मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में एक एमबीए छात्रा की नृशंस हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। द्वारकापुरी थाना क्षेत्र में हुई इस वारदात के मुख्य आरोपी पीयूष को पुलिस ने महाराष्ट्र के मुंबई से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी ने न केवल छात्रा की गला दबाकर हत्या की, बल्कि उसके बाद शव के साथ अमानवीय कृत्य भी किया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है और घटना से जुड़ी कई चौंकाने वाली जानकारियां साझा की हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए मुंबई और पनवेल के विभिन्न इलाकों में छिपता फिर रहा था।
वारदात का विवरण और पुलिस की कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा 13 फरवरी को हुआ था। इंदौर के द्वारकापुरी इलाके में एक कमरे से तेज दुर्गंध आने की शिकायत स्थानीय निवासियों ने पुलिस को दी थी। सूचना मिलने पर जब पुलिस मौके पर पहुंची और कमरे का दरवाजा तोड़ा, तो वहां छात्रा का शव बरामद हुआ। शव की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने प्रारंभिक जांच में ही हत्या और यौन शोषण की आशंका जताई थी। मृतका के परिजनों ने 12 फरवरी को ही इंदौर के पड़रीनाथ थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शव की शिनाख्त होने के बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपी का पीछा करना शुरू किया, जो अंततः मुंबई में पकड़ा गया।
हत्या के पीछे का मुख्य कारण और विवाद
पुलिस पूछताछ में आरोपी पीयूष ने बताया कि वह और मृतका एक ही संस्थान में पढ़ाई करते थे और लंबे समय से एक-दूसरे को जानते थे और आरोपी के अनुसार, वह छात्रा से शादी करना चाहता था, लेकिन छात्रा इस रिश्ते को आगे बढ़ाने के पक्ष में नहीं थी। वह लगातार शादी के प्रस्ताव को ठुकरा रही थी और संबंध समाप्त करना चाहती थी। घटना वाले दिन आरोपी ने बातचीत के बहाने छात्रा को अपने कमरे पर बुलाया था। वहां बातचीत के दौरान आरोपी ने छात्रा के मोबाइल फोन में एक बेटिंग और चैटिंग ऐप देखा। इसे देखकर उसे शक हुआ कि छात्रा किसी अन्य व्यक्ति के संपर्क में है। इसी बात को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस हुई, जिसके बाद आरोपी ने आवेश में आकर छात्रा का गला दबा दिया।
शव के साथ दरिंदगी और तंत्र क्रिया का दावा
आरोपी ने पुलिस के समक्ष यह स्वीकार किया है कि हत्या करने के बाद उसने शव के साथ दरिंदगी की और इसके बाद वह मौके से फरार होकर महाराष्ट्र चला गया। पूछताछ में एक और विचित्र पहलू सामने आया है। आरोपी ने दावा किया कि हत्या के बाद उसे पछतावा होने लगा था और वह मृतका की आत्मा से माफी मांगना चाहता था और इसके लिए उसने इंटरनेट और यूट्यूब पर तांत्रिक क्रियाओं से संबंधित वीडियो देखे। आरोपी के अनुसार, वह मुंबई के एक सुनसान इलाके में गया और वहां कथित तौर पर आत्मा से संपर्क करने के लिए तंत्र क्रिया का सहारा लिया। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के इन दावों की सत्यता की जांच की जा रही है और यह जांच को भटकाने की कोशिश भी हो सकती है।
पुलिस जांच और तकनीकी साक्ष्यों की भूमिका
डीसीपी क्राइम कृष्णलाल चांदनी के अनुसार, आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस का व्यापक उपयोग किया। आरोपी लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था, जिससे उसे ट्रैक करना चुनौतीपूर्ण था। पुलिस की एक विशेष टीम को मुंबई भेजा गया था, जिसने स्थानीय इनपुट के आधार पर उसे हिरासत में लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी के बयानों में कई विरोधाभास हैं। वह बार-बार अपने बयान बदल रहा है, जिससे पुलिस को संदेह है कि वह मामले के कुछ अन्य पहलुओं को छिपाने का प्रयास कर रहा है। पुलिस अब उन सभी स्थानों की जांच कर रही है जहां आरोपी हत्या के बाद रुका था और उन लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है जिन्होंने उसे शरण दी थी।
कानूनी प्रक्रिया और वर्तमान न्यायिक स्थिति
इंदौर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या (धारा 302) और बलात्कार सहित भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड की मांग की जाएगी ताकि घटना के समय इस्तेमाल किए गए साक्ष्यों और मोबाइल फोन को बरामद किया जा सके। पुलिस फोरेंसिक रिपोर्ट का भी इंतजार कर रही है ताकि शव के साथ की गई दरिंदगी की वैज्ञानिक पुष्टि हो सके। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में पुख्ता साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं ताकि आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके। मृतका के परिजनों ने आरोपी के लिए सख्त सजा की मांग की है।
