एक बड़े राजनीतिक विवाद में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर एक विरोध प्रदर्शन के दौरान एक गर्भवती महिला पत्रकार को धक्का देने और उनके साथ बदसलूकी करने का गंभीर आरोप लगा है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेताओं ने इस घटना को लेकर राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है और बीजेपी का दावा है कि यह पत्रकार सोमवार को विपक्ष के विरोध प्रदर्शन को कवर कर रही थी, तभी राहुल गांधी ने उन्हें धक्का दिया, जिससे वह घायल हो गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इस घटना ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है और महिला सुरक्षा व पत्रकारों के अधिकारों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना का विवरण और पीड़ित पत्रकार की स्थिति
जिस पत्रकार के साथ यह कथित घटना हुई है, उनकी पहचान ऋचा पाराशर के रूप में हुई है और बीजेपी नेताओं के अनुसार, ऋचा पाराशर 3 महीने की गर्भवती हैं। आरोप है कि सोमवार को जब वह अपने पेशेवर दायित्वों का निर्वहन करते हुए विपक्ष के विरोध प्रदर्शन की रिपोर्टिंग कर रही थीं, तब राहुल गांधी ने उनके साथ धक्का-मुक्की की। इस धक्के के कारण वह जमीन पर गिर गईं और उन्हें गंभीर चोटें आईं। घटना की गंभीरता को देखते हुए उन्हें तुरंत एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है और बीजेपी ने इस घटना को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला करार दिया है।
बीजेपी विधायक उमंग बजाज की कड़ी निंदा
बीजेपी विधायक उमंग बजाज ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है और राहुल गांधी के आचरण पर गंभीर सवाल उठाए हैं और बजाज ने कहा कि महिला पत्रकार की स्थिति को देखकर यह स्पष्ट है कि राहुल गांधी ने वास्तव में एक शर्मनाक कृत्य किया है। उन्होंने राहुल गांधी के उन बयानों पर भी तंज कसा जिसमें वह अक्सर 'पितृसत्ता को तोड़ने' की बात करते हैं। बजाज ने कहा कि यह बेहद निंदनीय है कि जो व्यक्ति सार्वजनिक मंचों पर महिलाओं के सम्मान की बात करता है, वह एक ऐसी महिला पत्रकार के साथ इस तरह का व्यवहार कर रहा है जो केवल अपना काम कर रही थी।
अस्पताल का दौरा और सहायता
घटना के बाद की स्थिति के बारे में जानकारी देते हुए बीजेपी विधायक उमंग बजाज ने बताया कि उन्हें रात 10 बजे पत्रकार ऋचा पाराशर के साथ हुई बदसलूकी की जानकारी मिली। स्थानीय विधायक होने के नाते वह तुरंत बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी, राजेश भाटिया और स्थानीय मंडल अध्यक्ष के साथ अस्पताल पहुंचे। उन्होंने पत्रकार का हालचाल जाना और यह सुनिश्चित किया कि उन्हें उचित चिकित्सा सहायता मिले। बजाज ने जोर देकर कहा कि एक जन प्रतिनिधि का कर्तव्य पत्रकारों के सवालों का जवाब देना होता है, न कि उनके साथ हाथापाई करना या उन्हें जमीन पर गिरा देना।
कथनी और करनी में अंतर पर सवाल
उमंग बजाज ने राहुल गांधी की आलोचना करते हुए कहा कि आज की इस घटना ने महिलाओं का सम्मान करने के उनके दावों की पोल खोल दी है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के 'पितृसत्ता को तोड़ने' वाले बयान उनके आज के व्यवहार के बिल्कुल विपरीत हैं। बजाज ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि उन्हें यह समझना चाहिए कि केवल बड़ी-बड़ी बातों का कोई मतलब नहीं होता, बल्कि व्यक्ति के काम ही उसकी असली पहचान होते हैं और उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी का व्यवहार उनके द्वारा प्रचारित विचारधारा के पूरी तरह खिलाफ है।
पत्रकार ऋचा पाराशर का बयान
बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अस्पताल से एक वीडियो साझा किया है, जिसमें घायल पत्रकार ऋचा पाराशर अपनी आपबीती सुना रही हैं। वीडियो में पत्रकार ने सीधे तौर पर राहुल गांधी पर शारीरिक दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी ने उनकी बांह पकड़ी और उन्हें जोर से धक्का दिया, जिससे वह नीचे गिर गईं और उन्हें गंभीर चोटें आईं। पत्रकार ने यह भी आरोप लगाया कि उनके साथ मौजूद कैमरा मैन के साथ भी धक्का-मुक्की की गई। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
प्रदीप भंडारी के गंभीर आरोप
प्रदीप भंडारी ने अपने पोस्ट में राहुल गांधी के खिलाफ बेहद सख्त शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने लिखा कि 3 महीने की गर्भवती महिला पत्रकार ऋचा पाराशर को राहुल गांधी ने तब पीटा जब वह विरोध प्रदर्शन को कवर कर रही थीं। उन्होंने कहा कि एक महिला पत्रकार का अस्पताल में भर्ती होना यह दर्शाता है कि राहुल गांधी का व्यवहार कैसा है। भंडारी ने राहुल गांधी को 'गुंडा' तक कह डाला और उनके 'पितृसत्ता को तोड़ो' के नारे को पूरी तरह से खोखला बताया। इन आरोपों ने बीजेपी और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग को और तेज कर दिया है।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया और वर्तमान स्थिति
फिलहाल इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है। कांग्रेस पार्टी की ओर से अभी तक राहुल गांधी पर लगे इन गंभीर आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या स्पष्टीकरण नहीं आया है। पत्रकार ऋचा पाराशर की सेहत पर डॉक्टरों की नजर बनी हुई है। बीजेपी इस मुद्दे को लेकर हमलावर है और राहुल गांधी से जवाबदेही की मांग कर रही है। आने वाले दिनों में इस घटना को लेकर राजनीतिक विवाद और बढ़ने की संभावना है।
3 month pregnant Female journalist Richa Parashar was thrashed by Rahul Gandhi when she was covering her protest! Female journalist is admitted in the hospital, and she recounts the horrror! Every person should listen to this horror to know how big a goon Rahul Gandhi is& how hollow is his slogan Smash The Patriachy!
— Pradeep Bhandari(प्रदीप भंडारी)🇮🇳 (@pradip103) October 12, 2026
