इजराइल और ईरान के बीच जारी भीषण संघर्ष के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है और इजराइल के रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज ने दावा किया है कि इजराइली सेना ने ईरान के दूसरे सबसे शक्तिशाली नेता अली लारिजानी को एक सैन्य अभियान में मार गिराया है। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, यह हमला सोमवार (16 मार्च) की रात को लारिजानी के गुप्त ठिकानों को निशाना बनाकर किया गया था। हालांकि, ईरान सरकार और लारिजानी के कार्यालय ने इस दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।
इजराइली रक्षा मंत्री का बयान और हमले का विवरण
इजराइल के रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज के अनुसार, खुफिया जानकारी के आधार पर लारिजानी के ठिकानों पर सटीक हमला किया गया था। इजराइली मीडिया ने डिफेंस फोर्स (IDF) के सूत्रों के हवाले से बताया कि यह ऑपरेशन एक गुप्त खुफिया रिपोर्ट पर आधारित था। इजराइल वर्तमान में इस बात की पुष्टि करने की प्रक्रिया में है कि हमले के समय लारिजानी उस स्थान पर मौजूद थे या नहीं और अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु के बाद, लारिजानी ही ईरान की सैन्य गतिविधियों और रणनीतिक निर्णयों का समन्वय कर रहे थे।
ईरान की आधिकारिक प्रतिक्रिया और खंडन
ईरान ने इजराइल के इन दावों को मनोवैज्ञानिक युद्ध का हिस्सा बताते हुए खारिज कर दिया है। लारिजानी के दफ्तर से जारी एक बयान में कहा गया है कि ईरान की सर्वोच्च सुरक्षा परिषद के प्रमुख जल्द ही अपना संदेश जारी करेंगे। ईरान का कहना है कि लारिजानी सुरक्षित हैं और अपने कर्तव्यों का पालन कर रहे हैं। सोमवार (16 मार्च) को ही लारिजानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा किया था, जिसमें उन्होंने मुस्लिम देशों को संबोधित करते हुए एक पत्र लिखा था।
बासिज फोर्स के प्रमुख पर भी इजराइल का दावा
अली लारिजानी के अलावा, इजराइल डिफेंस फोर्स ने एक और बड़ा दावा किया है। आईडीएफ के अनुसार, उन्होंने ईरान के सबसे बड़े अर्ध-सरकारी संगठन 'बासिज फोर्स' के प्रमुख गुलाम रजा सुलेमानी को भी मार गिराया है। बासिज फोर्स ईरान की आंतरिक सुरक्षा और सैन्य लामबंदी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सुलेमानी की मौत की पुष्टि के संबंध में भी ईरान की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
अली लारिजानी का राजनीतिक कद और प्रभाव
अली लारिजानी ईरान की राजनीति में एक अत्यंत प्रभावशाली व्यक्तित्व रहे हैं। उन्हें अयातुल्ला अली खामेनेई का बेहद करीबी माना जाता था और जून 2025 में उन्हें सर्वोच्च सुरक्षा परिषद का सचिव नियुक्त किया गया था। लारिजानी ईरान में राष्ट्रपति पद का चुनाव भी लड़ चुके हैं और उनकी गिनती कट्टरपंथी नेताओं में होती है। हाल ही में अमेरिकी सेंटकॉम कमांड ने उन्हें अपनी हिटलिस्ट में शामिल किया था और उनके बारे में जानकारी देने पर इनाम की घोषणा भी की थी।
ईरान की उत्तराधिकार नीति और वर्तमान स्थिति
28 फरवरी को ईरान पर इजराइल और अमेरिका के हमलों की शुरुआत के बाद से अब तक ईरान के लगभग 40 शीर्ष कमांडरों की मौत हो चुकी है। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने इस स्थिति से निपटने के लिए '4 उत्तराधिकारी' का फॉर्मूला लागू किया है। इस नीति के तहत, यदि किसी उच्च पदस्थ अधिकारी की हत्या होती है, तो पहले से निर्धारित चार उत्तराधिकारियों में से एक तुरंत पदभार संभाल लेता है। वर्तमान में ईरान के नए सुप्रीम लीडर के घायल होने की खबरों के बीच लारिजानी ही सभी बड़े प्रशासनिक और सैन्य फैसले ले रहे थे।
