परमाणु और होर्मुज पर ईरान का सख्त रुख: मुज्तबा खामनेई ने अमेरिका को दी कड़ी चेतावनी

ईरान के मुज्तबा खामनेई ने फारस की खाड़ी दिवस पर अमेरिका को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने परमाणु कार्यक्रम, मिसाइल और ड्रोन को देश की पूंजी बताते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य पर किसी भी समझौते से इनकार किया और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए अमेरिका की अनुपस्थिति को जरूरी बताया।

ईरान के सुप्रीम लीडर सैय्यद मोजतबा खामेनेई ने पर्शियन गल्फ डे (फारस की खाड़ी के आजादी दिवस) के मौके पर एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया है। इस बयान में उन्होंने स्पष्ट किया है कि ईरान अमेरिका के दबाव के आगे नहीं झुकेगा और परमाणु कार्यक्रम तथा होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी शर्तों से पीछे नहीं हटेगा। पीस डील पर चल रही बातचीत के बीच मुज्तबा खामनेई ने परमाणु ऊर्जा को ईरान की सबसे बड़ी पूंजी करार दिया है। उन्होंने कहा कि 'शैतान' अमेरिका होर्मुज के जरिए ईरान पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन देश अपनी ताकत किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेगा।

परमाणु, मिसाइल और ड्रोन को बताया राष्ट्रीय पूंजी

मुज्तबा खामनेई ने अपने संबोधन में परमाणु शक्ति के साथ-साथ मिसाइल और ड्रोन हथियारों को ईरान की असली पूंजी बताया और उन्होंने कहा कि ईरान की रक्षा के लिए हजारों लोगों ने शहादत दी है, इसलिए देश किसी भी दबाव में नहीं झुक सकता। उन्होंने पर्शियन गल्फ को ईश्वर का आशीर्वाद और विदेशी शक्तियों के लालच का मुख्य निशाना बताया। उनके अनुसार, पर्शियन गल्फ केवल पानी का एक हिस्सा नहीं है, बल्कि यह ईरान की पहचान और सभ्यता का एक अभिन्न अंग है।

होर्मुज जलडमरूमध्य का रणनीतिक महत्व

होर्मुज स्ट्रेट की महत्ता पर जोर देते हुए मुज्तबा ने कहा कि यह देशों के बीच एक कनेक्टिंग पॉइंट होने के साथ-साथ ओमान सागर के जरिए वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक अनिवार्य और अद्वितीय मार्ग है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस रणनीतिक संपत्ति ने पिछली सदियों में कई 'शैतानों' के लालच को बढ़ावा दिया है। यूरोपीय और अमेरिकी विदेशियों द्वारा किए गए बार-बार के हमलों ने इस क्षेत्र में असुरक्षा और खतरे पैदा किए हैं और उन्होंने इसे दुनिया की घमंडी ताकतों की खतरनाक साजिशों का हिस्सा बताया, जिसका ताजा उदाहरण अमेरिका द्वारा 'तलवार लहराना' है।

90 मिलियन ईरानियों की एकजुटता और तकनीक

मुज्तबा ने कहा कि आज केवल वे लाखों लोग ही नहीं जागे हैं जो जियोनिज्म और अमेरिका के खिलाफ जान देने को तैयार हैं, बल्कि पूरा इस्लामिक उम्माह एकजुट है। उन्होंने बताया कि देश के अंदर और बाहर 90 मिलियन बहादुर ईरानी नागरिक अपनी आध्यात्मिक, मानवीय, वैज्ञानिक और औद्योगिक क्षमताओं को राष्ट्रीय पूंजी मानते हैं। इसमें नैनो और बायो टेक्नोलॉजी से लेकर न्यूक्लियर और मिसाइल तकनीक तक शामिल है। उन्होंने संकल्प जताया कि ईरानी नागरिक इन संसाधनों की रक्षा वैसे ही करेंगे जैसे वे अपनी सीमाओं की रक्षा करते हैं।

क्षेत्रीय सुरक्षा और पड़ोसियों के साथ संबंध

अमेरिका के सहयोगी देशों और पड़ोसियों को संबोधित करते हुए मुज्तबा खामनेई ने कहा कि खोखले अमेरिकी ठिकानों में खुद को सुरक्षित रखने की भी ताकत नहीं है, ऐसे में वे दूसरों को सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकते। उन्होंने विश्वास जताया कि फारस की खाड़ी का भविष्य अमेरिका के बिना उज्ज्वल होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान अपने पड़ोसियों के साथ एक साझा भविष्य साझा करता है और वह सुन्नी देशों के साथ दोस्ती चाहता है, जबकि उसकी दुश्मनी केवल अमेरिका और इजराइल से है। खामनेई के इस बयान ने साफ कर दिया है कि ईरान परमाणु और होर्मुज के मुद्दे पर अपनी शर्तों पर अटल रहेगा।

खामनेई के इस बयान के बाद अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, विशेषकर अमेरिका और सुन्नी देशों की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब परमाणु समझौते और क्षेत्रीय शांति को लेकर बातचीत का दौर जारी है।