नई दिल्ली। भारत में लॉकडाउन (lockdown) में ढील के बाद केंद्र ने कुछ घरेलु उड़ानों को का परिचालन शुरू कर दिया। अब सरकार अंतरराष्ट्रीय उड़ान के परिचालन के एक बार फिर से शुरू करने पर विचार कर रही है। नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी (Hardeep Singh Puri) ने रविवार को कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय उड़ानों (International Flights) का परिचालन शुरू करने पर तब कोई फैसला लेगा जब अन्य देश विदेशी यात्रियों के प्रवेश पर प्रतिबंध में राहत देना शुरू करेंगे। प्रवेश देने संबंधी नियमों में ढील देने के बाद जल्द ही केंद्र इस पर विचार करेगा। कोरोना वायरस महामारी के कारण जापान और सिंगापुर जैसे देशों ने विदेशियों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है।
We have let outbound passengers on VBM flights to fly to countries which allow them entry. More than 13500 people have flown out of India. @airindiain has sold another 22000 tickets for flights to US & Canada yesterday (5-6 June).Bookings for Europe & other places will open soon.
— Hardeep Singh Puri (@HardeepSPuri) June 7, 2020
पुरी ने ट्वीट किया, 'नियमित रूप से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का परिचालन फिर से शुरू करने का निर्णय तब लिया जाएगा जब विभिन्न देश विदेशी यात्रियों को अपने यहां प्रवेश पर लगे प्रतिबंधों को हटा लेंगे। गंतव्य देशों को आने वाली उड़ानों को अनुमति देने के लिए तैयार रहना होगा। भारत ने कोरोना वायरस के कारण लगे लॉकडाउन के दो महीने के बाद 25 मई को अपनी घरेलू यात्री उड़ानों को फिर से शुरू किया है।
कुछ देश में शुरू हुआ है परिचालन
उन्होंने कहा कि अधिकतर देशों में 10 प्रतिशत से कम अंतरराष्ट्रीय संचालन हो रहे हैं क्योंकि उन्होंने सिर्फ अपने ही नागरिकों को आने कीअनुमति दी है। विदेशी नागरिकों के आने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा हुआ है। कई देश ऐसे भी हैं जिन्होंने कुछ अन्य देशों से आने की अनुमति तो दे रहे हैं, लेकिन वहां क्वारंटीन जैसी शर्तें हैं। भारत में अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ानें निलंबित हैं लेकिन वंदे भारत मिशन के तहत दुनिया भर के देशों में एयर इंडिया और अन्य एयरलाइंस द्वारा 6 मई 2020 से अब तक उड़ानों में 66500 से अधिक लोग लौटे हैं।
इन राज्यों ने घरेलु उड़ानों को रखा सीमित
पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना और तमिलनाडु राज्यों में दैनिक घरेलू उड़ानों की संख्या सीमित रखी गई है क्योंकि ये राज्य नहीं चाहते हैं कि COVID-19 मामलों की बढ़ती संख्या के बीच ज्यादा यात्रियों का आवागमन हो।
