मध्य पूर्व में जारी संघर्ष अपने 12वें दिन में प्रवेश कर चुका है और इस दौरान युद्ध का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। ईरान ने हाल ही में इजरायल पर किए गए जवाबी हमले का एक आधिकारिक वीडियो जारी किया है। इस वीडियो में एक के बाद एक कई मिसाइलों को लॉन्च होते देखा जा सकता है। मिसाइल लॉन्चिंग के कुछ ही समय बाद प्रभावित क्षेत्रों में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, यह हमला इजरायल की हालिया सैन्य कार्रवाइयों का सीधा जवाब है। हालांकि, इन मिसाइलों के सटीक लक्ष्यों और उनसे हुए नुकसान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है।
ईरान का दावा: तेल अवीव के पास खुफिया केंद्र को बनाया निशाना
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उनके मिसाइल और ड्रोन हमलों ने इजरायल के एक महत्वपूर्ण संचार और खुफिया केंद्र को भारी नुकसान पहुंचाया है। ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेंटर तेल अवीव के दक्षिण में स्थित हाइला इलाके में स्थित है। IRGC के बयान के मुताबिक, ड्रोन हमलों के जरिए इस केंद्र के कंट्रोल रूम को पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया है। ईरान का कहना है कि यह केंद्र इजरायली रक्षा बलों के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण था।
इजरायल और अमेरिका की जवाबी कार्रवाई और तेल डिपो पर हमले
ईरानी हमलों के जवाब में इजरायल और अमेरिकी सेनाओं ने ईरान के भीतर स्थित रणनीतिक ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, तेहरान में एक प्रमुख तेल डिपो को निशाना बनाया गया है, जिससे वहां भीषण आग लग गई। घटनास्थल से उठते काले धुएं के गुबार को कई किलोमीटर दूर से देखा गया। इससे पहले भी ईरान के विभिन्न ऊर्जा बुनियादी ढांचों पर हमले किए गए थे। इजरायली रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इन हमलों का उद्देश्य ईरान की आर्थिक और सैन्य रसद क्षमता को कमजोर करना है।
लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर इजरायली बमबारी
युद्ध का मोर्चा केवल ईरान और इजरायल तक सीमित नहीं है, बल्कि लेबनान में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। इजरायली वायुसेना ने लेबनान की राजधानी बेरूत में हिजबुल्लाह की आर्थिक शाखा, अल-करद-अल-हसन के ठिकानों पर बमबारी की है और यह हमला बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में किया गया, जिसे हिजबुल्लाह का गढ़ माना जाता है। इजरायली सेना का दावा है कि वे हिजबुल्लाह के वित्तीय नेटवर्क को लक्षित कर रहे हैं। दूसरी ओर, हिजबुल्लाह ने भी उत्तरी इजरायल में रॉकेट दागकर जवाबी कार्रवाई की है, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों में तनाव चरम पर है।
इस्फहान एयरबेस पर F-14 फाइटर जेट्स की मौजूदगी
हालिया सैटेलाइट तस्वीरों ने ईरान के इस्फहान स्थित खातामाई एयरबेस की गतिविधियों को उजागर किया है। इन तस्वीरों में एयरबेस पर खड़े पुराने F-14 टॉमकैट फाइटर जेट्स स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। ऐतिहासिक रूप से, ईरान ने 1970 के दशक में अमेरिका से लगभग 75 F-14 जेट खरीदे थे। 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद से ईरान दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है जो अभी भी इन विमानों का संचालन कर रहा है। इजरायली सेना इन एयरबेस को संभावित खतरे के रूप में देख रही है और वहां की गतिविधियों पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है।
इस्फहान न्यूक्लियर साइट पर सुरक्षा और खुदाई कार्य
युद्ध के बीच ईरान की परमाणु साइटों की सुरक्षा को लेकर भी बड़ी जानकारी सामने आई है। इस्फहान स्थित न्यूक्लियर साइट की सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि वहां बड़े पैमाने पर खुदाई और सुरंग बनाने का काम चल रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान अपनी परमाणु संपत्तियों को संभावित हवाई हमलों से बचाने के लिए उन्हें भूमिगत करने की कोशिश कर रहा है। पिछले वर्ष भी इस साइट पर हमले की खबरें आई थीं, जिसके बाद अब इसे और अधिक मजबूत बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। बोनाब शहर में पुलिस मुख्यालय पर भी तीन सिलसिलेवार धमाकों की खबर है, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
🚩The communications center of SES company in Israel, which provides communication and satellite services, was destroyed by missile. pic.twitter.com/YoZGkiFyEq
— Iran Military Media (@IRMilitaryMedia) March 10, 2026
Moment of explosion of an Iranian missile in the city of Tel Aviv https://t.co/it5joxrQtd pic.twitter.com/izyfkC4vxF
— Iran Military Monitor ☫ (@IRIran_Military) March 11, 2026
⚡️BREAKING: IRGC MISSILE WAVE WILL LAST 3 HOURS.
— Suppressed News. (@SuppressedNws1) March 10, 2026
Iran’s IRGC says the 37th wave of Operation “Payambar-e Azadi 4” will last at least 3 hours, using Khaibar Shekan, Ghadr multi-warhead missiles (1-ton payload), and Khorramshahr missiles.
Targets: US base in Erbil, US Fifth… pic.twitter.com/fwBg2dTFs2
