कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में भारत के खिलाफ मिली करारी हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट टीम में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। टी20 वर्ल्ड कप 2026 के एक महत्वपूर्ण मुकाबले में भारतीय टीम ने पाकिस्तान को 61 रनों के बड़े अंतर से पराजित किया। इस हार के बाद पाकिस्तानी टीम के चयन और अनुभवी खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, टीम प्रबंधन अब कड़े फैसले लेने की तैयारी में है, जिसके तहत स्टार बल्लेबाज बाबर आजम और तेज गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी को अगले मैच की प्लेइंग इलेवन से बाहर किया जा सकता है।
भारत के खिलाफ प्रदर्शन और हार का अंतर
रविवार 15 फरवरी को खेले गए इस मुकाबले में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए चुनौतीपूर्ण 175 रनों का स्कोर खड़ा किया था। कोलंबो की पिच पर यह स्कोर काफी प्रतिस्पर्धी माना जा रहा था। जवाब में पाकिस्तानी टीम की बल्लेबाजी पूरी तरह लड़खड़ा गई और पूरी टीम मुश्किल से 100 रनों का आंकड़ा पार कर सकी। अंततः पाकिस्तान को 61 रनों से हार का सामना करना पड़ा। इस मैच में पाकिस्तान के अनुभवी खिलाड़ी न तो गेंदबाजी में और न ही बल्लेबाजी में कोई प्रभाव छोड़ सके। विशेष रूप से मध्यक्रम और शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों के सामने घुटने टेक दिए।
बाबर आजम और शाहीन अफरीदी पर गिरी गाज
टीम के सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में शुमार बाबर आजम और शाहीन शाह अफरीदी का प्रदर्शन इस मैच में निराशाजनक रहा। शाहीन अफरीदी, जिनसे शुरुआती ओवरों में विकेट की उम्मीद थी, उन्होंने अपने 2 ओवरों के स्पैल में 31 रन लुटा दिए। उनकी गेंदों में वह धार नजर नहीं आई जिसके लिए वे जाने जाते हैं। दूसरी ओर, बाबर आजम से उम्मीद थी कि वे पारी को संभालेंगे, लेकिन वे केवल 5 रन बनाकर गैर-जिम्मेदाराना शॉट खेलकर आउट हो गए। जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, इन दोनों खिलाड़ियों को नामीबिया के खिलाफ होने वाले अगले ग्रुप मैच से बाहर रखा जाना लगभग तय है।
नामीबिया के खिलाफ करो या मरो का मुकाबला
पाकिस्तान के लिए टूर्नामेंट में बने रहने के लिए नामीबिया के खिलाफ होने वाला अगला मैच बेहद महत्वपूर्ण है। ग्रुप स्टेज के इस आखिरी मैच में जीत दर्ज करना पाकिस्तान के लिए अनिवार्य है। यदि सलमान आगा की कप्तानी वाली टीम यह मैच जीतने में विफल रहती है, तो वह लगातार दूसरी बार टी20 वर्ल्ड कप के पहले दौर से ही बाहर हो जाएगी। टीम प्रबंधन अब युवा खिलाड़ियों को मौका देने पर विचार कर रहा है ताकि टीम में नई ऊर्जा का संचार किया जा सके। शादाब खान और मोहम्मद नवाज जैसे खिलाड़ियों के स्थान पर भी टीम में बदलाव की चर्चाएं तेज हैं।
सुपर-8 की दौड़ और पाकिस्तान का समीकरण
पाकिस्तान की सुपर-8 में पहुंचने की राह अब काफी कठिन हो गई है। भारत से मिली हार ने न केवल उनके अंकों पर असर डाला है, बल्कि उनके नेट रन रेट को भी काफी नुकसान पहुंचाया है। वर्तमान स्थिति के अनुसार, पाकिस्तान को न केवल नामीबिया को बड़े अंतर से हराना होगा, बल्कि अन्य टीमों के परिणामों पर भी निर्भर रहना पड़ सकता है। टीम के भीतर चल रही उथल-पुथल और सीनियर खिलाड़ियों के फॉर्म ने प्रशंसकों और पूर्व क्रिकेटरों को निराश किया है। अधिकारियों के अनुसार, टीम की संरचना में बदलाव का मुख्य उद्देश्य प्रदर्शन में निरंतरता लाना है।
टीम चयन और सीनियर खिलाड़ियों की भूमिका पर सवाल
भारतीय टीम के खिलाफ मिली इस हार ने पाकिस्तानी क्रिकेट के बुनियादी ढांचे और सीनियर खिलाड़ियों की जवाबदेही पर बहस छेड़ दी है। जहां भारतीय गेंदबाजों जैसे जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पंड्या ने उसी पिच पर 4 विकेट चटकाए, वहीं पाकिस्तानी गेंदबाज संघर्ष करते नजर आए। कप्तान सलमान आगा पर भी कप्तानी और टीम चयन को लेकर दबाव बढ़ गया है। क्रिकेट विशेषज्ञों के अनुसार, बड़े टूर्नामेंटों में अनुभवी खिलाड़ियों का विफल होना टीम के मनोबल को प्रभावित करता है। अब देखना यह होगा कि नामीबिया के खिलाफ नए संयोजन के साथ पाकिस्तानी टीम कैसा प्रदर्शन करती है।
