भारतीय क्रिकेट टीम ने वेस्टइंडीज के खिलाफ जारी टी20 सीरीज में 1-0 की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल कर ली है, लेकिन दूसरा मुकाबला टीम के लिए एक ऐसी चुनौती पेश कर सकता है जिसके लिए शायद वे पूरी तरह तैयार न हों। शुक्रवार 9 अक्टूबर को जब भारत और वेस्टइंडीज की टीमें रांची के जेएससीए स्टेडियम में दूसरे टी20 मैच के लिए आमने-सामने होंगी, तो भारतीय टीम के सामने सबसे बड़ी समस्या मैदान की अपरिचितता होगी। पहले मैच में मिली आसान जीत के बाद टीम इंडिया आत्मविश्वास से भरी है, लेकिन रांची का यह मैदान आधी से ज्यादा प्लेइंग-11 के लिए एक अबूझ पहेली साबित हो सकता है।
जेएससीए स्टेडियम का इतिहास और चुनौतियां
रांची का जेएससीए स्टेडियम एक ऐसा मैदान है जहां भारतीय टीम लगभग 3 साल के लंबे अंतराल के बाद कोई टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने जा रही है। इस मैदान का इतिहास देखें तो यहां अब तक केवल 4 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच ही आयोजित किए गए हैं। इस स्टेडियम में पहला टी20 मैच साल 2016 में खेला गया था। इतने कम मैचों के आयोजन के कारण मौजूदा भारतीय टीम के पास इस मैदान की परिस्थितियों का बहुत कम अनुभव है। जो खिलाड़ी पहले यहां खेल चुके थे, उनमें से अधिकांश अब सन्यास ले चुके हैं या टीम चयन से बाहर चल रहे हैं। यही मुख्य कारण है कि टीम के ज्यादातर सदस्यों के लिए यह मैदान बिल्कुल नया होगा और उन्हें यहां की पिच और बाउंड्री की स्थितियों को समझने में समय लग सकता है।
अनुभवी खिलाड़ियों का लेखा-जोखा
मौजूदा भारतीय स्क्वॉड में केवल 6 खिलाड़ी ऐसे हैं जिन्हें इस मैदान पर किसी न किसी फॉर्मेट में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने का अनुभव है। इस प्रकार, केवल 5 खिलाड़ियों को ही यहां टी20 फॉर्मेट का अनुभव है, जबकि संजू सैमसन को मिलाकर कुल 6 खिलाड़ियों ने यहां अंतरराष्ट्रीय जर्सी पहनी है।
मैदान से अनजान 9 खिलाड़ी
भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि स्क्वॉड के 9 खिलाड़ी ऐसे हैं जिन्होंने इस मैदान पर टीम इंडिया की जर्सी में कभी कोई अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला है। इन खिलाड़ियों के लिए रांची का यह मैदान पूरी तरह से नया होगा और अगर टी20 अंतरराष्ट्रीय फॉर्मेट की बात करें तो कुल 10 खिलाड़ी ऐसे हैं जिन्होंने इस फॉर्मेट में यहां कोई मैच नहीं खेला है।
संजू सैमसन की फॉर्म और संभावित बदलाव
मैदान की अपरिचितता के साथ-साथ टीम इंडिया के लिए संजू सैमसन की मौजूदा फॉर्म भी एक बड़ी समस्या बनी हुई है और सैमसन पिछली कई पारियों से कोई बड़ा स्कोर बनाने में नाकाम रहे हैं और उनकी बल्लेबाजी में वह पुरानी धार नजर नहीं आ रही है। टॉप ऑर्डर में उनकी विफलता टीम के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती है और ऐसे में क्रिकेट प्रेमियों के बीच यह चर्चा तेज है कि क्या इस मैच में वैभव सूर्यवंशी को मौका दिया जाएगा। शुक्रवार 9 अक्टूबर को होने वाले इस मुकाबले में भारतीय टीम को न केवल वेस्टइंडीज की चुनौती से निपटना होगा, बल्कि अपने 9 खिलाड़ियों की अनुभवहीनता और सैमसन की फॉर्म जैसी समस्याओं का समाधान भी ढूंढना होगा। अगर भारतीय टीम इन चुनौतियों को पार नहीं कर पाती है, तो सीरीज में उलटफेर की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
