वित्त मंत्री के बयान से शेयर बाजार में बहार, सेंसेक्स 1109 अंक उछला

13 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखी गई और सेंसेक्स 1100 अंकों से अधिक उछल गया। इस बड़ी बढ़त के पीछे मुख्य कारण वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का वह बयान रहा जिसमें उन्होंने आगामी बजट में LTCG और STT पर चर्चा करने के सकारात्मक संकेत दिए हैं।

भारतीय शेयर बाजार के लिए 13 अक्टूबर का दिन बेहद शानदार रहा और निवेशकों के चेहरे पर भारी रौनक लौट आई। बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांकों में 1 दशमलव 5 प्रतिशत से ज्यादा की जबरदस्त तेजी दर्ज की गई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 1109 अंकों की विशाल छलांग लगाते हुए 73000 के महत्वपूर्ण स्तर के पार बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 358 अंकों की बढ़त के साथ 22722 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में कारोबार के अंत तक कुल 2068 शेयर बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे थे जबकि 1865 शेयरों में गिरावट देखी गई और 179 शेयर बिना किसी बदलाव के स्थिर रहे। इस शानदार रिकवरी के पीछे सबसे बड़ी वजह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा टैक्स सुधारों को लेकर दिए गए सकारात्मक संकेत रहे। इसके साथ ही निचले स्तरों पर निवेशकों द्वारा की गई वैल्यू बाइंग ने भी बाजार को ऊपर ले जाने में अहम भूमिका निभाई।

LTCG और STT पर वित्त मंत्री के सकारात्मक संकेत

नई दिल्ली में आयोजित ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने निवेशकों को बड़ी उम्मीद दी। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि सरकार आगामी बजट चर्चाओं के दौरान लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स यानी LTCG टैक्स को हटाने या उसमें बदलाव से जुड़े सुझावों को सुनने के लिए पूरी तरह तैयार है। पिछले काफी समय से विदेशी और घरेलू निवेशक इक्विटी टैक्सेशन के ढांचे को लेकर सवाल उठा रहे थे। वित्त मंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि बाजार में सिक्यॉरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स यानी STT पर भी काफी बहस हो रही है और इस बात पर भी चर्चा जारी है कि क्या सभी एसेट क्लास को एक समान माना जाना चाहिए। उन्होंने इस तरह की बहस को बाजार के स्वास्थ्य के लिए काफी अच्छा बताया। वर्तमान नियमों के अनुसार 12 महीने से अधिक समय तक रखे गए लिस्टेड इक्विटी शेयरों पर 12 दशमलव 5 प्रतिशत का टैक्स लगता है जिसमें एक साल में 1 लाख 25 हजार रुपये तक का मुनाफा टैक्स फ्री होता है। इन नियमों में संभावित बदलाव की खबर ने ही बाजार में जोश भर दिया।

आईटी सेक्टर में बंपर खरीदारी और एचसीएल टेक का जलवा

बाजार की इस तेजी को रफ्तार देने में आईटी कंपनियों का सबसे बड़ा योगदान रहा। निफ्टी आईटी इंडेक्स में 4 प्रतिशत तक का उछाल देखा गया। दिग्गज आईटी कंपनी एचसीएल टेक के शेयर में शुरुआती कारोबार में ही 4 दशमलव 9 प्रतिशत की तेजी आई जिसका मुख्य कारण कंपनी के शानदार तिमाही नतीजे रहे। कंपनी का शुद्ध लाभ 21 दशमलव 2 प्रतिशत बढ़कर 5132 करोड़ रुपये दर्ज किया गया जिसने बाजार के जानकारों की उम्मीदों को काफी पीछे छोड़ दिया। इसके अलावा एडवांस एआई सर्विस से होने वाली कंपनी की सालाना आय भी बढ़कर 219 मिलियन डॉलर हो गई है। दिग्गज ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने कंपनी के मजबूत प्रदर्शन को देखते हुए स्टॉक को अपग्रेड कर दिया है। टीसीएस और टेक महिंद्रा जैसे अन्य बड़े शेयर भी 2 से 5 प्रतिशत की बढ़त के साथ टॉप गेनर्स की सूची में शामिल रहे। चोलामंडलम सिक्योरिटीज के धर्मेश कांत के अनुसार आईटी कंपनियों की कमाई को लेकर जो अनिश्चितता थी वह अब खत्म होती नजर आ रही है।

बाजार के तकनीकी संकेत और एक्सपर्ट की राय

शेयर बाजार की इस तेजी के पीछे कुछ मजबूत तकनीकी कारण भी नजर आ रहे हैं और बाजार में आई हालिया गिरावट के बाद निवेशकों ने चुनिंदा शेयरों में जमकर वैल्यू बाइंग की। निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में 1 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी आई जबकि एफएमसीजी सेक्टर में भी अच्छी रिकवरी दिखी। हिंदुस्तान यूनिलीवर का शेयर 1 दशमलव 2 प्रतिशत और आईटीसी 0 दशमलव 4 प्रतिशत ऊपर चढ़कर बंद हुए। बाजार की अस्थिरता को मापने वाला इंडिया VIX भी 7 दशमलव 5 प्रतिशत की बड़ी गिरावट के साथ 14 दशमलव 12 पर आ गया जो इस बात का साफ संकेत है कि बाजार से डर कम हो रहा है और शॉर्ट टर्म में बड़ी बिकवाली का खतरा टल गया है। थिनक्रेडब्लू सिक्योरिटीज के गौरव उड़ानी का मानना है कि अगर निफ्टी 22350 से 22400 के सपोर्ट जोन को बरकरार रखता है तो यह 22600 की तरफ बढ़ सकता है। वहीं बजाज ब्रोकिंग के पबित्रो मुखर्जी ने बताया कि बाजार फिलहाल 22180 से 22650 की रेंज में है और 22650 का स्तर पार होने पर ही नई बड़ी तेजी आएगी।

बुनियादी ढांचे और नए क्षेत्रों में निवेश पर जोर

बाजार के प्रदर्शन के अलावा वित्त मंत्री ने देश के आर्थिक भविष्य और बुनियादी ढांचे पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने जानकारी दी कि निजी पूंजी अब रिन्यूएबल एनर्जी, डेटा सेंटर, ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया जैसे भविष्य के क्षेत्रों में तेजी से निवेश कर रही है। भारत अब केवल एआई के क्षेत्र में ही नहीं बल्कि सेमीकंडक्टर चिप डिजाइनिंग में भी एक ग्लोबल हब बनने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। सरकार ने देश में एडवांस और कम एडवांस दोनों ही तरह के चिप बनाने का निर्णय लिया है। बुनियादी ढांचे के विकास को गति देने के लिए नेशनल बैंक फॉर फाइनेंसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट यानी NaBFID और नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड यानी NIIF जैसी संस्थाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं जो बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए पूंजी जुटाने में मदद कर रही हैं।