमी मापी गई। इतनी गहराई पर विवर्तनिक प्लेटों के बीच होने वाली हलचल से उत्पन्न ऊर्जा सतह तक पहुँचते-पहुँचते काफी कम हो जाती है, जिससे कंपन तो महसूस होता है लेकिन भौतिक क्षति की संभावना न्यूनतम रहती है।

गहरे केंद्र का प्रभाव और धरातलीय सुरक्षा

भू-गर्भ वैज्ञानिकों के अनुसार, 300 किमी से अधिक गहराई पर आने वाले भूकंपों को गहरे भूकंपों की श्रेणी में रखा जाता है। 1 तीव्रता का भूकंप 620 किमी की गहराई पर था, जो इसे एक दुर्लभ और सुरक्षित श्रेणी का भूकंप बनाता है। गहरे भूकंप आमतौर पर विवर्तनिक प्लेटों के सबडक्शन जोन (Subduction Zone) में आते हैं, जहाँ एक प्लेट दूसरी प्लेट के नीचे गहराई तक धंस जाती है। इस गहराई पर चट्टानें अधिक लचीली होती हैं, जिससे ऊर्जा का प्रसार व्यापक क्षेत्र में होता है लेकिन उसकी तीव्रता सतह पर विनाशकारी नहीं रह जाती और 1 जैसी उच्च तीव्रता के बावजूद साबाह और आसपास के तटीय क्षेत्रों में इमारतों को कोई नुकसान नहीं पहुँचा।

क्षेत्रीय प्रभाव और स्थानीय नागरिकों के अनुभव

भूकंप के झटके मलेशिया के साबाह राज्य के कोटा किनाबालु, कुडाट और अन्य तटीय क्षेत्रों में स्पष्ट रूप से महसूस किए गए। स्थानीय निवासियों ने बताया कि झटके हल्के से मध्यम श्रेणी के थे, जिससे घरों में रखे सामान और पंखे हिलने लगे। सरावाक के कुछ हिस्सों में भी कंपन की सूचना मिली। इसके अलावा, भूकंप का प्रभाव अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को पार करते हुए सिंगापुर तक पहुँचा। सिंगापुर के तोआ पायोह, पुनगोल और अन्य इलाकों में ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों ने कंपन महसूस होने की जानकारी दी। सोशल मीडिया पर साझा किए गए अनुभवों के अनुसार, कंपन कुछ सेकंड तक रहा, जिससे लोगों में क्षणिक घबराहट पैदा हुई, लेकिन स्थिति जल्द ही सामान्य हो गई।

सुनामी की संभावना और आधिकारिक सुरक्षा प्रोटोकॉल

भूकंप के तुरंत बाद प्रशांत सुनामी चेतावनी केंद्र (PTWC) और स्थानीय मौसम विज्ञान विभागों ने डेटा का विश्लेषण किया। चूंकि भूकंप का केंद्र समुद्र तल से 600 किमी से अधिक गहराई पर था, इसलिए समुद्र के पानी के विस्थापन की कोई संभावना नहीं थी। अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की कि इस भूकंप से सुनामी का कोई खतरा नहीं है और मलेशियाई मौसम विज्ञान विभाग (MetMalaysia) ने भी बयान जारी कर नागरिकों को शांत रहने की सलाह दी और कहा कि सुनामी की कोई चेतावनी सक्रिय नहीं है। सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत, तटीय क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई थी, लेकिन किसी भी असामान्य समुद्री गतिविधि की सूचना नहीं मिली।

दक्षिण चीन सागर की भूगर्भीय और विवर्तनिक संरचना

दक्षिण चीन सागर और बोर्नियो द्वीप का क्षेत्र भूगर्भीय रूप से सक्रिय माना जाता है। यह क्षेत्र सुंडा प्लेट और फिलीपीन सागर प्लेट के मिलन स्थल के करीब स्थित है। यहाँ की विवर्तनिक संरचना जटिल है, जहाँ प्लेटों के बीच निरंतर घर्षण और सबडक्शन की प्रक्रिया चलती रहती है। साबाह के पास अतीत में भी भूकंपीय गतिविधियां दर्ज की गई हैं, जिनमें 2015 में माउंट किनाबालु के पास आया भूकंप प्रमुख है। हालांकि, वर्तमान भूकंप की गहराई ने इसे पिछले विनाशकारी भूकंपों से अलग बना दिया है। वैज्ञानिकों के अनुसार, इस क्षेत्र में गहरे भूकंपों का आना प्लेटों के आंतरिक समायोजन का हिस्सा है, जो इस क्षेत्र की भूगर्भीय स्थिरता और परिवर्तनशीलता को दर्शाता है।