टी20 वर्ल्ड कप 2026: ऑस्ट्रेलिया के सुपर-8 में पहुंचने के समीकरण और आंकड़े

श्रीलंका से मिली 8 विकेट की हार के बाद ऑस्ट्रेलिया की टी20 वर्ल्ड कप 2026 की राह कठिन हो गई है। हालांकि, सांख्यिकीय आंकड़ों और आगामी मैचों के परिणामों पर निर्भरता ऑस्ट्रेलिया के लिए सुपर-8 में पहुंचने की उम्मीदें अभी भी बरकरार रखे हुए है।

श्रीलंका के विरुद्ध मिली 8 विकेट की करारी शिकस्त के बाद ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम टी20 वर्ल्ड कप 2026 के शुरुआती दौर से बाहर होने की कगार पर खड़ी नजर आ रही है। हालांकि, टूर्नामेंट के वर्तमान समीकरण और ऐतिहासिक आंकड़े यह संकेत दे रहे हैं कि ऑस्ट्रेलिया के लिए सुपर-8 के दरवाजे अभी पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं। टीम की किस्मत अब काफी हद तक ग्रुप बी के अन्य मुकाबलों, विशेष रूप से जिम्बाब्वे के आगामी मैचों के परिणामों पर निर्भर करती है। अधिकारियों और खेल विशेषज्ञों के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया को अगले दौर में पहुंचने के लिए न केवल अपना अगला मैच जीतना होगा, बल्कि अन्य टीमों के बीच होने वाले मुकाबलों में अनुकूल परिणामों की भी आवश्यकता होगी।

जिम्बाब्वे की हार पर टिकी ऑस्ट्रेलिया की उम्मीदें

ग्रुप बी की अंक तालिका में वर्तमान स्थिति के अनुसार, जिम्बाब्वे की टीम ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरी है और जिम्बाब्वे को सुपर-8 में अपनी जगह पक्की करने के लिए अपने अगले दो मुकाबलों में से केवल एक में जीत दर्ज करने की आवश्यकता है। दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलिया के लिए यह अनिवार्य है कि जिम्बाब्वे अपने दोनों आगामी मैच हार जाए। यदि जिम्बाब्वे 17 फरवरी को आयरलैंड के खिलाफ और 19 फरवरी को श्रीलंका के खिलाफ हार जाता है, तभी ऑस्ट्रेलिया के लिए आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो पाएगा। इसके अतिरिक्त, ऑस्ट्रेलिया को 20 फरवरी को ओमान के खिलाफ होने वाले अपने अंतिम ग्रुप मैच में हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी।

एशियाई पिचों पर आयरलैंड का जिम्बाब्वे के खिलाफ रिकॉर्ड

ऑस्ट्रेलिया के पक्ष में जाने वाली पहली बड़ी वजह आयरलैंड और जिम्बाब्वे के बीच होने वाला मुकाबला है। सांख्यिकीय आंकड़ों के अनुसार, एशियाई पिचों पर टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में आयरलैंड का जिम्बाब्वे के खिलाफ जीत का रिकॉर्ड 100% रहा है। हालांकि दोनों टीमों के बीच कुल 18 टी20 मैच खेले गए हैं, जिनमें दोनों ने 8-8 मैच जीते हैं, लेकिन एशियाई परिस्थितियों में आयरलैंड का पलड़ा भारी रहा है। 17 फरवरी को होने वाले इस मैच में यदि आयरलैंड अपने इस रिकॉर्ड को बरकरार रखते हुए जिम्बाब्वे को हरा देता है, तो ऑस्ट्रेलिया की टूर्नामेंट में बने रहने की संभावनाएं काफी बढ़ जाएंगी।

आईसीसी टूर्नामेंटों में श्रीलंका का जिम्बाब्वे पर दबदबा

ऑस्ट्रेलिया के लिए दूसरी राहत की खबर श्रीलंका और जिम्बाब्वे के बीच होने वाले ऐतिहासिक आंकड़ों से आती है। आईसीसी टूर्नामेंटों के इतिहास में श्रीलंका की टीम आज तक जिम्बाब्वे से कभी नहीं हारी है। दोनों टीमों के बीच अब तक कुल 9 बार आईसीसी आयोजनों में भिड़ंत हुई है और हर बार श्रीलंका ने जीत हासिल की है। इसमें टी20 वर्ल्ड कप के 2 मुकाबले भी शामिल हैं, जहां श्रीलंका ने जिम्बाब्वे को पराजित किया था। 19 फरवरी को होने वाले इस मैच में यदि श्रीलंका अपनी इस जीत की लय को जारी रखता है, तो जिम्बाब्वे के लिए सुपर-8 की राह अत्यंत कठिन हो जाएगी और ऑस्ट्रेलिया को इसका सीधा लाभ मिल सकता है।

ओमान के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया के लिए अनिवार्य जीत

अन्य टीमों के परिणामों के अनुकूल रहने के बाद भी ऑस्ट्रेलिया का भविष्य उसके अपने प्रदर्शन पर निर्भर करेगा। ऑस्ट्रेलिया को 20 फरवरी को ओमान के खिलाफ अपना अंतिम ग्रुप मैच खेलना है। सुपर-8 में प्रवेश के लिए ऑस्ट्रेलिया को यह मैच न केवल जीतना होगा, बल्कि नेट रन रेट को भी ध्यान में रखना होगा। यदि जिम्बाब्वे अपने दोनों मैच हार जाता है और ऑस्ट्रेलिया ओमान को हरा देता है, तो ऑस्ट्रेलियाई टीम बेहतर अंकों के आधार पर अगले दौर के लिए क्वालीफाई कर जाएगी। वर्तमान में टीम प्रबंधन और खिलाड़ी इन समीकरणों को ध्यान में रखते हुए अपनी रणनीति तैयार कर रहे हैं।

सुपर-8 के लिए ग्रुप बी का गणितीय समीकरण

ग्रुप बी में वर्तमान में श्रीलंका की स्थिति काफी मजबूत है, जबकि ऑस्ट्रेलिया और जिम्बाब्वे के बीच दूसरे स्थान के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा देखी जा रही है। यदि जिम्बाब्वे अपने शेष दोनों मैच हारता है, तो उसके पास केवल सीमित अंक ही रह जाएंगे। ऐसी स्थिति में ऑस्ट्रेलिया ओमान को हराकर अंकों के मामले में जिम्बाब्वे से आगे निकल सकता है। खेल विशेषज्ञों के अनुसार, टी20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंटों में अक्सर अंतिम मैचों तक समीकरण बदलते रहते हैं। ऑस्ट्रेलिया के लिए राहत की बात यह है कि उसे अपने अंतिम मैच से पहले जिम्बाब्वे के दोनों मैचों के परिणाम पता चल जाएंगे, जिससे उन्हें ओमान के खिलाफ आवश्यक रन रेट का स्पष्ट अंदाजा होगा।

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