पीएम मोदी नहीं जाएंगे बांग्लादेश, तारिक रहमान के शपथग्रहण में ओम बिरला होंगे शामिल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 फरवरी को बांग्लादेश में तारिक रहमान के शपथग्रहण समारोह में शामिल नहीं होंगे। उनकी जगह लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और विदेश सचिव विक्रम मिस्री भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। बीएनपी ने हालिया संसदीय चुनावों में 212 सीटें जीतकर ऐतिहासिक बहुमत हासिल किया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 फरवरी को बांग्लादेश के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के अध्यक्ष तारिक रहमान के शपथग्रहण समारोह में शामिल नहीं होंगे। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी की जगह लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए ढाका जाएंगे। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश में शेख हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग सरकार के पतन के बाद एक नई राजनीतिक व्यवस्था स्थापित हो रही है।

भारतीय प्रतिनिधिमंडल की ढाका यात्रा और आधिकारिक कार्यक्रम

राजनयिक सूत्रों के अनुसार, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री भी 17 फरवरी को ढाका में मौजूद रहेंगे। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का यह दौरा बांग्लादेश के साथ द्विपक्षीय संबंधों की निरंतरता को बनाए रखने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ओम बिरला और विक्रम मिस्री शपथग्रहण समारोह में शामिल होने के साथ-साथ वहां मौजूद अन्य अंतरराष्ट्रीय नेताओं से भी शिष्टाचार भेंट कर सकते हैं। भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह बांग्लादेश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया और वहां की जनता के जनादेश का सम्मान करती है।

शपथग्रहण समारोह का भव्य आयोजन और आमंत्रित देश

तारिक रहमान के प्रधानमंत्री पद का शपथग्रहण समारोह 17 फरवरी को ढाका स्थित बांग्लादेश राष्ट्रीय संसद भवन के 'साउथ प्लाजा' में आयोजित किया जाएगा। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के लिए व्यापक सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां की गई हैं। बांग्लादेशी अधिकारियों के अनुसार, इस समारोह के लिए कुल 13 देशों को आधिकारिक निमंत्रण भेजा गया है। आमंत्रित देशों की सूची में भारत के अलावा चीन, पाकिस्तान, सऊदी अरब, तुर्की, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, मलेशिया, ब्रुनेई, श्रीलंका, नेपाल, मालदीव और भूटान शामिल हैं। इन देशों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति नए प्रशासन की अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

बांग्लादेश चुनाव परिणाम और बीएनपी का प्रदर्शन

बांग्लादेश में 12 फरवरी को हुए संसदीय चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, संसद की कुल 299 सीटों में से बीएनपी गठबंधन ने 212 सीटों पर जीत दर्ज कर दो-तिहाई बहुमत हासिल किया है। इस चुनाव में जमात-ए-इस्लामी (JeI) गठबंधन 77 सीटों के साथ दूसरे सबसे बड़े राजनीतिक गुट के रूप में उभरा है। शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद हुए इन चुनावों को बांग्लादेश के राजनीतिक इतिहास में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। तारिक रहमान, जो पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के पुत्र हैं, अब देश की कमान संभालने के लिए तैयार हैं।

तारिक रहमान का राजनीतिक उदय और नेतृत्व

तारिक रहमान को 9 जनवरी को आधिकारिक तौर पर बीएनपी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। अपनी मां और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के निधन के बाद उन्होंने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की जिम्मेदारी संभाली। उनके नेतृत्व में बीएनपी ने एक मजबूत चुनावी अभियान चलाया, जिसका परिणाम 12 फरवरी के चुनाव परिणामों में स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। तारिक रहमान ने अपने चुनावी घोषणापत्र में समावेशी विकास और लोकतांत्रिक संस्थाओं की बहाली का वादा किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ के माध्यम से तारिक रहमान को उनकी जीत पर बधाई दी थी और एक प्रगतिशील बांग्लादेश के समर्थन में भारत की प्रतिबद्धता दोहराई थी।

क्षेत्रीय स्थिरता और भारत-बांग्लादेश संबंध

भारत और बांग्लादेश के बीच संबंध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से अत्यंत गहरे रहे हैं। नई सरकार के गठन के साथ, दोनों देशों के बीच व्यापार, सुरक्षा और कनेक्टिविटी के क्षेत्रों में सहयोग की नई संभावनाएं देखी जा रही हैं और प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में स्पष्ट किया था कि भारत एक लोकतांत्रिक और समावेशी बांग्लादेश के साथ काम करने के लिए उत्सुक है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की उपस्थिति यह दर्शाती है कि भारत अपने पड़ोसी देश के साथ संसदीय और कूटनीतिक स्तर पर संवाद जारी रखना चाहता है। आने वाले समय में दोनों देशों के बीच साझा विकास लक्ष्यों और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर कई महत्वपूर्ण समझौतों पर चर्चा होने की संभावना है।

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