पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और सुरक्षा चुनौतियों के बीच ईरान स्थित भारतीय दूतावास ने वहां रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एक विस्तृत सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। दूतावास के आधिकारिक बयान के अनुसार, ईरान में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों को अगले 48 घंटों तक अपने घरों या सुरक्षित आवासों के भीतर रहने का निर्देश दिया गया है। यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दी गई हालिया चेतावनी और क्षेत्र में संभावित सैन्य गतिविधियों की आशंकाओं के मद्देनजर उठाया गया है। दूतावास ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है और उन्हें स्थानीय स्थिति पर बारीकी से नजर रखने की आवश्यकता है।
सुरक्षा प्रोटोकॉल और 48 घंटे का प्रतिबंध
भारतीय दूतावास द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में नागरिकों को विशेष रूप से अगले 48 घंटों के दौरान बाहरी गतिविधियों को पूरी तरह से सीमित करने के लिए कहा गया है। दूतावास ने चेतावनी दी है कि नागरिक बिजली के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों, सैन्य ठिकानों और रणनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों से दूर रहें। इसके अतिरिक्त, बहुमंजिला इमारतों में रहने वाले भारतीयों को सलाह दी गई है कि वे ऊपरी मंजिलों पर जाने से बचें और सुरक्षित निचले स्तरों पर ही रहें। दूतावास के अनुसार, यह निर्देश जोखिम को कम करने और किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दिए गए हैं। राजमार्गों पर आवागमन को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए गए हैं, जिसमें कहा गया है कि किसी भी प्रकार की यात्रा के लिए दूतावास के साथ समन्वय करना अनिवार्य होगा।
आपातकालीन हेल्पलाइन और संचार माध्यम
नागरिकों की सहायता के लिए भारतीय दूतावास ने चौबीसों घंटे सक्रिय रहने वाले आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर और ईमेल आईडी जारी की है। दूतावास ने कहा है कि संकट की स्थिति में या किसी भी प्रकार की सहायता के लिए भारतीय नागरिक इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं। जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर +989128109115, +989128109102, +989128109109 और +989932179359 हैं। in पर ईमेल के माध्यम से भी अपनी जानकारी साझा कर सकते हैं। दूतावास ने होटलों और व्यवस्थित आवासों में ठहरे भारतीयों से अनुरोध किया है कि वे अपने कमरे न छोड़ें और वहां तैनात दूतावास की टीमों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखें।
डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी और समय सीमा
यह एडवाइजरी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद आई है जिसमें उन्होंने ईरान को एक कड़ी चेतावनी दी थी। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट के माध्यम से ईरान को मंगलवार की समय सीमा से पहले समझौता करने के लिए कहा था और ट्रंप ने अपने संदेश में लिखा कि यदि समझौता नहीं होता है, तो यह एक पूरी सभ्यता के अंत का कारण बन सकता है। उन्होंने आने वाले घंटों को विश्व इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण क्षणों में से एक बताया और ट्रंप ने अपने बयान में 47 वर्षों से चली आ रही व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार और मृत्यु का सिलसिला अब समाप्त होने वाला है। इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंताएं बढ़ा दी हैं, जिसके कारण विभिन्न देशों ने अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए कदम उठाए हैं।
सैन्य और रणनीतिक प्रतिष्ठानों से दूरी बनाए रखने के निर्देश
दूतावास ने अपने नागरिकों को विशेष रूप से उन क्षेत्रों से बचने की सलाह दी है जो संभावित सैन्य लक्ष्यों के दायरे में आ सकते हैं और इसमें बिजली संयंत्र, संचार केंद्र और रक्षा संबंधी बुनियादी ढांचे शामिल हैं। दूतावास के अधिकारियों के अनुसार, नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें। दूतावास ने यह भी सुनिश्चित किया है कि वह ईरानी अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में है ताकि भारतीय समुदाय की सुरक्षा की स्थिति का आकलन किया जा सके। नागरिकों से यह भी कहा गया है कि वे अपने पास वैध पहचान पत्र और आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें।
भारतीय नागरिकों के लिए आवागमन संबंधी दिशा-निर्देश
ईरान में रहने वाले भारतीय छात्रों, पेशेवरों और पर्यटकों के लिए अलग-अलग दिशा-निर्देश भी साझा किए गए हैं। दूतावास ने स्पष्ट किया है कि जो लोग वर्तमान में ईरान के विभिन्न हिस्सों में यात्रा कर रहे हैं, उन्हें तुरंत अपने निकटतम सुरक्षित स्थान पर पहुंचना चाहिए। राजमार्गों पर यात्रा करने वाले वाहनों को दूतावास की अनुमति और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए कहा गया है और दूतावास ने यह भी कहा है कि स्थिति की समीक्षा निरंतर की जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर नई एडवाइजरी जारी की जाएगी। वर्तमान में, दूतावास की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि सभी भारतीय नागरिक सुरक्षित स्थानों पर हों और उनके पास संचार के साधन उपलब्ध हों।
