रोहित शर्मा ने वसीम अकरम को गले लगाया, भारत-पाकिस्तान मैच में विवाद।

भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबले के दौरान रोहित शर्मा द्वारा वसीम अकरम को गले लगाने पर विवाद खड़ा हो गया है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ब्रांड एंबेसडर के रूप में रोहित ट्रॉफी लेकर मैदान पर पहुंचे थे, जहां उन्होंने पूर्व पाकिस्तानी कप्तान से मुलाकात की।

कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए हाई-वोल्टेज मुकाबले के दौरान एक अप्रत्याशित दृश्य ने खेल जगत का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। भारतीय क्रिकेट टीम के वरिष्ठ खिलाड़ी रोहित शर्मा ने पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज वसीम अकरम को सार्वजनिक रूप से गले लगाया। यह घटना उस समय हुई जब दोनों देशों के बीच क्रिकेट के मैदान पर तनावपूर्ण माहौल बना हुआ था। रोहित शर्मा इस मैच के दौरान टी20 वर्ल्ड कप 2026 के आधिकारिक ब्रांड एंबेसडर के रूप में उपस्थित थे।

टी20 वर्ल्ड कप 2026 की ट्रॉफी का अनावरण

रोहित शर्मा कोलंबो के प्रेमदासा स्टेडियम में आगामी टी20 वर्ल्ड कप 2026 की ट्रॉफी लेकर पहुंचे थे। इस विशेष कार्यक्रम के दौरान उनके साथ आईसीसी के सीईओ संजोग गुप्ता और पाकिस्तान के पूर्व कप्तान वसीम अकरम भी मौजूद थे। आधिकारिक प्रोटोकॉल के तहत रोहित शर्मा ने मैदान पर ट्रॉफी का प्रदर्शन किया। इसी दौरान उन्होंने वसीम अकरम से हाथ मिलाया और फिर उन्हें गले लगाया। अधिकारियों के अनुसार, यह एक शिष्टाचार भेंट थी जो खेल भावना को दर्शाती है, लेकिन सीमा पार के मीडिया और सोशल मीडिया पर इसे लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।

ईशान किशन की शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन

मैदान पर चल रहे मुकाबले की बात करें तो भारतीय ओपनर ईशान किशन ने पाकिस्तानी गेंदबाजी आक्रमण के सामने बेहतरीन कौशल का प्रदर्शन किया। किशन ने दबाव की स्थिति में एक महत्वपूर्ण अर्धशतक जड़ा, जिसने भारतीय पारी को मजबूती प्रदान की। उनकी इस पारी की सराहना क्रिकेट विशेषज्ञों द्वारा की जा रही है, क्योंकि उन्होंने कठिन परिस्थितियों में टीम के स्कोर को आगे बढ़ाया। ईशान किशन की बल्लेबाजी ने भारतीय खेमे को राहत दी, जबकि दूसरी ओर रोहित शर्मा की वसीम अकरम के साथ मुलाकात चर्चा का केंद्र बनी रही।

पूर्व खिलाड़ियों के बीच संवाद और सौहार्द

मैदान के किनारे केवल रोहित शर्मा ही नहीं, बल्कि कई पूर्व भारतीय और पाकिस्तानी क्रिकेटर भी एक-दूसरे के साथ बातचीत करते देखे गए। हरभजन सिंह और पाकिस्तान के पूर्व कप्तान मिस्बाह उल हक को एक साथ हंसी-मजाक करते हुए देखा गया। इसी तरह, सुनील गावस्कर और वकार यूनुस भी कमेंट्री बॉक्स के पास चर्चा करते नजर आए। जहां एक ओर मैदान पर खिलाड़ियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखी जा रही है, वहीं दूसरी ओर पूर्व खिलाड़ियों के बीच इस तरह का सौहार्दपूर्ण व्यवहार प्रशंसकों के बीच बहस का विषय बन गया है।

पाकिस्तानी मीडिया के दावे और विवाद की स्थिति

पाकिस्तानी मीडिया में इस घटना को लेकर व्यापक कवरेज दी जा रही है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच मौजूदा तल्खियों के बावजूद रोहित शर्मा का वसीम अकरम को गले लगाना एक बड़ा संदेश है। हालांकि, भारतीय सोशल मीडिया पर एक वर्ग इस व्यवहार को लेकर सवाल उठा रहा है, क्योंकि वर्तमान में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट संबंध निलंबित हैं। रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तानी मीडिया इस बात पर जोर दे रहा है कि जहां वर्तमान खिलाड़ी एक-दूसरे से दूरी बनाए हुए हैं, वहीं रोहित शर्मा ने खेल भावना का परिचय दिया है।

भारतीय डगआउट में रोहित शर्मा की उपस्थिति

ट्रॉफी अनावरण कार्यक्रम के बाद रोहित शर्मा भारतीय टीम के डगआउट में भी नजर आए। उन्होंने वहां मौजूद खिलाड़ियों से बातचीत की और उनका उत्साहवर्धन किया। रोहित ने टीम इंडिया के सदस्यों के साथ कुछ समय बिताया और मैच की रणनीति पर चर्चा की। अधिकारियों के मुताबिक, रोहित की उपस्थिति का उद्देश्य टीम का मनोबल बढ़ाना था। हालांकि, वसीम अकरम के साथ उनकी मुलाकात की तस्वीरों ने मैच के मुख्य आकर्षणों में से एक के रूप में अपनी जगह बना ली है।

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