- भारत,
- 12-Jan-2026 09:37 AM IST
- (, अपडेटेड 12-Jan-2026 09:50 AM IST)
ईरान में 28 दिसंबर को शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों ने पूरे देश को अपनी चपेट में ले लिया है, जिससे आर्थिक संकट और महंगाई के खिलाफ जनता का गुस्सा भड़क उठा है। इन गंभीर परिस्थितियों के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ईरान को कड़ी चेतावनी दे रहे हैं। इसी कड़ी में, ट्रंप के बेहद करीबी और अमेरिका के प्रभावशाली रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है। ग्राहम ने खुले तौर पर कहा है कि अगर वह राष्ट्रपति ट्रंप की जगह होते, तो ईरानी सर्वोच्च नेता खामेनेई को 'खत्म' कर देते।
ग्राहम का भड़काऊ रुख
हाल ही में फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में, लिंडसे ग्राहम ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा। कि अमेरिकी कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य प्रदर्शनकारियों का मनोबल बढ़ाना और ईरानी शासन को बुरी तरह डराना होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "अगर मैं राष्ट्रपति ट्रंप की जगह होता, तो मैं उन लीडर्स को खत्म कर देता जो लोगों को मार रहे हैं। इसे आपको रोकना ही होगा। " ग्राहम का यह बयान ईरान में मानवाधिकारों के उल्लंघन और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई के संदर्भ में आया है, जहां सुरक्षा बलों द्वारा दमन की खबरें लगातार सामने आ रही हैं और उनका मानना है कि ऐसे कठोर कदम से ही ईरान में जारी हिंसा और अस्थिरता पर लगाम लगाई जा सकती है।क्षेत्रीय शांति का दृष्टिकोण
ग्राहम ने अपने बयान में आगे कहा कि यदि इस संघर्ष का अंत सही तरीके से होता है, तो मध्य पूर्व में स्थायी शांति स्थापित होगी। उनके अनुसार, यह कदम राज्य-प्रायोजित आतंकवाद की सभी गतिविधियों को रोक देगा। उन्होंने विशेष रूप से हिजबुल्लाह और हमास जैसे संगठनों के खात्मे की बात कही, जिन्हें ईरान का समर्थन प्राप्त माना जाता है और ग्राहम का मानना है कि इससे इजराइल और सऊदी अरब के बीच भी शांति स्थापित होगी, जिससे पूरे मिडिल ईस्ट में एक नए और सकारात्मक दौर की शुरुआत हो सकती है। यह दृष्टिकोण दर्शाता है कि ग्राहम ईरान के वर्तमान नेतृत्व। को इस क्षेत्र में अस्थिरता का मुख्य कारण मानते हैं।खामेनेई को पहले भी चेतावनी
यह पहली बार नहीं है जब रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई को चेतावनी दी है। इससे पहले भी दिए गए इंटरव्यू में, ग्राहम ने खामेनेई को आगाह किया था कि यदि देश के सुरक्षाबलों ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखी, तो उन्हें इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। उन्होंने स्पष्ट संकेत दिया था कि यदि दमन और तेज हुआ और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ ऐसे ही एक्शन लिए गए, तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अयातुल्लाह अली खामेनेई की हत्या का आदेश भी दे सकते हैं और ग्राहम ने ईरानी लोगों से एकजुटता दिखाते हुए कहा था, "हम आज रात आपके साथ खड़े हैं। हम आपके उस संघर्ष के साथ हैं, जिसमें आप अपने देश को खामेनेई से वापस लेना चाहते हैं। " उन्होंने खामेनेई को सीधे संबोधित करते हुए कहा था, "आपको यह समझना चाहिए कि अगर आप बेहतर जिंदगी की मांग कर रहे अपने ही लोगों को मारते रहे, तो डोनाल्ड ट्रंप आपको मार देंगे।ईरान में बढ़ते विरोध प्रदर्शन
ट्रंप के लंबे समय से सहयोगी रहे ग्राहम ने अपने बयानों। में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी का भी हवाला दिया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अन्य वैश्विक नेता ट्रंप को कमजोर। करने की कोशिश करेंगे, तो उनके साथ भी ऐसा ही हो सकता है। ग्राहम ने कहा, "अगर आप उनका विरोध करते हैं, अगर आप पुराने सिस्टम का हिस्से हैं और उन्हें कमजोर करने की कोशिश करते हैं, तो मादुरो के साथ जो हुआ, वही आपके साथ होगा। " यह बयान अंतरराष्ट्रीय मंच पर ट्रंप प्रशासन की दृढ़ता और विरोधियों के प्रति उनकी कठोर नीति को दर्शाता है। ईरान में विरोध प्रदर्शनों की शुरुआत 28 दिसंबर को आर्थिक संकट और बढ़ती महंगाई के विरोध में हुई थी। तेहरान में दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दी थीं, जिसके बाद यह विरोध पूरे देश में फैल गया। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सुरक्षाबलों को तैनात किया गया, जिसके परिणामस्वरूप प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच कई झड़पें हुईं। इन झड़पों में अब तक 500 लोगों की मौत हो चुकी है, और हजारों लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान खींचा है और ट्रंप प्रशासन को ईरान के खिलाफ कड़े कदम उठाने पर विचार करने के लिए प्रेरित किया है।ट्रंप की संभावित कार्रवाई
ईरान में बिगड़ती स्थिति और अपने सहयोगी लिंडसे ग्राहम के बयानों के बीच, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ईरान पर हमले को लेकर चेतावनी दे रहे हैं और सीएनएन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इन विरोध प्रदर्शनों के जवाब में सैन्य और गैर-सैन्य दोनों तरह के विकल्पों पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। यह दर्शाता है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ अपनी नीति में और अधिक आक्रामक रुख अपना सकता है, जिससे मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ने की आशंका है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है, क्योंकि किसी भी अमेरिकी कार्रवाई के दूरगामी परिणाम हो सकते हैं।The future of Iran belongs to its people.
— Lindsey Graham (@LindseyGrahamSC) January 11, 2026
President @realDonaldTrump has shown he knows how to support them and how to deter the ayatollah.
A new day is coming. pic.twitter.com/uBq96MLTSh
