इराक के बसरा बंदरगाह के पास ईरान द्वारा किए गए हमले में दो अमेरिकी तेल टैंकरों को निशाना बनाया गया है। अधिकारियों के अनुसार, यह हमला उस समय हुआ जब टैंकर पेट्रोलियम उत्पादों की लोडिंग कर रहे थे। इराकी बंदरगाह सुरक्षा अधिकारियों ने पुष्टि की है कि विस्फोटकों से लदी ईरानी नौकाओं ने इन विदेशी टैंकरों को निशाना बनाया, जिससे उनमें भीषण आग लग गई। इस घटना में एक क्रू सदस्य की मृत्यु हो गई है, जबकि 38 अन्य सदस्यों को इराकी सुरक्षाकर्मियों ने सुरक्षित बचा लिया है। लापता लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है। रिपोर्टों के अनुसार, ये जहाज अमेरिकी कंपनी STS से जुड़े थे और इनमें से एक पर माल्टा का झंडा लगा हुआ था।
स्ट्रेट ऑफ हर्मोज की नाकेबंदी और वैश्विक प्रभाव
ईरान ने सामरिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ हर्मोज को बंद करने की घोषणा की है और ईरानी नौसेना ने इस जलडमरूमध्य को पार करने वाले जहाजों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। स्ट्रेट ऑफ हर्मोज वैश्विक तेल व्यापार के लिए सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग माना जाता है, जहाँ से दुनिया के कुल तेल निर्यात का लगभग 20% हिस्सा गुजरता है। इस मार्ग के बंद होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित होने की आशंका बढ़ गई है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि वे अगले 6 महीनों तक इस संघर्ष को जारी रखने के लिए तैयार हैं और उन्होंने क्षेत्र में अपनी नौसैनिक उपस्थिति को और अधिक मजबूत कर लिया है।
बहरीन और यूएई में ईरानी आक्रामकता
ईरान ने अपने हमलों का दायरा बढ़ाते हुए बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के तेल ठिकानों को भी निशाना बनाया है और बहरीन सरकार के आधिकारिक बयान के अनुसार, ईरान ने मुहर्रक गवर्नरेट में स्थित एक ईंधन भंडारण केंद्र के टैंकों पर हमला किया है। संबंधित अधिकारियों ने इस घटना के बाद तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं, संयुक्त अरब अमीरात में भी एक ईरानी हमले की खबर मिली है, जहाँ एक जहाज को निशाना बनाया गया। हमले के बाद जहाज में हल्की आग लग गई थी, जिसे नियंत्रित कर लिया गया है। इन हमलों ने खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।
इराक के तेल निर्यात पर हमलों का असर
इराक की सरकारी कंपनी फॉर पोर्ट्स के प्रमुख फरहान अल-फरतौसी ने अल-इराकिया न्यूज को बताया कि तेल टैंकरों पर हुए हमलों के बाद इराक के तेल बंदरगाहों पर कामकाज पूरी तरह से ठप हो गया है। हालांकि, वाणिज्यिक बंदरगाहों पर परिचालन अभी भी जारी है और अल-फरतौसी के अनुसार, पेट्रोलियम उत्पादों से लदा एक टैंकर लोडिंग की प्रक्रिया में था, तभी वह हमले की चपेट में आ गया। यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि यह हमला सीधे मिसाइल से किया गया था या पानी में इस्तेमाल होने वाले आत्मघाती आईईडी (IED) नौकाओं का उपयोग किया गया था और सुरक्षा एजेंसियां हमले के सटीक स्वरूप की जांच कर रही हैं।
राष्ट्रपति ट्रंप का बयान और अमेरिकी रणनीति
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने केंटकी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दावा किया कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ इस संघर्ष में जीत हासिल कर ली है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना बहुत जल्द अपना लक्ष्य पूरा कर लेगी और सैन्य अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक मिशन पूरी तरह से समाप्त नहीं हो जाता। राष्ट्रपति के इस बयान के कुछ ही घंटों बाद बसरा में अमेरिकी टैंकरों पर हमला हुआ, जो क्षेत्र में तनाव की गंभीरता को दर्शाता है। अमेरिका वर्तमान में इस युद्ध से बाहर निकलने के रास्ते तलाश रहा है, जबकि ईरान ने अपनी सैन्य गतिविधियों और रिफाइनरियों पर हमलों को और अधिक तेज कर दिया है।
