IND vs NZ / ईशान किशन बनाम संजू सैमसन: 32 टी20 इंटरनेशनल मैचों के बाद किसका पलड़ा भारी?

टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए टीम इंडिया में ईशान किशन और संजू सैमसन दोनों को जगह मिली है। 32 टी20 इंटरनेशनल मैचों के बाद उनके रिकॉर्ड की तुलना की गई है। ईशान किशन रन, औसत और अर्धशतकों के मामले में आगे हैं, जबकि संजू सैमसन का स्ट्राइक रेट बेहतर है।

टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारतीय क्रिकेट टीम के स्क्वॉड का हाल ही में ऐलान किया गया था, जिसमें दो युवा और प्रतिभाशाली विकेटकीपर-बल्लेबाज, ईशान किशन और संजू सैमसन, दोनों को शामिल किया गया है। यह चयन निश्चित रूप से टीम प्रबंधन के लिए एक दिलचस्प चुनौती पेश करता है, क्योंकि यह तय करना होगा कि इन दोनों में से किसे पहले प्लेइंग इलेवन में मौका मिलेगा। दोनों ही खिलाड़ी अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग क्षमताओं के लिए जाने जाते हैं। इस महत्वपूर्ण मोड़ पर, उनके शुरुआती करियर के प्रदर्शन का विश्लेषण करना आवश्यक हो जाता है, खासकर जब हम उनके पहले 32 टी20 इंटरनेशनल मैचों के आंकड़ों पर गौर करते हैं और यह तुलना हमें उनकी क्षमता और टीम के लिए उनके संभावित योगदान की एक स्पष्ट तस्वीर प्रदान करेगी।

रन और औसत में ईशान किशन का दबदबा

जब बात 32 टी20 इंटरनेशनल मैचों के बाद कुल रनों की आती। है, तो ईशान किशन ने संजू सैमसन पर स्पष्ट बढ़त बनाई है। ईशान किशन ने अपने करियर के पहले 32 टी20 इंटरनेशनल मैचों में 32 पारियों में बल्लेबाजी करते हुए कुल 796 रन बनाए हैं और इस दौरान उनका बल्लेबाजी औसत 25. 67 का रहा है, जो एक सलामी बल्लेबाज के लिए सम्मानजनक माना जा सकता है और दूसरी ओर, संजू सैमसन ने अपने पहले 32 टी20 इंटरनेशनल मैचों की 28 पारियों में 483 रन बनाए हैं। उनका औसत 19. 32 रहा है, जो ईशान किशन के मुकाबले काफी कम है। यह आंकड़ा स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि ईशान किशन ने शुरुआती। दौर में अधिक रन बनाए हैं और उनका प्रदर्शन अधिक सुसंगत रहा है।

शतक और अर्धशतक: ईशान ने जड़े अधिक फिफ्टी

बड़ी पारियां खेलने की क्षमता किसी भी टी20 बल्लेबाज के लिए महत्वपूर्ण होती है। 32 टी20 इंटरनेशनल मैचों के बाद, दोनों ही खिलाड़ियों ने अभी तक कोई शतक नहीं लगाया है, जो यह दर्शाता है कि उन्हें अभी भी अपनी पारियों को बड़े स्कोर में बदलने पर काम करने की आवश्यकता है। हालांकि, अर्धशतकों के मामले में ईशान किशन ने संजू सैमसन को पीछे छोड़ दिया है और ईशान किशन ने अपने पहले 32 मैचों में छह अर्धशतक लगाए हैं, जो उनकी निरंतरता और स्कोर को आगे बढ़ाने की क्षमता को दर्शाता है। इसके विपरीत, संजू सैमसन अपने पहले 32 टी20 इंटरनेशनल मैचों में केवल दो अर्धशतक ही लगा पाए थे और यह अंतर बताता है कि ईशान किशन ने अधिक बार टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है और मैच जिताऊ पारियां खेली हैं।

स्ट्राइक रेट में संजू सैमसन की बढ़त

टी20 क्रिकेट में स्ट्राइक रेट एक महत्वपूर्ण मानदंड है, जो यह दर्शाता है कि कोई बल्लेबाज कितनी तेजी से रन बनाता है और इस पहलू में संजू सैमसन ने ईशान किशन पर थोड़ी बढ़त हासिल की है। 32 टी20 इंटरनेशनल मैचों के बाद ईशान किशन का स्ट्राइक रेट 124. 37 का रहा है, जो अच्छा है लेकिन बहुत विस्फोटक नहीं और वहीं, संजू सैमसन का स्ट्राइक रेट 132. 69 का रहा है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि संजू सैमसन ने भले ही कम रन बनाए हों, लेकिन उन्होंने उन रनों को अधिक तेजी से बनाया है। यह उनकी आक्रामक बल्लेबाजी शैली का प्रमाण है और मध्यक्रम में तेजी से रन बनाने की उनकी क्षमता को उजागर करता है।

चौके और छक्के: बाउंड्री लगाने में ईशान आगे

टी20 क्रिकेट में बाउंड्री लगाना मैच का रुख बदल सकता है और चौके और छक्के लगाने की क्षमता के मामले में भी ईशान किशन ने संजू सैमसन को पीछे छोड़ दिया है। ईशान किशन ने अपने पहले 32 टी20 इंटरनेशनल मैचों में कुल 79 चौके और 36 छक्के लगाए हैं। यह उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और गेंद को बाउंड्री पार भेजने की क्षमता को दर्शाता है। दूसरी ओर, संजू सैमसन ने इतने ही मैचों में 42 चौके और 19 छक्के लगाए हैं। यह स्पष्ट रूप से दिखाता है कि ईशान किशन ने अधिक बार गेंद को बाउंड्री के पार पहुंचाया है, जो टीम के स्कोरबोर्ड को तेजी से चलाने में मदद करता है।

कुल मिलाकर, 32 टी20 इंटरनेशनल मैचों के बाद के आंकड़ों पर गौर करें तो ईशान किशन रन, औसत, अर्धशतक और बाउंड्री लगाने के मामले में संजू सैमसन से आगे दिखते हैं। हालांकि, संजू सैमसन का स्ट्राइक रेट बेहतर रहा है, जो उनकी विस्फोटक क्षमता को दर्शाता है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए टीम इंडिया में दोनों की मौजूदगी के साथ, यह देखना दिलचस्प होगा कि टीम प्रबंधन किस खिलाड़ी को पहले मौका देता है और कौन अपनी छाप छोड़ने में कामयाब रहता है। दोनों ही खिलाड़ियों के पास अपनी प्रतिभा साबित करने का बेहतरीन अवसर होगा।