श्रेयस अय्यर ने गेंदबाजों पर फोड़ा हार का ठीकरा, वेस्टइंडीज के खिलाफ मिली हार

हैदराबाद में खेले गए चौथे टी20 मैच में वेस्टइंडीज ने भारत को 24 रनों से हरा दिया। कप्तान श्रेयस अय्यर ने इस हार के लिए गेंदबाजों की खराब लाइन और लेंथ को जिम्मेदार ठहराया है। अब सीरीज का फैसला 17 अक्टूबर को बेंगलुरु में होने वाले पांचवें मैच से होगा।

भारतीय क्रिकेट टीम को श्रेयस अय्यर की कप्तानी में वेस्टइंडीज के खिलाफ जारी टी20 सीरीज के चौथे मुकाबले में एक चुनौतीपूर्ण हार का सामना करना पड़ा है। हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए इस रोमांचक मैच में वेस्टइंडीज ने भारत को 24 रनों से मात दी। इस हार के साथ ही अब पांच मैचों की यह सीरीज बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच गई है, क्योंकि अब सीरीज का पांचवां और अंतिम मुकाबला दोनों ही टीमों के लिए काफी अहम हो गया है। हैदराबाद की पिच बल्लेबाजी के लिए काफी अनुकूल मानी जा रही थी, लेकिन भारतीय टीम लक्ष्य का पीछा करने में सफल नहीं हो सकी और कप्तान ने इसके लिए गेंदबाजों को जिम्मेदार ठहराया है।

टॉस का फैसला और वेस्टइंडीज की विशाल बल्लेबाजी

मैच की शुरुआत में भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीता और पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया। उनका मानना था कि हैदराबाद के मैदान पर लक्ष्य का पीछा करना आसान होगा। हालांकि, वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों की जमकर खबर ली और निर्धारित 20 ओवर्स के खेल में 247 रनों का एक विशाल स्कोर खड़ा कर दिया। हैदराबाद के मैदान पर फैंस को उम्मीद थी कि टीम इंडिया इस बड़े लक्ष्य को हासिल कर लेगी, क्योंकि पिच बल्लेबाजों के लिए मुफीद नजर आ रही थी। हालांकि, भारतीय बल्लेबाज उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन करने में नाकाम रहे और टीम को 24 रनों से हार का स्वाद चखना पड़ा।

गेंदबाजी पर श्रेयस अय्यर का बड़ा बयान

मैच के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने ब्रॉडकास्टर के साथ बातचीत में हार के कारणों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि टीम की गेंदबाजी उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। अय्यर के अनुसार, गेंदबाजों ने सही लाइन और लेंथ से गेंदबाजी नहीं की, जिसका खामियाजा टीम को भुगतना पड़ा। उन्होंने कहा कि जब आप 250 रनों जैसे बड़े लक्ष्य का पीछा कर रहे होते हैं, तो आपको एक खास पैटर्न में खेलना होता है। अय्यर ने स्वीकार किया कि हालांकि लक्ष्य का पीछा करते समय टीम का तरीका सही था, लेकिन गेंदबाजी के दौरान बनाई गई योजनाओं को मैदान पर सही तरीके से लागू नहीं किया जा सका और वहीं टीम पिछड़ गई।

पिच का मिजाज और लक्ष्य का पीछा

भारतीय टीम ने जब लक्ष्य का पीछा करना शुरू किया, तो शुरुआत काफी अच्छी रही थी और कप्तान ने बताया कि टीम शुरुआत में 12 रन प्रति ओवर की गति से रन बना रही थी, जो कि एक सकारात्मक संकेत था। लेकिन जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ा, पिच का व्यवहार बदलने लगा। अय्यर ने गौर किया कि दूसरी पारी के दौरान पिच थोड़ी धीमी हो गई थी और गेंद रुककर आ रही थी। इसके अलावा, पिच पर उछाल भी अधिक था, जिसका फायदा वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने बखूबी उठाया। अय्यर ने विपक्षी टीम की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी फील्डिंग के हिसाब से सटीक गेंदबाजी की और उनके फील्डर्स ने भी शानदार प्रदर्शन किया, जिसके लिए उन्हें जीत का श्रेय मिलना चाहिए।

बेंगलुरु में होगा सीरीज का निर्णायक मुकाबला

हैदराबाद में मिली इस हार के बाद अब भारतीय टीम की नजरें सीरीज के अगले और अंतिम मैच पर टिकी हैं। कप्तान श्रेयस अय्यर को उम्मीद है कि सीरीज का पांचवां मुकाबला काफी दिलचस्प होगा। उन्होंने कहा कि टीम अपनी आक्रामक शैली को बरकरार रखेगी और गलतियों से सीखकर मैदान पर उतरेगी और जानकारी के लिए बता दें कि इस सीरीज का पांचवां और निर्णायक मुकाबला 17 अक्टूबर को बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाएगा। भारतीय टीम इस मैच को जीतकर सीरीज अपने नाम करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी, जबकि वेस्टइंडीज की टीम अपनी जीत की लय को बरकरार रखना चाहेगी।