Iran Protests News / ईरान से भारतीयों को एयरलिफ्ट करने की तैयारी: पहला विमान कल तेहरान से दिल्ली आएगा

ईरान में सरकार विरोधी हिंसक प्रदर्शनों के बीच भारत सरकार ने वहां से अपने नागरिकों को एयरलिफ्ट करने की तैयारी कर ली है। पहला विमान कल तेहरान से नई दिल्ली के लिए उड़ान भरेगा। छात्रों का पंजीकरण पूरा हो चुका है और दूतावास ने उनके पासपोर्ट एकत्र कर लिए हैं। लगभग 10,000 भारतीय ईरान में रहते हैं।

ईरान में जारी सरकार विरोधी हिंसक प्रदर्शनों के मद्देनजर, केंद्र सरकार ने वहां फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए व्यापक तैयारियां कर ली हैं। इस बड़े पैमाने पर चलाए जा रहे एयरलिफ्ट अभियान के तहत, पहला विमान कल तेहरान से नई दिल्ली के लिए रवाना होगा, जिससे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा सकेगी। यह कदम ईरान में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति और संभावित खतरों को देखते हुए। उठाया गया है, जहां सरकार विरोधी प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया है।

छात्रों का पंजीकरण और तैयारी

जम्मू और कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (JKSA) ने एक आधिकारिक बयान जारी कर पुष्टि की है कि ईरान में मौजूद सभी भारतीय छात्रों का पंजीकरण सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है और भारतीय दूतावास ने इन छात्रों की व्यक्तिगत जानकारी और उनके पासपोर्ट एकत्र कर लिए हैं, जो एयरलिफ्ट प्रक्रिया के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। पहले बैच में शामिल होने वाले छात्रों को सुबह 8 बजे तक तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं और इस पहले बैच में मुख्य रूप से गोलेस्तान यूनिवर्सिटी, शाहिद बहेश्ती यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज और तेहरान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज के कुछ छात्र शामिल होंगे। अंतिम सूची देर रात तक साझा की जाएगी, ताकि सभी संबंधित छात्रों को समय पर जानकारी मिल सके।

ईरान में भारतीय नागरिकों की संख्या

आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में ईरान में लगभग 10,000 भारतीय नागरिक निवास कर रहे हैं और इनमें से एक बड़ा हिस्सा, लगभग 2500 से 3000 छात्र हैं, जो मुख्य रूप से चिकित्सा और अन्य विषयों की उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए ईरान गए हुए हैं। इन छात्रों की सुरक्षा भारत सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इसी कारण से उन्हें प्राथमिकता के आधार पर एयरलिफ्ट किया जा रहा है और भारतीय समुदाय के अन्य सदस्यों के लिए भी निकासी की योजना बनाई जा रही है, ताकि कोई भी भारतीय नागरिक संकटग्रस्त क्षेत्र में न फंसा रहे।

विदेश मंत्रालय की एडवाइजरी और हेल्पलाइन

भारत के विदेश मंत्रालय ने ईरान में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों के लिए एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। इस एडवाइजरी में उन्हें अपने पासपोर्ट, वीजा और अन्य सभी आवश्यक दस्तावेजों को हमेशा तैयार रखने की सलाह दी गई है। किसी भी प्रकार की सहायता या जानकारी के लिए, भारतीय दूतावास से संपर्क करने का आग्रह किया गया है। दूतावास ने आपातकालीन संपर्क हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं, जिनमें +989128109115, +989128109109, +989128109102 और +989932179359 शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, cons. tehran@mea. gov. in पर ईमेल के माध्यम से भी संपर्क किया जा सकता है।

ऑनलाइन पंजीकरण और परिवार की भूमिका

विदेश मंत्रालय ने उन सभी भारतीय नागरिकों से भी अनुरोध किया है जिन्होंने अभी तक भारतीय दूतावास में पंजीकरण नहीं कराया है, वे https://www. meaers. com/request/home लिंक के माध्यम से तुरंत पंजीकरण करें। यह लिंक दूतावास की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है। यदि ईरान में इंटरनेट सेवाओं में बाधा के कारण कोई भारतीय नागरिक स्वयं पंजीकरण करने में असमर्थ है, तो भारत में उनके परिवार के सदस्यों से अनुरोध किया गया है कि वे उनकी ओर से पंजीकरण प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। यह सुनिश्चित करने के लिए है कि कोई भी भारतीय नागरिक पंजीकरण। से वंचित न रहे और सभी को समय पर सहायता मिल सके।

भारत-ईरान के विदेश मंत्रियों के बीच बातचीत

इस बीच, बुधवार को भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर। को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची का फोन आया। दोनों विदेश मंत्रियों ने ईरान में मौजूदा हालातों पर विस्तार से चर्चा की। इस बातचीत के बाद, विदेश मंत्रालय (MEA) ने भारतीय नागरिकों को ईरान की यात्रा न करने की सलाह भी जारी की है, जो वहां की अस्थिर स्थिति को दर्शाता है। यह राजनयिक संवाद दोनों देशों के बीच संबंधों और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

अंतर्राष्ट्रीय संदर्भ और अमेरिकी धमकी

भारत सरकार की यह एडवाइजरी और एयरलिफ्ट की तैयारी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की उस धमकी के बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर ईरान देशभर में हो रहे प्रदर्शनों का हिंसा से जवाब देना जारी रखता है, तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई कर सकता है। इस अंतर्राष्ट्रीय दबाव और आंतरिक अशांति के बीच, भारत सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है और यह स्थिति ईरान को एक संवेदनशील क्षेत्र बनाती है, जहां से भारतीयों की सुरक्षित वापसी अत्यंत आवश्यक है।