खाड़ी क्षेत्र में सैन्य तनाव एक खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है क्योंकि संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच जवाबी हमलों का सिलसिला शुरू हो गया है। ताजा तनाव तब और बढ़ गया जब अमेरिकी सेना ने मंगलवार को 2 दिनों में दूसरी बार ईरान पर हमला बोल दिया। अमेरिकी वायुसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास स्थित इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के ठिकानों को अपना निशाना बनाया। इस सैन्य कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में युद्ध जैसी स्थिति पैदा हो गई है, जिसका असर अब जॉर्डन, कुवैत और बहरीन जैसे पड़ोसी देशों पर भी दिखने लगा है।
होर्मुज के पास अमेरिकी सेना की बड़ी कार्रवाई
अमेरिकी सेंट्रल कमांड द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अमेरिकी सेना ने मंगलवार दोपहर 12 बजे ईरान में IRGC के ठिकानों पर हवाई हमले शुरू किए। सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर स्पष्ट किया कि ये हमले होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों पर IRGC द्वारा किए गए हालिया हमलों और क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए किए गए हैं। अमेरिका का दावा है कि ईरान इस रणनीतिक जलमार्ग में समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश कर रहा था, जिसे नाकाम करने के लिए यह कार्रवाई अनिवार्य थी।
सिरिक में शादी वाले घर पर मिसाइल हमला
इस सैन्य संघर्ष के बीच एक दुखद घटना ईरान के दक्षिणी होर्मोजगन प्रांत के सिरिक काउंटी में सामने आई। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, सोमवार देर रात कुहेस्ताक में एक घर पर अमेरिकी मिसाइल से हमला किया गया। उस समय उस घर में शादी का समारोह चल रहा था। इस भीषण हमले में 1 बच्चे समेत कम से कम 5 लोगों की मौत हो गई और 50 से अधिक लोग घायल हो गए। ईरान के रेड क्रिसेंट ने बताया कि मिसाइल के टुकड़े सीधे घर पर गिरे, जिससे भारी तबाही हुई और घायलों में से कुछ को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर इलाज के लिए मिनाब अस्पताल भेजा गया है। होर्मोजगन प्रांत के डिप्टी गवर्नर अहमद नफीसी ने सरकारी टेलीविजन पर शुरुआत में 2 लोगों की मौत की पुष्टि की थी।
ईरान का पलटवार: जॉर्डन और कुवैत पर हमले
अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा है कि उसने हमलावरों को पछतावा कराने वाला जवाब दिया है। ईरान ने अपनी जमीन से जॉर्डन की ओर 13 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। जॉर्डन की सेना ने जानकारी दी कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने हवाई क्षेत्र में दाखिल होने वाली 13 में से 10 मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया, जबकि 3 मिसाइलें आबादी वाले इलाकों से दूर सुनसान जगहों पर गिरीं। इसी तरह, कुवैत ने भी बताया कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम दुश्मन के ड्रोन हमलों का मुंहतोड़ जवाब दे रहे हैं और ईरानी मीडिया ने यह भी दावा किया कि बहरीन में स्थित अमेरिकी बेस पर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए गए हैं।
डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी और अमेरिकी रुख
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस स्थिति पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए ईरान को चेतावनी दी कि किसी भी जवाबी कार्रवाई का अमेरिका की ओर से बहुत ही कड़ा जवाब दिया जाएगा। ट्रंप ने कहा कि वाशिंगटन होर्मुज के पास ईरानी ठिकानों पर बड़े और शक्तिशाली हमले कर रहा है। उन्होंने इन हमलों को ईरान की उन हरकतों का जवाब बताया जिसमें होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले शामिल थे।
ईरान के विभिन्न हिस्सों में धमाके
ईरानी सरकारी मीडिया और समाचार एजेंसियों के अनुसार, अमेरिका ने ईरान के कई महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया है।
IRGC के दावे और क्षेत्रीय तनाव
IRGC ने अमेरिका पर नागरिक इलाकों में अंधाधुंध और हताशा में हमले करने का आरोप लगाया है। ईरान का कहना है कि इन हमलों ने होर्मुज स्ट्रेट की घेराबंदी को और कड़ा कर दिया है और विदेशी सेनाओं का सामना करने के लिए ईरानी लड़ाकों के संकल्प को मजबूत किया है। IRGC ने यह भी दावा किया कि उन्होंने अपने जवाबी हमले में बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिकों को मार गिराया है, हालांकि अमेरिका ने इस दावे पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। जॉर्डन के मफराक जैसे शहरों में सायरन बजने और रॉकेट रोके जाने की खबरों के बीच पूरा खाड़ी क्षेत्र अब एक बड़े युद्ध की कगार पर खड़ा नजर आ रहा है।
